Bengal: सर्किट हाउस खाली कराने पर महुआ मोइत्रा ने ओम बिरला को दिया नोटिस, अधिकारियों पर क्या गंभीर आरोप लगाए?
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर स्थित नदिया सर्किट हाउस से देर रात कमरा खाली कराने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार नोटिस दिया है। उन्होंने तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रोटोकॉल तोड़ने और उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है। माकपा सांसद के. राधाकृष्णन ने भी मामले की जांच की मांग की है। रात में ऐसा क्या हुआ कि मामला संसद तक पहुंच गया? आइए, विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
कृष्णनगर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने 16 अगस्त को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने विशेषाधिकार नोटिस दिया। उन्होंने नदिया के जिलाधिकारी श्रीकांत पाली, अतिरिक्त जिलाधिकारी निरपेंद्र सिंह और नाजरेथ डिप्टी कलेक्टर अनामिका बेरा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मोइत्रा का आरोप है कि 14 अगस्त की रात उन्हें नदिया सर्किट हाउस खाली करने के लिए कहा गया, जबकि वह पहले से वहां ठहरी हुई थीं।
रात में ऐसा क्या हुआ?
मोइत्रा के अनुसार, वह 14 अगस्त को शाम करीब 6:15 बजे नदिया सर्किट हाउस पहुंचीं। उन्हें उनका सामान्य कमरा दिया गया था और कमरा पहले से तैयार था। शाम सात बजे उन्हें चाय और रात 9:20 बजे कमरे में खाना भी दिया गया। इसके करीब आधे घंटे बाद रात 9:47 बजे अतिरिक्त जिलाधिकारी ने फोन कर उन्हें सर्किट हाउस खाली करने को कहा। कारण पूछने पर कथित तौर पर बताया गया कि यह आदेश ऊपर से आया है।
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प्रशासन ने क्या वजह बताई?
मोइत्रा के मुताबिक, रात 10:52 बजे उन्हें नाजरेथ डिप्टी कलेक्टर ने व्हाट्सऐप पर 12 अगस्त का एक आदेश भेजा। इसमें कहा गया था कि 14 अगस्त की शाम से अगले आदेश तक सर्किट हाउस में सेवा उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि वहां सालाना रखरखाव और सफाई का काम होना था। हालांकि आदेश में 13 अगस्त से पहले की गई पुष्टि वाली बुकिंग को इससे अलग रखा गया था। मोइत्रा ने सवाल उठाया कि अगर आदेश 12 अगस्त को जारी हुआ था तो उन्हें रात 10 बजे के बाद ही क्यों बताया गया।
मोइत्रा ने सुरक्षा को लेकर क्या सवाल उठाए?
मोइत्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस रात सर्किट हाउस में कई सरकारी अधिकारी ठहरे हुए थे। उनके मुताबिक, वहां किसी बड़े स्तर पर सफाई या रखरखाव का काम भी नहीं हो रहा था। उन्होंने रात करीब 11 बजे सर्किट हाउस के बाहर भीड़ और नारेबाजी सुनने का दावा किया। मोइत्रा ने कहा कि सर्किट हाउस पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी के सरकारी आवास के सामने स्थित है और इलाका हाई सिक्योरिटी जोन है।
संसद में मामले को लेकर क्या मांग हुई?
मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष से तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग की है। उन्होंने अंतरिम तौर पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश देने की मांग भी की है, ताकि कृष्णनगर आने पर उन्हें सांसदों को मिलने वाला प्रोटोकॉल और सर्किट हाउस की सुविधा मिल सके। उन्होंने इसे अपने संसदीय काम में बाधा और डराने-धमकाने की कोशिश बताया है।
माकपा सांसद ने भी उठाए सवाल
माकपा सांसद के. राधाकृष्णन ने भी ओम बिरला को पत्र लिखकर मामले की औपचारिक जांच कराने या इसे विशेषाधिकार समिति को भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा महिला सांसद के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर मामला है और इससे उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने सभी राज्यों में सांसदों के साथ इस तरह की स्थिति न बनने देने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग की।
क्या पहले भी हुआ है विवाद?
महुआ मोइत्रा और नदिया में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच पहले भी टकराव के आरोप सामने आए हैं। मोइत्रा ने एक जुलाई को आरोप लगाया था कि नदिया में एक तृणमूल कार्यालय के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंडे, सब्जियां और पत्थर फेंके। भाजपा ने इस आरोप से इनकार करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी बताया था। इससे पहले पांच जुलाई को मोइत्रा ने कृष्णनगर के पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी विशेषाधिकार नोटिस दिया था।