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One Officer-One Official Car: एक अधिकारी-एक सरकारी गाड़ी का नियम लागू, क्या सरकारी फिजूल खर्च पर लगेगी रोक?
Tue, 28 Jul 2026 09:01 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Tue, 28 Jul 2026 09:01 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब एक अधिकारी को केवल एक ही सरकारी गाड़ी मिलेगी, भले ही उसके पास किसी दूसरे मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (पीएसयू) या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार क्यों न हो। सरकार का कहना है कि इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। आखिर नया नियम क्या है और इससे क्या बदलाव आएगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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क्या है नया नियम?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के इस्तेमाल में पारदर्शिता और खर्च में कमी लाने के लिए 'एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी' का नया नियम लागू कर दिया है। इसके तहत अब किसी भी अधिकारी को सिर्फ इसलिए दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं मिलेगी कि उसके पास किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को रोकना, एक ही अधिकारी को कई गाड़ियां देने की व्यवस्था खत्म करना और सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
सरकार ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को नया कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) जारी किया है। इसमें 1 सितंबर 2022 को जारी स्टाफ कारों के उपयोग संबंधी व्यापक दिशा-निर्देशों को और मजबूत करते हुए सभी मंत्रालयों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी पहले से सरकारी स्टाफ कार का पात्र है, तो अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर उसे दूसरी सरकारी गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी। उसे पहले से मिली गाड़ी का ही उपयोग करना होगा।
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सरकार ने इस संबंध में वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को नया कार्यालय ज्ञापन (ऑफिस मेमोरेंडम) जारी किया है। इसमें 1 सितंबर 2022 को जारी स्टाफ कारों के उपयोग संबंधी व्यापक दिशा-निर्देशों को और मजबूत करते हुए सभी मंत्रालयों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अधिकारी पहले से सरकारी स्टाफ कार का पात्र है, तो अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने पर उसे दूसरी सरकारी गाड़ी आवंटित नहीं की जाएगी। उसे पहले से मिली गाड़ी का ही उपयोग करना होगा।
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