India: 500 से ज्यादा बड़ी कंपनियां, फिर भी महिला CEO सिर्फ नौ; कॉरपोरेट की टॉप कुर्सी महिलाओं से दूर क्यों?
बुधवार को संसद में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों से पता चला है कि भारत की सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शीर्ष नेतृत्व के पदों पर महिलाओं की भागीदारी अभी भी बेहद कम है। देश की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में सिर्फ 9 महिलाएं चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और 25 महिलाएं मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के पद पर कार्यरत हैं।
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विस्तार
भारत की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में महिला नेतृत्व की तस्वीर अभी भी चिंताजनक रूप से असमान है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन कंपनियों में सिर्फ 9 महिला CEO और 25 महिला MD हैं, जबकि कुल 860 महिलाएं डायरेक्टर या बोर्ड सदस्य के रूप में शामिल हैं। देश में सक्रिय कंपनियों में महिला डायरेक्टरों की संख्या 1.16 मिलियन के करीब होने के बावजूद, शीर्ष कार्यकारी पदों तक उनकी पहुंच सीमित बनी हुई है। सरकार ने फिलहाल इस अंतर को दूर करने के लिए किसी नए नीति उपाय, प्रोत्साहन या विविधता लक्ष्य पर विचार नहीं करने की बात कही है।
क्या कहता है सरकार का आंकड़ा?
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस की सांसद सायनी घोष के एक सवाल के जवाब में कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि MCA21 डेटाबेस में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टर्नओवर के आधार पर देश की टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों में सिर्फ 9 महिला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) और 25 महिला मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) हैं।
इन कंपनियों के बोर्ड में कितनी महिलाएं हैं?
आंकड़ों के मुताबिक, इन 500 कंपनियों में कुल 860 महिलाएं डायरेक्टर और बोर्ड सदस्य के तौर पर शामिल थीं। इनमें 738 डायरेक्टर, 67 होल-टाइम डायरेक्टर, 25 मैनेजिंग डायरेक्टर, 18 एडिशनल डायरेक्टर और 12 नॉमिनी डायरेक्टर शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनियों ने 22 महिला चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) होने की भी जानकारी दी है।
क्या बड़े कॉरपोरेट इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा है?
शीर्ष नेतृत्व में महिलाओं की मौजूदगी भले ही सीमित हो, लेकिन व्यापक कॉरपोरेट इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी इससे कहीं अधिक है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर में कुल 3.9 मिलियन डायरेक्टरों में से करीब 1.16 मिलियन महिलाएं सक्रिय कंपनियों में डायरेक्टर के तौर पर जुड़ी हुई हैं।
देश में कितनी सक्रिय कंपनियां और LLP हैं?
सरकार के अनुसार, भारत में इस समय करीब 2.14 मिलियन सक्रिय कंपनियां और 506,000 से अधिक सक्रिय लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) हैं। पिछले एक दशक के दौरान करीब 1.55 मिलियन कंपनियां पंजीकृत हुई हैं।
क्या सरकार ने महिला डायरेक्टरों के सामने आने वाली बाधाओं का आकलन किया है?
सरकार ने कहा है कि उसने उन विशेष बाधाओं का कोई अलग से आकलन नहीं किया है, जो महिला डायरेक्टरों को वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिकाओं तक पहुंचने में रोक सकती हैं। अपने लिखित जवाब में केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि मंत्रालय ने कॉरपोरेट इंडिया में महिला डायरेक्टरों की प्रगति को प्रभावित करने वाली चुनौतियों का अलग से अध्ययन नहीं किया है।
क्या महिलाओं की नेतृत्व भागीदारी बढ़ाने के लिए नई नीति आएगी?
मंत्री ने संकेत दिया कि महिला डायरेक्टरों की नियुक्ति से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों को देखते हुए फिलहाल किसी नए नीतिगत उपाय, प्रोत्साहन या विविधता लक्ष्य पर विचार नहीं किया जा रहा है।
किन पदों का डेटा मंत्रालय के पास उपलब्ध नहीं है?
हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि कंपनीज एक्ट, 2013 में 'चेयरपर्सन' या 'चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर' (CTO) के पदों को परिभाषित नहीं किया गया है। इसलिए मंत्रालय इन पदों से संबंधित आंकड़े नहीं रखता है।
महिला डायरेक्टर नियुक्त न करने वाली कंपनियों पर क्या कार्रवाई हुई?
MCA ने उन कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी साझा की, जो महिला डायरेक्टर नियुक्त करने की अनिवार्यता को पूरा करने में विफल रहीं। वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) ने ऐसे उल्लंघनों के लिए 50 एडजुडिकेशन ऑर्डर जारी किए और कुल 71.01 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
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किस साल सबसे ज्यादा एडजुडिकेशन ऑर्डर जारी हुए?
आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में महिला डायरेक्टर नियुक्ति संबंधी नियमों के उल्लंघन पर सिर्फ 2 एडजुडिकेशन ऑर्डर जारी हुए थे। यह संख्या 2022-23 में बढ़कर 10 और 2023-24 में 19 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसके बाद 2024-25 में यह घटकर 11 और 2025-26 में 8 रह गई।