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737 भारतीय सिखों को पाक वीजा: गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर होंगे शामिल, 10 से 19 जून तक चलेगा महोत्सव
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 08 Jun 2026 07:03 PM IST
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सार
पाकिस्तानी उच्चायोग ने गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस पर आयोजित होने वाले सालाना महोत्सव के लिए 737 भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी किया है। यह यात्रा 10 से 19 जून 2026 तक चलेगी, जो दोनों देशों के बीच 1974 के द्विपक्षीय धार्मिक यात्रा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित हो रही है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच आस्था का एक बड़ा पुल तैयार हुआ है। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। उच्चायोग ने भारत के 737 सिख श्रद्धालुओं को वीजा जारी कर दिया है। यह सभी श्रद्धालु पाकिस्तान में आयोजित होने वाले सालाना महोत्सव में हिस्सा लेंगे। यह धार्मिक कार्यक्रम पांचवें सिख गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया जा रहा है। पाकिस्तानी उच्चायोग ने खुद एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है।
10 दिनों की धार्मिक यात्रा
यह पूरा धार्मिक कार्यक्रम 10 जून से 19 जून 2026 तक पाकिस्तान में आयोजित होगा। इन 10 दिनों के दौरान भारतीय श्रद्धालु पाकिस्तान के विभिन्न पवित्र सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। सिख समाज के लिए यह बेहद पवित्र और भावुक अवसर होता है। हर साल भारत से भारी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर पाकिस्तान जाना चाहते हैं। इस बार भी कड़ी सुरक्षा और जांच के बाद 737 यात्रियों को हरी झंडी मिली है।
यह भी पढ़ें: Explainer: क्या चीन किम की परमाणु योजना के साथ? सात साल बाद उत्तर कोरिया पहुंचे जिनपिंग, ट्रंप को क्या संदेश?
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द्विपक्षीय समझौते के तहत वीजा
सिख श्रद्धालुओं को यह वीजा दोनों देशों के बीच हुए एक खास समझौते के तहत दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1974 में धार्मिक स्थलों की यात्रा को लेकर एक द्विपक्षीय प्रोटोकॉल बना था। इसी द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के प्रावधानों के तहत हर साल दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के यहां स्थित धार्मिक स्थलों पर जाने की अनुमति मिलती है। सीमा पर तनाव के बावजूद इस समझौते के तहत धार्मिक यात्राएं जारी रहती हैं।
शहीदी दिवस का ऐतिहासिक महत्व
सिख इतिहास में गुरु अर्जुन देव जी का सर्वोच्च स्थान है। वह सिखों के पांचवें गुरु थे। साल 1606 में उनका बलिदान हुआ था। उनका शहीदी दिवस पूरी दुनिया के सिख समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मौके पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में विशेष अरदास और नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है। भारतीय श्रद्धालु इसी मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए सीमा पार जा रहे हैं।
10 दिनों की धार्मिक यात्रा
यह पूरा धार्मिक कार्यक्रम 10 जून से 19 जून 2026 तक पाकिस्तान में आयोजित होगा। इन 10 दिनों के दौरान भारतीय श्रद्धालु पाकिस्तान के विभिन्न पवित्र सिख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। सिख समाज के लिए यह बेहद पवित्र और भावुक अवसर होता है। हर साल भारत से भारी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर पर पाकिस्तान जाना चाहते हैं। इस बार भी कड़ी सुरक्षा और जांच के बाद 737 यात्रियों को हरी झंडी मिली है।
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द्विपक्षीय समझौते के तहत वीजा
सिख श्रद्धालुओं को यह वीजा दोनों देशों के बीच हुए एक खास समझौते के तहत दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच साल 1974 में धार्मिक स्थलों की यात्रा को लेकर एक द्विपक्षीय प्रोटोकॉल बना था। इसी द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के प्रावधानों के तहत हर साल दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के यहां स्थित धार्मिक स्थलों पर जाने की अनुमति मिलती है। सीमा पर तनाव के बावजूद इस समझौते के तहत धार्मिक यात्राएं जारी रहती हैं।
शहीदी दिवस का ऐतिहासिक महत्व
सिख इतिहास में गुरु अर्जुन देव जी का सर्वोच्च स्थान है। वह सिखों के पांचवें गुरु थे। साल 1606 में उनका बलिदान हुआ था। उनका शहीदी दिवस पूरी दुनिया के सिख समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस मौके पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों में विशेष अरदास और नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है। भारतीय श्रद्धालु इसी मुख्य समारोह में शामिल होने के लिए सीमा पार जा रहे हैं।