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LIVE: पीएम ने कहा-मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं, मोहब्बत की दुकान वाले 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे लगा रहे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 05 Feb 2026 04:57 PM IST
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सार
PM Modi Live: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अर्थव्यवस्था, व्यापार समझौतों समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब है। राज्यसभा में पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
राज्यसभा में पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा को संबोधित किया। विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी के बीच उन्होंने कहा, धन्यवाद प्रस्ताव पर समर्थन के लिए इस सदन में अपनी भावनाओं को व्यक्त करना मैं अपना सौभाग्य मानता हूं। देश आज तेज प्रगति कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत की सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरक है।
उन्होंने कहा, पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर बहुत ही निर्णायक बना था। मैं साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है और उतना ही तेजी से आगे बढ़ने वाला है। राष्ट्र का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त कर के ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने खरगे की उम्र को लेकर कसा तंज
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे बोलना चाहें तो बोल सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं।
'युवा होता जा रहा हमारा देश'
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, वर्तमान में हम देखें तो भारत के भाग्य के अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है।
भारत के प्रति बढ़ा दुनिया का आकर्षण
उन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के टैलेंट का महत्व समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।
'दुनिया की चुनौतियों को समाधान दे रहा भारत'
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उनका समाधान देने वाला देश, आशा की किरण देने वाला दे बना हुआ है और हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत का ग्रोथ काफी ऊंचा है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।
ये भी पढ़ें: West Bengal Polls: TMC के बाद कांग्रेस भी अकेले लड़ेगी चुनाव, 294 सीटों पर ममता के उम्मीदवारों से सीधा मुकाबला
भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले पीएम मोदी?
यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, आज पूरा विश्व वैश्विक दक्षिण की चर्चा करता है, लेकिन उस चर्चा के सूत्रधार के रूप में आज भारत वैश्विक मंचों पर वैश्विक दक्षिण की बुलंद आवाज बन गया है। अनेक देशों के साथ आज भारत फ्यूचर रेडी ट्रेड डील कर रहा है। पिछले कुछ ही समय में दुनिया के अहम नौ बड़े ट्रेड डील हुए हैं। उसमें मदर ऑफ ऑल ट्रे़ड डील (एक साथ 27 देशों के साथ) यूरोपीय संघ के साथ हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा, जो लोग थक गए, बेचारे चले गए। लेकिन इनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे समझौता करने नहीं आना चाहते थे। आपने कोशिश की होगी, लेकिन कोई आपके साथ नहीं आना चाहता था। दुनिया के देश अब भारत के साथ ऐसे ही डील नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह है कि विकसित देश विकासशील देश के साथ डील करता है तो उसे बड़ा बाजार मिलता है। मेरे लिए यह नई बात नहीं है, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब वाइब्रेंट गुजरात समित करता था। तब इस वाइब्रेंट समिट में राज्य का पार्टनर एक देश- जापान हुआ करता था। यह राज्य के लिए एक गर्व की बात थी।
'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रॉसफॉर्म पर जोर दिया'
उन्होंने कहा, हमारी काफी शक्ति उनकी गलतियों को ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन में उनके समय की जो छवि है उसको धोने में मेरी ताकत लगती है। इस काम के लिए हमने फ्यूचर रेडी पॉलिसी पर बल दिया है। देश नीति के आधार पर चल रहा है। विश्व का विश्वास बन रहा है। हमने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रॉसफॉर्म पर जोर दिया और आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।
'एमएसएमई नेटवर्क पर बन रहा दुनिया का भरोसा'
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा, उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होता है तो होते रहे, सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं है। वे हमें यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आंखें मूंदकर बैठे हुए लोग हैं। एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई, जिनका शीशमहल हर एक की आंखों में बैठ गए। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।
उन्होंने कहा, कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो, ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं। सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है। आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं, तब बोफोर्स डील याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। नागरिकों की जिंदगी में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
'पीएसयू को लेकर मानसिकता बदलने में मिली सफलता'
उन्होंने कहा, हमने एनपीए, जिसके पहाड़ हुआ करते थे आज हमने उसे नीचे खड़ा कर दिया। आज एनपीए एक फीसदी से भी नीचे है। यह अपने आप में बैंकों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम काम किया है। हमारे पीएसयू के बारे में यह मान्यता बन चुकी थी कि वे बनते ही हैं, बीमार होने के लिए, बंद होने के लिए। हमने पूरी मानसिकता को बदलने में सफलता प्राप्त की है। ये लोग पीएसयू को लेकर कितनी गलत बातें फैलाते रहे। यह अर्बन नक्सल की तरह पीएसयू के बाहर मजदूरों को भड़काने-गुमराह करने का काम करते थे। इन्होंने स्टेट बैंक, एलआईसी, एचएएल को भद्दे तरीके से संभाला। वे अपनी सरकार में इन्हें संभाल नहीं पाते थे। लेकिन हमने पीएसयू के लिए रिफॉर्म्स किए।
उन्होंने कहा, जिन पीएसयू को कांग्रेस के नेता ताले लगवाने वाले थे, उसी पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते थे, आज हमारे वही पीएसयू रिकॉर्ड लाभ में हैं। वे अपने प्रदर्शन से मेक इन इंडिया को भी गति दे रहे हैं। वे एक कैटालिस्ट एजेंट के रूप में भूमिका निभा रहे हैं। रिकॉर्ड रोजगार दे रहे हैं। विश्व में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। दुनिया के कई देशों की विकास यात्रा में भागीदार बन रहे हैं। आज हमारे पीएसयू को दुनियाभर से कई ऑर्डर मिलने लगे हैं।
किसानों के मुद्दे पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा गया। न ही उनके दिमाग में छोटे किसान का कोई महत्व था। उन्हें लगता था कि कुछ बड़े लोगों को संभाल लिया तो राजनीति चलती रहेगी। हमारे मन में छोटे किसानों के लिए दर्द था। हम जमीनी हकीकत से परिचित थे। इसलिए हम किसान सम्मान निधि लेकर आए। हमने अब तक 4 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों को दिया है। इससे उन्हें नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।
उन्होंने कहा, यहां कुछ साथियों ने इंप्लिमेंटेशन की शिकायतों को लेकर काफी भाषण दिए हैं। ये जो इतनी बड़ी बातें करते हैं। मैं एक किस्सा सुनाता हूं- "हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे। और वहां से आने के बाद उन्होंने खुद ने ये घटना कहीं सुनाई। रिकॉर्ड पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा- काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा है। क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने के लिए तैयार ही नहीं थे। मैं हिमाचल प्रदेश गई थी, जब मैं वापस आई तो मैंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, ताकि उन पर सामान आदि लादा जा सके। लेकिन मुझे बताया गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए पैसा देने की पॉलिसी नहीं है। उन नेता का कहना था कि जहां वो हिमाचल में गई थीं, वहां सड़क नहीं थी। तो वहां जीप का क्या काम लेकिनन उस वक्त योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा गांधी का भाषण है।"
उन्होंने कहा, कांग्रेस की यही कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी जी यह जानती थीं लेकिन इस कार्यशैली को बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। वे जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता उनके खुद के पिताजी थे। 2014 तक सब दुखी थे, सब परेशान थे। लेकिन कोई तैयार नहीं था सुधार को। इसके बाद जब हमें 2014 में मौका मिला तो हमने प्लानिंग कमीशन को खत्म किया और नीति आयोग की स्थापना हुई। नीति आयोग आज काफी तेज काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ के बस्तर में तो कुछ गांवों ने पहली बार बस देखी। यह हाल छोड़कर गए हैं। इंप्लीमेंटेशन क्या होता है, यह एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट इसका उदाहरण है। कांग्रेस के हमारे साथियों को यह जो बदलाव आ रहा है, उसमें इंप्लीमेंटेशन नहीं आ रहा है। इनका जीप और खच्चर वाला मॉडल ही ये लोग जानते हैं। ये लोग उसे कैसे इंप्लीमेंट करते हैं। जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की। नेहरू जी ने इसकी नींव रख दी थी। लेकिन इनका इंप्लीमेंटेशन देखिए कि मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद इसका उद्घाटन किया। मुझे मुख्यमंत्री रहते हुए तीन दिन का अनशन करना पड़ा तब सरकार झुकी और सरदार सरोवर का काम आगे बढ़ा और मैंने यहां (पीएम) आकर उसका उद्घाटन किया।
'कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती'
उन्होंने कहा, इन दिनों एक वीडियो लोकप्रिय हुआ है। हर तरफ बर्फ छाई हुई है और वंदे भारत बीच से निकल रही है। तीन दशक से यही उधमपुर-श्रीनगर प्रोजेक्ट लटका हुआ था। हमारी सरकार ने इसे पूरा किया। कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती। असम और अरुणाचल को जोड़ने वाला बोगी ब्रिज, हमने असम सहित पूरे पूर्वोत्तर को बहुत बड़ी सुविधा देने वाला यह काम पूरा किया। हमने दुनिया को कहा था कि 2030 तक हम सोलर का काम करेंगे और हमने 2025 में ही यह काम कर दिया। हम हर प्रोजेक्ट समय से पूरा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, भाजपा हो, एनडीए हो हमारा अप्रोच, हमारी सोच और कांग्रेस की सोच के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं कि ये कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन ये लोग- नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच क्या थी। उन्होंने कहा, इंदिरा जी एक बार ईरान गईं, वे ईरान में भाषण दे रही थीं। उस भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा यानी नेहरू जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो उन्होंने कहा 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या थी 35 करोड़। 35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। इसलिए मेरे लिए समस्या भी इतनी ही है। उन्हें अब 57 करोड़ लोग समस्या लगने लगे थे।"
उन्होंने कहा, नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेस बिरादरी हो, ये लोग देशवासियों को समस्या मानते थे। ऐसे लोग सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। मैंने देश के सामने कहा है क्योंकि यह मेरा दृढ़ विश्वास है। चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। हमारे लिए हर देशवासी भारत का कर्ता-धर्ता है।
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति जी का अपमान किया है, चुनाव के बाद जिस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति जी के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। भारत की राष्ट्रपति जी के लिए क्या कह रहे हैं ये लोग। कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का जो अपमान किया है, आपने आदिवासी-महिला का अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।
'सदानंद मास्टर जी से मिलती है जीने-मरने की प्रेरणा'
उन्होंने कहा, एक तरफ हमारे सदानंद मास्टर जी का दृश्य है। राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए गए। कटे हुए पैर से जिंदगी गुजार रहे हैं। लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी से अपशब्द नहीं निकलता है। गर्व होता है और कल जब देश ने उनका पहला भाषण हो रहा था, जब वे कटे हुए पैर लिए भाषण देने के लिए उठे तो ये इंडी अलायंस के लोगों ने उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। वे आज देश की नीति निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं। ऐसे लोगों के सहारे हम राजनीति में जीते हैं, देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा मिलती है।
मोहब्बत की दुकान वाले 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे लगा रहे
उन्होंने कहा, हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं, उसे एक ताकत दे रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम कर रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रही है। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के ही नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रही हो। क्या यह मानवता का अपमान नहीं है। किस प्रकार के संस्कार में पले-बढ़े लोग हैं ये। मेरा अनुभव पुराना है। 2002 से जब वे विपक्ष में थे, तबसे 2004 में जब वे सत्ता में आए तब से और 2014 में जब मैं सत्ता में आए तबसे संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जब सदन से मोदी को गाली देने का काम न किया गया हो। करीब 25 साल। मैं संसद में नहीं था कई मौकों पर। मुझसे किसी ने पूछा था कि मोदीजी आपका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहता है, मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।
उन्होंने कहा, हमने अनुच्छेद 370 हटाया इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को घर में घुसकर मारा, इसलिए मोदी की कब्र खुदेगी। माओवादी आतंक से देश को आजाद करने के लिए कदम उठा रहे हैं, इसलिए उन्होंने मोदी की कब्र खोदनी है। नेहरू जी के समय में हमने सिंधु जल समझौता करके जो गलती की थी, उसे मोदी ने हटा दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदते हुए।
उन्होंने आगे कहा, असल में कांग्रेस की परेशानी दूसरी है। उनकी परेशानी है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। यह जो मोहब्बत की दुकान में आग भरी है न उसका परिणाम है। उन्हें लगता है कि यह प्रधानमंत्री पद हमारा अधिकार था, इसलिए वे मोदी की कब्र खुदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने इतने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने अपना भविष्य आपके लिए भी दांव पर लगाया था। कांग्रेस के एक भी आज तक गरीबी हटाने की बात न आई हो ऐसा नहीं हुआ, लेकिन उन्होने इसे हटाने के लिए किया क्या, यह आज तक सामने नहीं आया।
'18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई'
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे यहां सैकड़ों लोग रेलवे क्रॉसिंग पर मरते थे। स्कूल बस के बच्चों के मरने की खबरें आती थीं। अनमैन्ड रेलवे क्रॉसिंग की समस्या सुलझाना कोई बड़ा काम नहीं था। हमने ऐसी क्रॉसिंग बंद कर दीं, लाखों लोगों की जिंदगी बचा ली। इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। 2014 से पहले देश में 18 हजार गांव ऐसे थे, जिन्हें बिजली का मतलब नहीं पता था। 2014 के बाद 18 हजार गांवों तक हमने बिजली पहुंचाई। उन्होंने आगे कहा, वो भी एक वक्त था जब देश में खबरें आती थीं सेना और सैनिकों को लेकर कि गोला-बारूद नहीं है, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं हैं। बर्फ के बीच खड़े हैं, वो जूते तक नहीं है उनके पास। हमने सैनिकों के लिए खजाने खोल दिए। इसलिए वे चाहते हैं कि उनके पास और कोई रास्ता तो बचा नहीं, इसलिए कब्र खुदेगी मोदी की, यही रास्ता बचा है।
'140 करोड़ देशवासियों के रिमोट से चलती है मेरी सरकार'
उन्होंने कहा, इनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। उनके सपने, आकांक्षाएं, संकल्प, इनके लिए हम जीते हैं। इनके लिए सरकार चलाते हैं। सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा, इन्हें स्टार्टअप संस्कृति के बारे में नहीं पता था। ये अपने घर के स्टार्टअप को भी लिफ्ट नहीं कर पा रहे। हमारे समय में दो लाख स्टार्टअप हैं। वो जमाना याद कीजिए बीएसएनएल को लेकर चुटकुले चलते थे। आज हमने 4जी सबसे तेज रोलआउट करने का काम कर दिया है।
'जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, तुम कितने ही नारे लगा लो कब्र नहीं खोद पाओगे। माताओं-बहनों का मेरे प्रति जो भाव रहा है। जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है। ये आशीर्वाद हैं, जो उन्हें चुभता है। इसलिए वे कब्र खोदना चाहते हैं। चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है। जिन्होंने गुजराती सरनेम चुरा लिया। महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया। ऐसे लोगों को देश की समझदार जनता पटक देती है।
'भारत अब काफिले का नेतृत्व कर रहा, विकसित भारत लक्ष्य'
उन्होंने कहा, एक जमाने में कॉमन शब्द होता था- इंडिया मिस्ड द बस। यह आम चर्चा हो गई थी। आज भारत कोई बस मिस नहीं कर रहा, काफिले का नेतृत्व कर रहा है। हम विकसित भारत के सपने के लिए पांच वर्ष की योजना बनाते हैं और हर वर्ष का बजट बनाते हैं। हम दिशा बनाकर चलते हैं और चुनाव हमारा लक्ष्य नहीं होता। हमारा लक्ष्य होता है विकसित भारत 2047। चुनाव आएंगे-जाएंगे। हम देश के युवाओं के हाथ में समृद्ध भारत देने का सपना रखते हैं। मैं चाहता हूं आज के बच्चों के हाथ में ऐसा भारत देकर जाऊं कि मुझे भी संतोष हो।
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प्रधानमंत्री ने कहा, मेरी एक प्रार्थना है। आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे लगाना चाहें तो लगा सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश के मध्यम वर्ग, निम्न-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव, किसान, महिलाएं, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, बहुत ही विस्तार से भारत के प्रगति का एक स्वर संसद में गूंजा है। देश के नौजवान भारत की सामर्थ्य को कैसे आगे बढ़ा रहे हैं, इसकी भी विस्तार से चर्चा की गई है। राष्ट्रपति ने भारत के उज्ज्वल भविष्य के प्रति भी भरोसा जताया है। यह हम सबके लिए प्रेरक है।
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उन्होंने कहा, पिछली शताब्दी में भारत की आजादी की जंग में दूसरा क्वार्टर बहुत ही निर्णायक बना था। मैं साफ देख रहा हूं कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह दूसरा क्वार्टर भी उतना ही सामर्थ्यवान होने वाला है और उतना ही तेजी से आगे बढ़ने वाला है। राष्ट्र का हर व्यक्ति यह महसूस कर रहा है कि एक अहम पड़ाव पर हम पहुंच चुके हैं। न हमें रुकना है, न हमें पीछे मुड़कर देखना है। हम आगे ही आगे देखना है और लक्ष्य को प्राप्त कर के ही हमें सांस लेनी है। उस दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने खरगे की उम्र को लेकर कसा तंज
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा, आदरणीय खरगे जी की उम्र को देखते हुए, अगर वे बैठकर भी नारे बोलना चाहें तो बोल सकते हैं। पीछे कई सारे युवा नेता हैं।
'युवा होता जा रहा हमारा देश'
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा, वर्तमान में हम देखें तो भारत के भाग्य के अनेक संयोग एक साथ हमें नसीब हुए हैं। ये अपने आप में बहुत ही उत्तम संयोग है। सबसे बड़ी बात है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिन्हें हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है, वैसे ही देश हमारा युवा होता जा रहा है। युवा आबादी वाला देश बनता जा रहा है।
भारत के प्रति बढ़ा दुनिया का आकर्षण
उन्होंने कहा, दूसरी तरफ मैं देख रहा हूं जिस प्रकार विश्व का भारत के प्रति आकर्षण बढ़ा है। विश्व भारत के टैलेंट का महत्व समझ रहा है। हमारे पास आज दुनिया का बहुत ही अहम टैलेंट पूल है। युवा टैलेंट पूल है, जिसके पास सपने, संकल्प और सामर्थ्य है। यानी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है।
'दुनिया की चुनौतियों को समाधान दे रहा भारत'
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उनका समाधान देने वाला देश, आशा की किरण देने वाला दे बना हुआ है और हम समाधान दे रहे हैं। आज अहम अर्थव्यवस्थाओं में भारत का ग्रोथ काफी ऊंचा है। ऊंची विकास दर और कम महंगाई एक अनोखी उपलब्धि है।
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भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या बोले पीएम मोदी?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 में जब हम सत्ता में आए, जब देश आजाद हुआ, तब देश छठी नंबर की अर्थव्यवस्था था। आज हम दुनिया की तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब हैं।
- उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में एक आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है। कोविड के बाद जो स्थितियां पैदा हुईं, आज दुनिया संभल नहीं पा रही है।
- उन्होंने आगे कहा कि स्पष्ट समझ आ रहा है कि दुनिया एक नई विश्व व्यवस्था की तरफ बढ़ रही है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद एक विश्व व्यवस्था बनी थी। अब एक नए विश्व व्यवस्था की तरफ देश बढ़ रहा है।
- पीएम मोदी ने कहा कि सारी वर्तमान घटनाओं का अराजनीतिक तरीके से विश्लेषण करेंगे तो झुकाव भारत की तरफ होगा। विश्व बंधु के तौर पर आज भारत दुनिया के कई देशों का भरोसेमंद साझेदार बना है। हम कंधे से कंधा मिलाकर विश्व कल्याण की दिशा में बढ़ रहे हैं।
यूरोपीय संघ के साथ एफटीए पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, आज पूरा विश्व वैश्विक दक्षिण की चर्चा करता है, लेकिन उस चर्चा के सूत्रधार के रूप में आज भारत वैश्विक मंचों पर वैश्विक दक्षिण की बुलंद आवाज बन गया है। अनेक देशों के साथ आज भारत फ्यूचर रेडी ट्रेड डील कर रहा है। पिछले कुछ ही समय में दुनिया के अहम नौ बड़े ट्रेड डील हुए हैं। उसमें मदर ऑफ ऑल ट्रे़ड डील (एक साथ 27 देशों के साथ) यूरोपीय संघ के साथ हुई।
प्रधानमंत्री ने कहा, जो लोग थक गए, बेचारे चले गए। लेकिन इनको जवाब देना पड़ेगा कि देश की ऐसी हालत कैसे बना रखी थी कि दुनिया का कोई देश हमसे समझौता करने नहीं आना चाहते थे। आपने कोशिश की होगी, लेकिन कोई आपके साथ नहीं आना चाहता था। दुनिया के देश अब भारत के साथ ऐसे ही डील नहीं कर रहे हैं। इसके पीछे एक वजह यह है कि विकसित देश विकासशील देश के साथ डील करता है तो उसे बड़ा बाजार मिलता है। मेरे लिए यह नई बात नहीं है, जब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब वाइब्रेंट गुजरात समित करता था। तब इस वाइब्रेंट समिट में राज्य का पार्टनर एक देश- जापान हुआ करता था। यह राज्य के लिए एक गर्व की बात थी।
'रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रॉसफॉर्म पर जोर दिया'
उन्होंने कहा, हमारी काफी शक्ति उनकी गलतियों को ठीक करने में जा रही है। दुनिया के मन में उनके समय की जो छवि है उसको धोने में मेरी ताकत लगती है। इस काम के लिए हमने फ्यूचर रेडी पॉलिसी पर बल दिया है। देश नीति के आधार पर चल रहा है। विश्व का विश्वास बन रहा है। हमने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रॉसफॉर्म पर जोर दिया और आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो चुका है।
'एमएसएमई नेटवर्क पर बन रहा दुनिया का भरोसा'
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया भारत के उद्यमियों को समानता के भाव से देखती है।
- उन्होंने कहा कि एमएसएमई का विशाल नेटवर्क जितना मजबूत होता है, वह देश की अर्थव्यवस्था को उतनी ही मजबूती से दिशा देता है।
- प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत के एमएसएमई नेटवर्क पर पूरी दुनिया का भरोसा बन रहा है।
- उन्होंने कहा कि भले ही भारत हवाई जहाज नहीं बनाता, लेकिन उनके कई छोटे-छोटे पुर्जे देश के एमएसएमई तैयार कर रहे हैं। इन्हीं प्रयासों के नतीजे आज सबके सामने हैं।
- उन्होंने बताया कि बड़े-बड़े देश भारत के साथ व्यापारिक संबंध बनाने के लिए उत्सुक हैं।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड डील हो या अमेरिका के साथ हुआ समझौता, पूरी दुनिया इन समझौतों की खुलकर तारीफ कर रही है।
- उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ हुए समझौते से विश्व को यह भरोसा मिला कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता की संभावना बढ़ेगी।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील से दुनिया को यह विश्वास हुआ कि स्थिरता के साथ-साथ अब गति भी आएगी।
- उन्होंने आगे कहा कि इन प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलेगा। दुनिया में भारतीय युवा पेशेवरों और यहां तक कि केयरगिवर्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
- उन्होंने कहा कि कुछ देशों में तो लोगों की तलाश के लिए विशेष कार्यालय तक खोले जा रहे हैं। इसका मतलब है कि भारतीय पेशेवरों के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर बन रहे हैं।
- प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का उच्च सदन राज्यों का प्रतिनिधित्व करता है। जिस तरह की चर्चाओं की बारीकियां उन्होंने देखीं, उससे उन्हें लगा कि इसका स्तर और ऊंचा होना चाहिए था। विपक्ष ने इस मौके को भी गंवा दिया।
आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा, उनके लिए महिलाओं पर अत्याचार होता है तो होते रहे, सत्ता नीति के अलावा कुछ करना नहीं है। वे हमें यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसे मुद्दों पर आंखें मूंदकर बैठे हुए लोग हैं। एक हमारे माननीय सदस्य यहां बैठे बोल रहे थे। जिनकी सरकार शराब में डूब गई, जिनका शीशमहल हर एक की आंखों में बैठ गए। ऐसे सभी साथियों से मैं कहूंगा कि तुम कितना दुनिया को धोखा दोगे, आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे।
उन्होंने कहा, कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो, लेफ्ट हो, ये दशकों से केंद्र में सत्ता में रहे हैं। सत्ता के भागीदार रहे हैं। राज्यों में भी उन्हें सरकार चलाने का अवसर मिला है। लेकिन उनकी पहचान क्या बनी है। आज डील की चर्चा होती है तो गर्व से कहते हैं, तब बोफोर्स डील याद आता था। उन्होंने सिर्फ जेब भरने का काम किया। नागरिकों की जिंदगी में बदलाव उनकी प्राथमिकता नहीं थी।
'पीएसयू को लेकर मानसिकता बदलने में मिली सफलता'
उन्होंने कहा, हमने एनपीए, जिसके पहाड़ हुआ करते थे आज हमने उसे नीचे खड़ा कर दिया। आज एनपीए एक फीसदी से भी नीचे है। यह अपने आप में बैंकों के स्वास्थ्य के लिए उत्तम काम किया है। हमारे पीएसयू के बारे में यह मान्यता बन चुकी थी कि वे बनते ही हैं, बीमार होने के लिए, बंद होने के लिए। हमने पूरी मानसिकता को बदलने में सफलता प्राप्त की है। ये लोग पीएसयू को लेकर कितनी गलत बातें फैलाते रहे। यह अर्बन नक्सल की तरह पीएसयू के बाहर मजदूरों को भड़काने-गुमराह करने का काम करते थे। इन्होंने स्टेट बैंक, एलआईसी, एचएएल को भद्दे तरीके से संभाला। वे अपनी सरकार में इन्हें संभाल नहीं पाते थे। लेकिन हमने पीएसयू के लिए रिफॉर्म्स किए।
उन्होंने कहा, जिन पीएसयू को कांग्रेस के नेता ताले लगवाने वाले थे, उसी पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते थे, आज हमारे वही पीएसयू रिकॉर्ड लाभ में हैं। वे अपने प्रदर्शन से मेक इन इंडिया को भी गति दे रहे हैं। वे एक कैटालिस्ट एजेंट के रूप में भूमिका निभा रहे हैं। रिकॉर्ड रोजगार दे रहे हैं। विश्व में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। दुनिया के कई देशों की विकास यात्रा में भागीदार बन रहे हैं। आज हमारे पीएसयू को दुनियाभर से कई ऑर्डर मिलने लगे हैं।
किसानों के मुद्दे पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने विश्वासघात करने के विषय में भी हमारे देश के अन्नदाता को भी नहीं छोड़ा। इस देश में 10 करोड़ किसान ऐसे हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। छोटे किसान हैं, उनकी तरफ कभी नहीं देखा गया। न ही उनके दिमाग में छोटे किसान का कोई महत्व था। उन्हें लगता था कि कुछ बड़े लोगों को संभाल लिया तो राजनीति चलती रहेगी। हमारे मन में छोटे किसानों के लिए दर्द था। हम जमीनी हकीकत से परिचित थे। इसलिए हम किसान सम्मान निधि लेकर आए। हमने अब तक 4 लाख करोड़ रुपये छोटे किसानों को दिया है। इससे उन्हें नए सपने देखने का सामर्थ्य मिला है।
उन्होंने कहा, यहां कुछ साथियों ने इंप्लिमेंटेशन की शिकायतों को लेकर काफी भाषण दिए हैं। ये जो इतनी बड़ी बातें करते हैं। मैं एक किस्सा सुनाता हूं- "हमारे देश के एक नेता हिमाचल प्रदेश के दौरे पर थे। और वहां से आने के बाद उन्होंने खुद ने ये घटना कहीं सुनाई। रिकॉर्ड पर उपलब्ध है। उन्होंने कहा- काफी लंबे समय तक मुझे योजना आयोग से संघर्ष करना पड़ा है। क्योंकि वे पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अलग योजनाएं बनाने के लिए तैयार ही नहीं थे। मैं हिमाचल प्रदेश गई थी, जब मैं वापस आई तो मैंने योजना आयोग में कहा कि हमारे कामदारों को जीप की जरूरत नहीं है, बल्कि खच्चरों की आवश्यकता है, ताकि उन पर सामान आदि लादा जा सके। लेकिन मुझे बताया गया कि हम पैसा तो जीप के लिए ही देंगे, क्योंकि खच्चरों के लिए पैसा देने की पॉलिसी नहीं है। उन नेता का कहना था कि जहां वो हिमाचल में गई थीं, वहां सड़क नहीं थी। तो वहां जीप का क्या काम लेकिनन उस वक्त योजना आयोग का जोर था कि या तो जीप या कुछ नहीं। यह भाषण और किसी का नहीं कांग्रेस की तत्कालीन नेता इंदिरा गांधी का भाषण है।"
उन्होंने कहा, कांग्रेस की यही कार्यशैली रही थी। खुद इंदिरा गांधी जी यह जानती थीं लेकिन इस कार्यशैली को बदलने के लिए उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। वे जिस प्लानिंग कमीशन की धज्जियां उड़ा रही थीं, उसके जन्मदाता उनके खुद के पिताजी थे। 2014 तक सब दुखी थे, सब परेशान थे। लेकिन कोई तैयार नहीं था सुधार को। इसके बाद जब हमें 2014 में मौका मिला तो हमने प्लानिंग कमीशन को खत्म किया और नीति आयोग की स्थापना हुई। नीति आयोग आज काफी तेज काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, छत्तीसगढ़ के बस्तर में तो कुछ गांवों ने पहली बार बस देखी। यह हाल छोड़कर गए हैं। इंप्लीमेंटेशन क्या होता है, यह एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट इसका उदाहरण है। कांग्रेस के हमारे साथियों को यह जो बदलाव आ रहा है, उसमें इंप्लीमेंटेशन नहीं आ रहा है। इनका जीप और खच्चर वाला मॉडल ही ये लोग जानते हैं। ये लोग उसे कैसे इंप्लीमेंट करते हैं। जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, तब सरदार पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की। नेहरू जी ने इसकी नींव रख दी थी। लेकिन इनका इंप्लीमेंटेशन देखिए कि मैंने प्रधानमंत्री बनने के बाद इसका उद्घाटन किया। मुझे मुख्यमंत्री रहते हुए तीन दिन का अनशन करना पड़ा तब सरकार झुकी और सरदार सरोवर का काम आगे बढ़ा और मैंने यहां (पीएम) आकर उसका उद्घाटन किया।
'कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती'
उन्होंने कहा, इन दिनों एक वीडियो लोकप्रिय हुआ है। हर तरफ बर्फ छाई हुई है और वंदे भारत बीच से निकल रही है। तीन दशक से यही उधमपुर-श्रीनगर प्रोजेक्ट लटका हुआ था। हमारी सरकार ने इसे पूरा किया। कांग्रेस सिर्फ सपने देखती है, उन्हें पूरा नहीं करती। असम और अरुणाचल को जोड़ने वाला बोगी ब्रिज, हमने असम सहित पूरे पूर्वोत्तर को बहुत बड़ी सुविधा देने वाला यह काम पूरा किया। हमने दुनिया को कहा था कि 2030 तक हम सोलर का काम करेंगे और हमने 2025 में ही यह काम कर दिया। हम हर प्रोजेक्ट समय से पूरा कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, भाजपा हो, एनडीए हो हमारा अप्रोच, हमारी सोच और कांग्रेस की सोच के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। हमारी सोच है कि 140 करोड़ देशवासी इतने सामर्थ्यवान हैं कि ये कुछ भी कर सकते हैं। लेकिन ये लोग- नेहरू जी और इंदिरा जी की सोच क्या थी। उन्होंने कहा, इंदिरा जी एक बार ईरान गईं, वे ईरान में भाषण दे रही थीं। उस भाषण में उन्होंने नेहरू जी के साथ बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा था- जब किसी ने मेरे पिताजी से पूछा यानी नेहरू जी से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्या है, तो उन्होंने कहा 35 करोड़। उस समय हमारे देश की जनसंख्या थी 35 करोड़। 35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे। इस बात का उदाहरण देते हुए इंदिरा जी ने आगे कहा- आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है। इसलिए मेरे लिए समस्या भी इतनी ही है। उन्हें अब 57 करोड़ लोग समस्या लगने लगे थे।"
उन्होंने कहा, नेहरू जी हों, इंदिरा जी हों या पूरी कांग्रेस बिरादरी हो, ये लोग देशवासियों को समस्या मानते थे। ऐसे लोग सिर्फ अपने परिवार का ही भला करेंगे। मैंने देश के सामने कहा है क्योंकि यह मेरा दृढ़ विश्वास है। चुनौतियां कितनी ही क्यों न हों, 140 करोड़ लोग हमारे साथ हैं। हमारे लिए हर देशवासी भारत का कर्ता-धर्ता है।
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस ने बीते दिनों राष्ट्रपति जी का अपमान किया है, चुनाव के बाद जिस प्रकार से हमारी राष्ट्रपति जी के लिए शब्द कहे गए। शर्मिंदगी महसूस होती है कि यह कैसे लोग हैं। भारत की राष्ट्रपति जी के लिए क्या कह रहे हैं ये लोग। कल लोकसभा में भी राष्ट्रपति जी के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो पाई। ये राष्ट्रपति पद का घोर अपमान है। उन्हें संविधान शब्द बोलने का अधिकार नहीं है। गरीब-आदिवासी परिवार से आई महिला का जो अपमान किया है, आपने आदिवासी-महिला का अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।
'सदानंद मास्टर जी से मिलती है जीने-मरने की प्रेरणा'
उन्होंने कहा, एक तरफ हमारे सदानंद मास्टर जी का दृश्य है। राजनीतिक विद्वेष के कारण उनके दोनों पैर काट दिए गए। भरी जवानी में दोनों पैर काट दिए गए। कटे हुए पैर से जिंदगी गुजार रहे हैं। लेकिन संस्कार इतने ऊंचे हैं कि वाणी से अपशब्द नहीं निकलता है। गर्व होता है और कल जब देश ने उनका पहला भाषण हो रहा था, जब वे कटे हुए पैर लिए भाषण देने के लिए उठे तो ये इंडी अलायंस के लोगों ने उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है। मैं उनका अभिनंदन करता हूं। वे आज देश की नीति निर्धारण में अपना योगदान दे रहे हैं। ऐसे लोगों के सहारे हम राजनीति में जीते हैं, देश के लिए जीने-मरने की प्रेरणा मिलती है।
मोहब्बत की दुकान वाले 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' के नारे लगा रहे
उन्होंने कहा, हम विकसित भारत की जमीन मजबूत कर रहे हैं, उसे एक ताकत दे रहे हैं। एक तरफ देश के युवाओं के लिए मजबूत जमीन तैयार कर रहा हूं तो कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम कर रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगा रही है। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है जो देश के ही नागरिक की कब्र खोदने की बात कर रही हो। क्या यह मानवता का अपमान नहीं है। किस प्रकार के संस्कार में पले-बढ़े लोग हैं ये। मेरा अनुभव पुराना है। 2002 से जब वे विपक्ष में थे, तबसे 2004 में जब वे सत्ता में आए तब से और 2014 में जब मैं सत्ता में आए तबसे संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जब सदन से मोदी को गाली देने का काम न किया गया हो। करीब 25 साल। मैं संसद में नहीं था कई मौकों पर। मुझसे किसी ने पूछा था कि मोदीजी आपका स्वास्थ्य कैसे ठीक रहता है, मैंने कहा था कि मैं रोज दो किलो गाली खाता हूं।
उन्होंने कहा, हमने अनुच्छेद 370 हटाया इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में आतंकियों को घर में घुसकर मारा, इसलिए मोदी की कब्र खुदेगी। माओवादी आतंक से देश को आजाद करने के लिए कदम उठा रहे हैं, इसलिए उन्होंने मोदी की कब्र खोदनी है। नेहरू जी के समय में हमने सिंधु जल समझौता करके जो गलती की थी, उसे मोदी ने हटा दिया, इसलिए मोदी की कब्र खोदते हुए।
उन्होंने आगे कहा, असल में कांग्रेस की परेशानी दूसरी है। उनकी परेशानी है कि मोदी यहां तक पहुंचा कैसे। उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद उनके परिवार की जागीर है। यह जो मोहब्बत की दुकान में आग भरी है न उसका परिणाम है। उन्हें लगता है कि यह प्रधानमंत्री पद हमारा अधिकार था, इसलिए वे मोदी की कब्र खुदने का नारा लेकर चल रहे हैं। कांग्रेस के शाही परिवार को देश ने इतने दशकों तक अवसर दिया है। देश ने अपना भविष्य आपके लिए भी दांव पर लगाया था। कांग्रेस के एक भी आज तक गरीबी हटाने की बात न आई हो ऐसा नहीं हुआ, लेकिन उन्होने इसे हटाने के लिए किया क्या, यह आज तक सामने नहीं आया।
'18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाई'
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे यहां सैकड़ों लोग रेलवे क्रॉसिंग पर मरते थे। स्कूल बस के बच्चों के मरने की खबरें आती थीं। अनमैन्ड रेलवे क्रॉसिंग की समस्या सुलझाना कोई बड़ा काम नहीं था। हमने ऐसी क्रॉसिंग बंद कर दीं, लाखों लोगों की जिंदगी बचा ली। इसलिए ये मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं। 2014 से पहले देश में 18 हजार गांव ऐसे थे, जिन्हें बिजली का मतलब नहीं पता था। 2014 के बाद 18 हजार गांवों तक हमने बिजली पहुंचाई। उन्होंने आगे कहा, वो भी एक वक्त था जब देश में खबरें आती थीं सेना और सैनिकों को लेकर कि गोला-बारूद नहीं है, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं हैं। बर्फ के बीच खड़े हैं, वो जूते तक नहीं है उनके पास। हमने सैनिकों के लिए खजाने खोल दिए। इसलिए वे चाहते हैं कि उनके पास और कोई रास्ता तो बचा नहीं, इसलिए कब्र खुदेगी मोदी की, यही रास्ता बचा है।
'140 करोड़ देशवासियों के रिमोट से चलती है मेरी सरकार'
उन्होंने कहा, इनकी सरकार रिमोट से चलती थी। मेरी सरकार भी रिमोट से चलती है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट हैं। उनके सपने, आकांक्षाएं, संकल्प, इनके लिए हम जीते हैं। इनके लिए सरकार चलाते हैं। सत्ता हमारे लिए सुख का रास्ता नहीं है, सेवा का माध्यम है। प्रधानमंत्री ने कहा, इन्हें स्टार्टअप संस्कृति के बारे में नहीं पता था। ये अपने घर के स्टार्टअप को भी लिफ्ट नहीं कर पा रहे। हमारे समय में दो लाख स्टार्टअप हैं। वो जमाना याद कीजिए बीएसएनएल को लेकर चुटकुले चलते थे। आज हमने 4जी सबसे तेज रोलआउट करने का काम कर दिया है।
'जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, तुम कितने ही नारे लगा लो कब्र नहीं खोद पाओगे। माताओं-बहनों का मेरे प्रति जो भाव रहा है। जिन्हें कोई पूछता नहीं था, मोदी उन्हें पूजता है। ये आशीर्वाद हैं, जो उन्हें चुभता है। इसलिए वे कब्र खोदना चाहते हैं। चोरी करना जिनका पुश्तैनी धंधा है। जिन्होंने गुजराती सरनेम चुरा लिया। महात्मा गांधी का सरनेम चुरा लिया। ऐसे लोगों को देश की समझदार जनता पटक देती है।
'भारत अब काफिले का नेतृत्व कर रहा, विकसित भारत लक्ष्य'
उन्होंने कहा, एक जमाने में कॉमन शब्द होता था- इंडिया मिस्ड द बस। यह आम चर्चा हो गई थी। आज भारत कोई बस मिस नहीं कर रहा, काफिले का नेतृत्व कर रहा है। हम विकसित भारत के सपने के लिए पांच वर्ष की योजना बनाते हैं और हर वर्ष का बजट बनाते हैं। हम दिशा बनाकर चलते हैं और चुनाव हमारा लक्ष्य नहीं होता। हमारा लक्ष्य होता है विकसित भारत 2047। चुनाव आएंगे-जाएंगे। हम देश के युवाओं के हाथ में समृद्ध भारत देने का सपना रखते हैं। मैं चाहता हूं आज के बच्चों के हाथ में ऐसा भारत देकर जाऊं कि मुझे भी संतोष हो।
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