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Rajya Sabha: राज्यसभा में स्पैम कॉल, विदेश पलायन से जुड़े मुद्दे उठे; जानें किन मामलों पर हुई कार्रवाई की मांग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 02 Feb 2026 05:02 PM IST
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सार
बजट सत्र में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में एक पीएफएएस रसायन निर्माण इकाई की जांच की मांग की। उन्होंने इसे खतरनाक रसायन बताते हुए आरोप लगाया कि इटली में विरोध के बाद बंद की गई मितेनी केमिकल प्लांट की मशीनरी एक भारतीय कंपनी को बेची गई।
राज्यसभा
- फोटो : ANI
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विस्तार
राज्यसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान विभिन्न दलों के सदस्यों ने स्पैम कॉल, युवाओं के विदेश पलायन, इलाज की बढ़ती लागत, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट की कमी और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे कई अहम मुद्दे उठाए।
महाराष्ट्र से एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद डॉ. फौजिया खान ने कहा कि देश में आंतरिक प्रवासन सीमित है, लेकिन विदेशों की ओर पलायन की प्रवृत्ति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
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'हर साल 25 लाख भारतीय शिक्षा और रोजगार के लिए छोड़ रहे देश' -एनसीपी (एसपी) सांसद
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसद डॉ. फौजिया खान ने बताया कि वर्ष 2022 में 2.25 लाख, 2023 में 2.16 लाख और 2024 में 2.06 लाख भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय प्रवासन का सबसे बड़ा स्रोत है और लगभग 1.8 करोड़ भारतीय विदेशों में रह रहे हैं। खान के अनुसार, हर साल करीब 25 लाख भारतीय शिक्षा और रोजगार के लिए देश छोड़ते हैं। उन्होंने कहा, 'कोई देश तभी विश्वगुरु बन सकता है, जब उसके युवाओं को अपना भविष्य विदेशी वीजा और कैंपस में नहीं, बल्कि अपने देश की कक्षाओं, कार्यस्थलों और अवसरों में दिखे।'
राज्यसभा सांसदों ने उठाए कौन-कौन से मुद्दे?
केरल से सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जंगली सूअर किसानों और कृषि के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं और केरल में शहरी क्षेत्रों तक खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में वन्यजीव संघर्ष के कारण अब तक 550 लोगों की जान जा चुकी है। ब्रिटास ने जंगली सूअर को 'वर्मिन' घोषित करने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन की मांग की।
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स्वाति मालीवाल ने उठाया निजी चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत का मुद्दा
आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने निजी चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाते हुए क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट को पूरे देश में लागू करने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने असम की बराक घाटी के तीन जिलों में गुवाहाटी हाईकोर्ट की सर्किट या स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट 350 किलोमीटर दूर होने के कारण लोगों को न्याय तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
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महाराष्ट्र से एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद डॉ. फौजिया खान ने कहा कि देश में आंतरिक प्रवासन सीमित है, लेकिन विदेशों की ओर पलायन की प्रवृत्ति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।
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'हर साल 25 लाख भारतीय शिक्षा और रोजगार के लिए छोड़ रहे देश' -एनसीपी (एसपी) सांसद
सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसद डॉ. फौजिया खान ने बताया कि वर्ष 2022 में 2.25 लाख, 2023 में 2.16 लाख और 2024 में 2.06 लाख भारतीयों ने नागरिकता छोड़ी। उन्होंने दावा किया कि भारत अंतरराष्ट्रीय प्रवासन का सबसे बड़ा स्रोत है और लगभग 1.8 करोड़ भारतीय विदेशों में रह रहे हैं। खान के अनुसार, हर साल करीब 25 लाख भारतीय शिक्षा और रोजगार के लिए देश छोड़ते हैं। उन्होंने कहा, 'कोई देश तभी विश्वगुरु बन सकता है, जब उसके युवाओं को अपना भविष्य विदेशी वीजा और कैंपस में नहीं, बल्कि अपने देश की कक्षाओं, कार्यस्थलों और अवसरों में दिखे।'
राज्यसभा सांसदों ने उठाए कौन-कौन से मुद्दे?
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने डू नॉट कॉल सूची में पंजीकृत लोगों को किए जा रहे अनचाहे फोन कॉल का मुद्दा उठाते हुए इसे निजता का उल्लंघन बताया और दूरसंचार मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की।
- समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान ने राष्ट्रीय एकता परिषद को सक्रिय किए जाने की मांग की और कहा कि यह संस्था वर्तमान में निष्क्रिय हो चुकी है।
- सीपीआई(एम) सांसद वी. शिवदासन ने इंटरनेट सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के 38 प्रतिशत नागरिक इंटरनेट कवरेज से बाहर हैं, जिससे वे कई महत्वपूर्ण डिजिटल दस्तावेजों तक पहुंच नहीं बना पा रहे हैं।
- गुजरात से भाजपा सांसद बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने साइबर हमलों के खतरे और देश की महत्वपूर्ण संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
केरल से सीपीआई(एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जंगली सूअर किसानों और कृषि के लिए गंभीर समस्या बन चुके हैं और केरल में शहरी क्षेत्रों तक खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में वन्यजीव संघर्ष के कारण अब तक 550 लोगों की जान जा चुकी है। ब्रिटास ने जंगली सूअर को 'वर्मिन' घोषित करने और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में संशोधन की मांग की।
ये भी पढ़ें: संसद में हुए हंगामे पर राहुल बोले- पता नहीं सरकार क्यों डरी हुई है, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा जरूरी
स्वाति मालीवाल ने उठाया निजी चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत का मुद्दा
आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल ने निजी चिकित्सा उपचार की बढ़ती लागत का मुद्दा उठाते हुए क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट को पूरे देश में लागू करने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस की सांसद सुष्मिता देव ने असम की बराक घाटी के तीन जिलों में गुवाहाटी हाईकोर्ट की सर्किट या स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट 350 किलोमीटर दूर होने के कारण लोगों को न्याय तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
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