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Paper Leak Row: पटनायक की नसीहत- छात्रों से संवाद करे सरकार; क्या मानसून सत्र में उठेगा पेपर लीक का मुद्दा?
Sun, 19 Jul 2026 02:09 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, भुवनेश्वर।
पीटीआई, भुवनेश्वर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:09 PM IST
सार
Paper Leak Row: परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर नवीन पटनायक ने केंद्र सरकार से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत शुरू करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सके। पढ़िए रिपोर्ट-
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नवीन पटनायक, बीजद प्रमुख
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
बीजू जनता दल (बीजेडी) के प्रमुख नवीन पटनायक ने रविवार को केंद्र सरकार से परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रहे छात्रों से बातचीत शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। ये प्रदर्शनकारी प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी की परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
नवीन पटनायक ने क्या कहा?
ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में कहा, राजनीति से ऊपर उठकर मैं सरकार से अपील करता हूं कि कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सार्थक बातचीत शुरू की जाए। उन्हें अपनी बात रखने का मंच दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने परीक्षाओं के संचालन में कथित अव्यवस्था के कारण लोगों का भरोसा टूटने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की। पटनायक ने कहा, एक मजबूत लोकतंत्र संवाद से आगे बढ़ता है, चुप्पी से नहीं। जब बात देश के युवाओं की हो, तब यह संवाद और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे ने देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। इसलिए इसे संसद में सबसे बड़ी प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। ऐसी ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक, गलत मूल्यांकन और व्यवस्था की खामियां दोबारा न हों। पटनायक ने कहा कि भारत के युवा देश के मौजूदा नेतृत्व से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, हम उन्हें निराश नहीं कर सकते। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं से ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करने से लोकतंत्र, शिक्षा व्यवस्था और देश के नेतृत्व पर लोगों का भरोसा फिर मजबूत होगा। बीजू जनता दल देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों बच्चों के लिए शिक्षा ही बेहतर भविष्य का एकमात्र रास्ता है। हर विकसित देश की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी व भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली पर टिकी होती है।
ओडिशा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे पटनायक ने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के कारण बड़ी प्रगति की है। इसी व्यवस्था ने डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, शिक्षक और नवाचार करने वाली कई पीढ़ियां तैयार की हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।
ये भी पढ़ें: मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, बागी सांसदों के शामिल होने पर भड़की TMC; विपक्ष का वॉकआउट
उन्होंने कहा कि आज इस व्यवस्था पर लोगों का भरोसा टूट गया है। इसका नुकसान सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। इससे पूरी शिक्षा व्यवस्था की नींव पर लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है। इससे मेहनत करने वाले छात्रों को यह संदेश जाता है कि अब उनकी मेहनत की कोई कीमत नहीं रही और गरीबी से बाहर निकलने का उनका सबसे बड़ा सहारा भी छिन रहा है।
बीजेडी की क्या मांग है?
बीजू जनता दल ने भी पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुकी है।
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। ये प्रदर्शनकारी प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी की परीक्षा रद्द किए जाने के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
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नवीन पटनायक ने क्या कहा?
ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट में कहा, राजनीति से ऊपर उठकर मैं सरकार से अपील करता हूं कि कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सार्थक बातचीत शुरू की जाए। उन्हें अपनी बात रखने का मंच दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने परीक्षाओं के संचालन में कथित अव्यवस्था के कारण लोगों का भरोसा टूटने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की। पटनायक ने कहा, एक मजबूत लोकतंत्र संवाद से आगे बढ़ता है, चुप्पी से नहीं। जब बात देश के युवाओं की हो, तब यह संवाद और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे ने देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। इसलिए इसे संसद में सबसे बड़ी प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर संसद में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होनी चाहिए। ऐसी ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक, गलत मूल्यांकन और व्यवस्था की खामियां दोबारा न हों। पटनायक ने कहा कि भारत के युवा देश के मौजूदा नेतृत्व से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर क्या कहा?
उन्होंने कहा, हम उन्हें निराश नहीं कर सकते। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं से ईमानदारी और खुले मन से बातचीत करने से लोकतंत्र, शिक्षा व्यवस्था और देश के नेतृत्व पर लोगों का भरोसा फिर मजबूत होगा। बीजू जनता दल देश के युवाओं और छात्रों के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश के लाखों बच्चों के लिए शिक्षा ही बेहतर भविष्य का एकमात्र रास्ता है। हर विकसित देश की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी व भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली पर टिकी होती है।
ओडिशा के पांच बार मुख्यमंत्री रहे पटनायक ने कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा व्यवस्था की मजबूती के कारण बड़ी प्रगति की है। इसी व्यवस्था ने डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, शिक्षक और नवाचार करने वाली कई पीढ़ियां तैयार की हैं, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।
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उन्होंने कहा कि आज इस व्यवस्था पर लोगों का भरोसा टूट गया है। इसका नुकसान सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं है। इससे पूरी शिक्षा व्यवस्था की नींव पर लोगों का विश्वास कमजोर हुआ है। इससे मेहनत करने वाले छात्रों को यह संदेश जाता है कि अब उनकी मेहनत की कोई कीमत नहीं रही और गरीबी से बाहर निकलने का उनका सबसे बड़ा सहारा भी छिन रहा है।
बीजेडी की क्या मांग है?
बीजू जनता दल ने भी पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर पार्टी सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी कर चुकी है।