PM Modi in Karnataka: 'विकसित भारत की कमान युवाओं के हाथ', मैसूर से पीएम मोदी का युवाओं को बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्घाटन करते हुए युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की तेज प्रगति का आधार देश के युवा हैं और स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने शिक्षा, नवाचार, खेल, जल संरक्षण, स्वच्छता और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मैसूर में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं से सेवा, नवाचार, शिक्षा और अनुशासन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए स्वयं को समर्पित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे साकार करना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है। मैसूर स्थित श्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेक स्मारक) का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह स्मारक ऐसे युवाओं का निर्माण करेगा जो स्वयं से पहले राष्ट्र को प्राथमिकता दें और स्वामी विवेकानंद के सेवा व त्याग के आदर्शों से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि यह केंद्र रामकृष्ण मिशन के सेवा कार्यों का नया विस्तार है।
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था कैसे बना?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कभी भारत के युवा औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों में जकड़े हुए थे, लेकिन आज वही युवा वैश्विक विकास को गति दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और इसके पीछे देश के युवाओं की क्षमता, प्रतिभा और मेहनत सबसे बड़ी ताकत है।
स्टार्टअप से लेकर अंतरिक्ष तक युवाओं ने कैसे बनाई नई पहचान?
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। देश मोबाइल फोन निर्माण में दूसरे स्थान पर है और सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डीप टेक तथा अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने हाल ही में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित भारतीय रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के युवा नवाचारकर्ताओं की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है।
स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत कौन बनाएगा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसे साकार करने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि विवेक स्मारक युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा देगा।
रामकृष्ण मिशन से अपने जुड़ाव का क्या किया उल्लेख?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रामकृष्ण मिशन ने उनके जीवन को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने मिशन के संन्यासियों से दोबारा मिलने का अवसर मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसके लिए आभार जताया।
मैसूर का स्वामी विवेकानंद के जीवन में क्या महत्व रहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैसूर भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद का इस शहर से विशेष जुड़ाव था और तत्कालीन मैसूर महाराजा के सहयोग ने उनके शिकागो धर्म संसद की ऐतिहासिक यात्रा को संभव बनाया।
'शिव ज्ञाने जीव सेवा' का संदेश क्यों दोहराया गया?
प्रधानमंत्री ने 'शिव ज्ञाने जीव सेवा' के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव सेवा ही ईश्वर की सेवा है। उन्होंने कहा कि विवेक स्मारक युवाओं को गरीबों, वंचितों और राष्ट्रहित को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखने की प्रेरणा देगा।
आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को युवाओं से कैसे जोड़ा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान युवाओं की शक्ति के कारण सफल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आत्मविश्वास मिले तो वे अपने हर सपने को साकार कर सकते हैं।
युवाओं से जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर क्या अपील की?
प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और पानी की हर बूंद बचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए मिशन मोड में काम करना समय की आवश्यकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कौन-कौन सी उपलब्धियां गिनाईं?
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में 650 से अधिक विश्वविद्यालय, लगभग 14 हजार कॉलेज, 4 हजार से अधिक आईटीआई, 9 आईआईएम, 7 आईआईटी और 13 नए एम्स स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़कर करीब 1.4 लाख हो गई है, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 823 तक पहुंच गई है।
नई शिक्षा नीति और पीएम श्री स्कूलों की क्या भूमिका बताई?
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि 14 हजार से अधिक पीएम श्री स्कूल और 10 हजार से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दे रहे हैं।
शिक्षा में समान अवसर को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब बेटियां राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पा रही हैं। साथ ही छात्रों को अपनी मातृभाषा में चिकित्सा और इंजीनियरिंग की पढ़ाई का अवसर मिल रहा है, जिससे भाषा संबंधी बाधाएं कम हुई हैं।
राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर क्या बोले प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल भी राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि खेलो इंडिया, यूथ गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, पैरा गेम्स और विंटर गेम्स जैसी योजनाओं तथा खेल अवसंरचना के विस्तार से गांवों और छोटे शहरों की प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिला है। इसका परिणाम अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के बेहतर प्रदर्शन के रूप में दिखाई दे रहा है।
कन्नड़ साहित्य और स्थानीय उत्पादों को लेकर क्या संदेश दिया?
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कन्नड़ साहित्य को गहराई से पढ़ने और समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक महान साहित्यकारों और कवियों की भूमि है। साथ ही लोगों से आग्रह किया कि वे उपहार के रूप में मैसूर की हस्तशिल्प वस्तुएं, चंदन से बने उत्पाद और पारंपरिक कलाकृतियां खरीदकर स्थानीय कारीगरों का समर्थन करें।
विवेक स्मारक की स्थापना का उद्देश्य क्या है?
आधिकारिक बयान के अनुसार, विवेक स्मारक स्वामी विवेकानंद की नवंबर 1892 में मैसूर यात्रा की स्मृति में बनाया गया है। उसी दौरान उन्होंने देशभर की यात्रा के क्रम में मैसूर में प्रवास किया, विद्वानों और श्रद्धालुओं से संवाद किया तथा तत्कालीन महाराजा श्री चामराजेंद्र वाडियार दशम का संरक्षण प्राप्त किया, जिसके सहयोग से वे 1893 में शिकागो स्थित विश्व धर्म संसद में भाग लेने जा सके।
विवेक स्मारक में युवाओं के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
ऐतिहासिक निरंजन मठ परिसर में लगभग 81 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में निर्मित इस केंद्र में मुख्य भवन और एनेक्स ब्लॉक शामिल हैं। यहां 4-डी एक्सपीरियंस सेंटर, प्रदर्शनी हॉल, लगभग 700 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, कक्षाएं, सम्मेलन कक्ष, पुस्तकालय, वाचनालय, ध्यान एवं योग कक्ष, पुस्तक बिक्री केंद्र तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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इस केंद्र से कितने युवाओं को मिलेगा लाभ?
स्वामी विवेकानंद के जीवन, संदेश और आदर्शों को समर्पित यह सांस्कृतिक युवा केंद्र मूल्य आधारित शिक्षा, नेतृत्व क्षमता के विकास और व्यक्तित्व निर्माण का प्रमुख केंद्र बनेगा। अधिकारियों के अनुसार, इससे आसपास के शिक्षण संस्थानों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को व्याख्यान, कार्यशालाओं, अल्पकालिक पाठ्यक्रमों और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से लाभ मिलेगा।