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Mumbai: साइबर ठगी बचाएगी मुंबई पुलिस की यह सलाह, व्हाट्सएप प्राइवेसी के इस ऑप्शन का करना होगा इस्तेमाल
Sat, 01 Aug 2026 05:11 PM IST
सुनील मेहरोत्रा
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: सुनील मेहरोत्रा
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:11 PM IST
सार
मुंबई पुलिस ने साइबर ठगी से बचने के लिए व्हाट्सएप में 'माय कांटेक्ट्स ओनली' प्राइवेसी सेटिंग इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 10 लाख रुपये नकद और कई उपकरण बरामद हुए हैं।
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व्हाट्सएप
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
मुंबई पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए व्हाट्सएप की प्राइवेसी सेटिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। डीसीपी बजरंग बनसोडे ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि व्हाट्सएप प्राइवेसी में हमेशा 'माय कांटेक्ट्स ओनली' सेटिंग का ही इस्तेमाल करना चाहिए। आजकल साइबर अपराधी ज्यादा फायदे का लालच देकर लोगों को अनजान व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप्स में जोड़ लेते हैं और धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं। इस सेटिंग को चुनने से केवल आपकी कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद जाने-पहचाने लोग ही आपको किसी ग्रुप में शामिल कर पाएंगे और कोई भी अनजान व्यक्ति बिना आपकी मर्जी के आपको ग्रुप में नहीं जोड़ सकेगा।
इस प्राइवेसी सलाह के साथ ही पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की। इस केस की जांच साइबर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर चिमाजी आढाव ने की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सलमान पठान नामक व्यक्ति अपने साथियों के साथ साइबर धोखाधड़ी की रकम निकालने के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक की बोरिवली या माहिम ब्रांच में आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों जगह ट्रैप लगाया। बोरिवली में सलमान पठान व उसके दो साथियों को तब गिरफ्तार किया गया, जब आरोपी चेक के जरिए दस लाख रुपये नकद निकालकर बाकी के दस लाख रुपये और निकालने की कोशिश कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने भायंदर पश्चिम स्थित केजीएन एंटरप्राइजेज और मीरा रोड के शांति शॉपिंग सेंटर स्थित रिचा एंटरप्राइजेज के दफ्तरों पर छापा मारा। वहां से चार अन्य साथियों को हिरासत में लिया गया, जिससे इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। छानबीन में सामने आया कि यह गिरोह साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट खोलने और उनसे कैश निकालने का काम करता था। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दस लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों की 31 रबर स्टैंप, 23 सिम कार्ड, 22 चेकबुक, 7 बैंक अकाउंट किट, एक नोट गिनने की मशीन और बैंक खाता खोलने से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह बड़ा खुलासा भी हुआ है कि आरोपियों के इन बैंक खातों के तार देश भर में दर्ज 84 से ज्यादा साइबर अपराधों से जुड़े हुए हैं।
डीसीपी बनसोडे ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक, फाइल, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से दूर रहें। अपना बैंक खाता, पैन कार्ड या अन्य निजी जानकारी किसी से शेयर न करें और शेयर बाजार या निवेश के लिए केवल सेबी से मान्यता प्राप्त सलाहकारों की ही मदद लें।
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इस प्राइवेसी सलाह के साथ ही पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की। इस केस की जांच साइबर पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर चिमाजी आढाव ने की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सलमान पठान नामक व्यक्ति अपने साथियों के साथ साइबर धोखाधड़ी की रकम निकालने के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक की बोरिवली या माहिम ब्रांच में आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों जगह ट्रैप लगाया। बोरिवली में सलमान पठान व उसके दो साथियों को तब गिरफ्तार किया गया, जब आरोपी चेक के जरिए दस लाख रुपये नकद निकालकर बाकी के दस लाख रुपये और निकालने की कोशिश कर रहे थे।
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पकड़े गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने भायंदर पश्चिम स्थित केजीएन एंटरप्राइजेज और मीरा रोड के शांति शॉपिंग सेंटर स्थित रिचा एंटरप्राइजेज के दफ्तरों पर छापा मारा। वहां से चार अन्य साथियों को हिरासत में लिया गया, जिससे इस मामले में कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हुई है। छानबीन में सामने आया कि यह गिरोह साइबर ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट खोलने और उनसे कैश निकालने का काम करता था। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से दस लाख रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों की 31 रबर स्टैंप, 23 सिम कार्ड, 22 चेकबुक, 7 बैंक अकाउंट किट, एक नोट गिनने की मशीन और बैंक खाता खोलने से जुड़े कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच में यह बड़ा खुलासा भी हुआ है कि आरोपियों के इन बैंक खातों के तार देश भर में दर्ज 84 से ज्यादा साइबर अपराधों से जुड़े हुए हैं।
डीसीपी बनसोडे ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि किसी भी अनजान लिंक, फाइल, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप से दूर रहें। अपना बैंक खाता, पैन कार्ड या अन्य निजी जानकारी किसी से शेयर न करें और शेयर बाजार या निवेश के लिए केवल सेबी से मान्यता प्राप्त सलाहकारों की ही मदद लें।