Brazil-India: अमेरिकी टैरिफ तनाव के बीच PM ने लूला दा सिल्वा से बात की, जल्द भारत आएंगे ब्राजील के राष्ट्रपति
Brazil-India: पीएम मोदी ने गुरुवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से बात की और वैश्विक दक्षिण के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए घनिष्ठ सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा से बात की। पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक दक्षिण के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों में करीबी सहयोग बहुत जरूरी है। एक्स एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा, मैं जल्द ही ब्राजील के राष्ट्रपति का भारत में स्वागत करने का इंतजार कर रहा हूं।
पीएम मोदी ने कहा, राष्ट्रपति लूला से बात करके खुशी हुई। हमने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी में मजबूत गति की समीक्षा की, जो आने वाले साल में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने के लिए तैयार है। उन्होंने आगे कहा, वैश्विक दक्षिण के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा करीबी सहयोग बहुत जरूरी है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और आने वाले साल में इसे और ऊंचाइयों पर ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। पिछले साल ब्रासीलिया और साउथ अफ्रीका में हुई अपनी मुलाकातों को याद करते हुए, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र सहित द्विपक्षीय सहयोग के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष जताया।
Conversei hoje por telefone com o primeiro-ministro da Índia, @narendramodi. Falamos sobre a visita de Estado que farei a Nova Délhi entre 19 e 21 de fevereiro próximo e sobre a agenda bilateral. Destacamos a importância do Fórum Empresarial Brasil – Índia que ocorrerá durante…
— Lula (@LulaOficial) January 22, 2026
भारत 2026 में ब्रिक्स शिखर बैठक की अध्यक्षता करने वाला है और इसमें शामिल होने के लिए अन्य शासनाध्यक्षों के अलावा लूला दा सिल्वा भी आने वाले हैं। लूला ने पिछले अगस्त में पुष्टि की थी कि 2026 की शुरुआत में भारत का राजकीय दौरा होगा। उन्होंने था कि वह ट्रंप द्वारा लगाए गए टैक्स से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के समूह के बीच बातचीत शुरू करेंगे। यह बात दोनों नेताओं के बीच ऐसे समय हो रही है, जब राष्ट्रपति ट्रंप दावोस में बोर्ड ऑफ पीस की नींव रख रहे हैं।
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ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ से भारत ने बनाई दूरी, हस्ताक्षर समारोह में नहीं हुआ शामिल
वहीं दूसरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से पेश किए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के हस्ताक्षर समारोह में भारत शामिल नहीं हुआ। यह पहल दावोस में विश्व आर्थिक मंच के इतर आयोजित की गई थी और इसका उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति की दिशा में काम करना बताया गया है। भारत के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन, चीन, जर्मनी सहित कई प्रमुख देश भी हस्ताक्षर समारोह में मौजूद नहीं थे। वहीं जर्मनी, इटली, पराग्वे, रूस, स्लोवेनिया, तुर्किये और यूक्रेन जैसे कुछ देशों ने निमंत्रण पर अब तक स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था, लेकिन भारत ने अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।
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