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PM Modi Video Row: वीडियो ब्लॉक होने के बाद मेटा ने दिया सरकार को भरोसा, सरकार क्यों नहीं संतुष्ट?
Thu, 30 Jul 2026 09:48 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 30 Jul 2026 09:48 AM IST
सार
PM Modi Video Row: पीएम मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ समय के लिए ब्लॉक होने के बाद मेटा ने सरकार को नए सुरक्षा इंतजामों का भरोसा दिया है। वीडियो हटने के विवाद से लेकर मेटा की सफाई और सरकार की नाराजगी तक, पूरे मामले को जानिए रिपोर्ट में।
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पीएम नरेंद्र मोदी
- फोटो : ऑल इंडिया रेडियो
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो को फेसबुक पर कुछ समय के लिए ब्लॉक किए जाने के विवाद के बाद मेटा ने सरकार को भरोसा दिया है कि आगे से उनके जैसे प्रमुख खातों की पोस्ट की अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। सूत्रों ने बताया, आगे से ऐसे पोस्ट की जांच सिर्फ मेटा के वरिष्ठ अधिकारी ही करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि कंपनी की ओर से किसी भी पोस्ट पर कार्रवाई करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच की जाएगी। इसके बाद मेटा के कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारी उस फैसले की समीक्षा करेंगे। यह जानकारी प्लेटफॉर्म की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भेजे गए ताजा संदेश के हवाले से दी गई है।
सरकार को मेटा ने क्या भरोसा दिया?
सूत्रों ने यह भी बताया कि मेटा टीम इस सप्ताह के अंत में सरकार से मुलाकात करेगी। इस बैठक में कंटेंट रेगुलेशन यानी सामग्री नियंत्रण जैसे अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
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जिस वीडियो को कुछ समय के लिए ब्लॉक किया गया था, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जेन जी के लिए संदेश था। इस संदेश में उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही थी। यह वीडियो 23 जुलाई को अपलोड किया गया था। यह उस समय पोस्ट किया गया था, जब कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था।
मेटा की सफाई से सरकार क्यों संतुष्ट नहीं?
मेटा ने इस मामले को तकनीकी गड़बड़ी बताया था। इसके बाद सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में मेटा और इंस्टाग्राम के बड़े अधिकारियों को तलब किया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह कंपनी की ओर से दी गई सफाई को पर्याप्त नहीं मानता।
ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र: स्कूलों के नजदीक समोसा-वड़ा पाव पर रोक, कैंटीन के बदले नियम; जंक फूड पर सरकार ने क्या निर्देश दिए?
मंगलवार को आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा, यह अच्छी बात है कि उन्होंने माफी मांगी और माना कि उनसे गलती हुई। लेकिन हम इस स्पष्टीकरण से खुश नहीं हैं। यह पर्याप्त नहीं है और हम और जानकारी मांग रहे हैं। यह बयान समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से सामने आया।
एआई प्रणाली पर क्यों उठे सवाल?
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मेटा के स्पष्टीकरण के साथ-साथ वीडियो हटाए जाने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। मेटा ने सरकार को बताया है कि यह वीडियो उसके एआई आधारित स्वचालित कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली में आई गड़बड़ी के कारण कुछ समय के लिए हट गया था।
हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि यह तकनीकी कंपनी अपने कंटेंट मॉडरेशन के लिए एआई प्रणाली पर काफी निर्भर करती है।
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सूत्रों ने बताया कि कंपनी की ओर से किसी भी पोस्ट पर कार्रवाई करने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच की जाएगी। इसके बाद मेटा के कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारी उस फैसले की समीक्षा करेंगे। यह जानकारी प्लेटफॉर्म की ओर से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को भेजे गए ताजा संदेश के हवाले से दी गई है।
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सरकार को मेटा ने क्या भरोसा दिया?
सूत्रों ने यह भी बताया कि मेटा टीम इस सप्ताह के अंत में सरकार से मुलाकात करेगी। इस बैठक में कंटेंट रेगुलेशन यानी सामग्री नियंत्रण जैसे अन्य अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
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जिस वीडियो को कुछ समय के लिए ब्लॉक किया गया था, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जेन जी के लिए संदेश था। इस संदेश में उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कही थी। यह वीडियो 23 जुलाई को अपलोड किया गया था। यह उस समय पोस्ट किया गया था, जब कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था।
मेटा की सफाई से सरकार क्यों संतुष्ट नहीं?
मेटा ने इस मामले को तकनीकी गड़बड़ी बताया था। इसके बाद सरकार ने इस हफ्ते की शुरुआत में मेटा और इंस्टाग्राम के बड़े अधिकारियों को तलब किया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह कंपनी की ओर से दी गई सफाई को पर्याप्त नहीं मानता।
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मंगलवार को आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा, यह अच्छी बात है कि उन्होंने माफी मांगी और माना कि उनसे गलती हुई। लेकिन हम इस स्पष्टीकरण से खुश नहीं हैं। यह पर्याप्त नहीं है और हम और जानकारी मांग रहे हैं। यह बयान समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से सामने आया।
एआई प्रणाली पर क्यों उठे सवाल?
सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और मेटा के स्पष्टीकरण के साथ-साथ वीडियो हटाए जाने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है। मेटा ने सरकार को बताया है कि यह वीडियो उसके एआई आधारित स्वचालित कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली में आई गड़बड़ी के कारण कुछ समय के लिए हट गया था।
हालांकि, भारतीय अधिकारियों ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा है कि यह तकनीकी कंपनी अपने कंटेंट मॉडरेशन के लिए एआई प्रणाली पर काफी निर्भर करती है।