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Resignation in Modi Govt: जिस सरकार में कहा गया- यहां इस्तीफे नहीं होते, 12 साल में वहां कब-किसने छोड़ा पद?
Sat, 25 Jul 2026 05:54 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sat, 25 Jul 2026 05:54 PM IST
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सार
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सीजेपी का प्रदर्शन।
- फोटो :
अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफे का एलान कर दिया। 12 साल के नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में ऐसे बेहद कम मौके आए हैं, जब किसी मंत्री ने दबाव में इस्तीफा दिया हो। प्रधान के इस्तीफा के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का एक पुराना बयान भी वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा था कि एनडीए सरकार में मंत्रियों के इस्तीफे नहीं होते। प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी राजनाथ के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया झुकती है, झुकाने वाला चाहिए।आइये जानते हैं कि धर्मेंद्र प्रधान से पहले मोदी सरकार में कब-किन मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया? इस्तीफे के कब-क्या कारण रहे? कब-किसी मंत्री को दबाव के चलते अपना पद छोड़ना पड़ा है?
मोदी सरकार में कब-किस मंत्री ने दिया इस्तीफा?
पहले कार्यकाल में किन अहम मंत्रियों के हुए इस्तीफे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले कार्यकाल (2014-2019) के दौरान, कुछ प्रमुख मंत्रियों ने नीतिगत विवादों के बजाय राज्य के कामों या कैबिनेट पुनर्गठन के कारण इस्तीफे दिए थे।1. मनोहर पर्रिकर: गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में लौटने के लिए 13 मार्च 2017 को रक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
2. एम. वेंकैया नायडू: भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित होने के बाद 17 जुलाई 2017 को आवास और शहरी मामलों के मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
3. नजमा हेपतुल्ला: अगस्त 2016 में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री पद से इस्तीफा दिया। तब सामने आया था कि उनका इस्तीफा भाजपा के एक अनकहे 75 साल पार करने के नियम के कारण हुआ था।
4. सर्वानंद सोनोवाल: असम में भाजपा की सरकार बनवाने में अहम चेहरा रहे सोनोवाल ने 2016 में केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा दिया था। तब उन्हें पार्टी ने असम का मुख्यमंत्री नियुक्त किया था।
5. सुरेश प्रभु: केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अगस्त 2017 में अपने कार्यकाल में दो बड़े रेलवे हादसों की नैतिक जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, उनका इस्तीफा नहीं हुआ था। मोदी सरकार ने अगले कैबिनेट फेरबदल में उन्हें रेल मंत्रालय से हटाकर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय सौंप दिया था।
6. एमजे अकबर: कुछ महिला पत्रकारों की तरफ से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद एमजे अकबर ने विदेश राज्य मंत्री के पद से 17 अक्तूबर 2018 को इस्तीफा दे दिया था। पत्रकारों का आरोप था कि अकबर पर लगे आरोप उनके अखबार के संपादक रहने के दौर के थे।
भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल (2019-2024) में कई बड़े राजनीतिक बदलाव, कैबिनेट फेरबदल और मंत्रियों के इस्तीफे देखने को मिले थे। इस दौरान नीतिगत फैसलों, चुनावी समीकरणों और स्वास्थ्य कारणों से कई वरिष्ठ मंत्रियों ने अपने पद छोड़े। सबसे बड़ा परिवर्तन 7 जुलाई 2021 को मोदी सरकार 2.0 का पहले बड़े विस्तार की वजह से हुए। इससे ठीक पहले 12 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दिया था। इनमें से कुछ बड़े नाम शामिल थे।
6. एमजे अकबर: कुछ महिला पत्रकारों की तरफ से यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद एमजे अकबर ने विदेश राज्य मंत्री के पद से 17 अक्तूबर 2018 को इस्तीफा दे दिया था। पत्रकारों का आरोप था कि अकबर पर लगे आरोप उनके अखबार के संपादक रहने के दौर के थे।
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में किन अहम मंत्रियों के हुए इस्तीफे?
भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल (2019-2024) में कई बड़े राजनीतिक बदलाव, कैबिनेट फेरबदल और मंत्रियों के इस्तीफे देखने को मिले थे। इस दौरान नीतिगत फैसलों, चुनावी समीकरणों और स्वास्थ्य कारणों से कई वरिष्ठ मंत्रियों ने अपने पद छोड़े। सबसे बड़ा परिवर्तन 7 जुलाई 2021 को मोदी सरकार 2.0 का पहले बड़े विस्तार की वजह से हुए। इससे ठीक पहले 12 मंत्रियों ने एक साथ इस्तीफा दिया था। इनमें से कुछ बड़े नाम शामिल थे।
1. डॉ. हर्षवर्धन: कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय की कार्यप्रणाली को लेकर काफी सवाल उठे थे। हालांकि, उनसे बीच में इस्तीफा नहीं लिया गया और कैबिनेट फेरबदल के दौरान ही उन्होंने इस्तीफा दिया।
2. रविशंकर प्रसाद: सोशल मीडिया कंपनियों के साथ नियमों को लेकर जारी विवादों के बीच उन्होंने कानून और आईटी मंत्री का पद छोड़ा। यह भी कैबिनेट फेरबदल के बीच ही था।
3. प्रकाश जावड़ेकर: कैबिनेट फेरबदल के रणनीतिक बदलावों के तहत तब पर्यावरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री का पद छोड़ा था।
4. रमेश पोखरियाल 'निशंक': इन्होंने मुख्य रूप से खराब स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
5. संतोष गंगवार और बाबुल सुप्रियो: इन मंत्रियों को भी इस फेरबदल के दौरान कैबिनेट से हटा दिया गया था। जहां गंगवार को श्रम एवं रोजगार मंत्री के पद से हटाया गया, वहीं सुप्रियो से राज्य मंत्री का पद लिया गया था।
2. रविशंकर प्रसाद: सोशल मीडिया कंपनियों के साथ नियमों को लेकर जारी विवादों के बीच उन्होंने कानून और आईटी मंत्री का पद छोड़ा। यह भी कैबिनेट फेरबदल के बीच ही था।
3. प्रकाश जावड़ेकर: कैबिनेट फेरबदल के रणनीतिक बदलावों के तहत तब पर्यावरण, सूचना एवं प्रसारण मंत्री का पद छोड़ा था।
4. रमेश पोखरियाल 'निशंक': इन्होंने मुख्य रूप से खराब स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
5. संतोष गंगवार और बाबुल सुप्रियो: इन मंत्रियों को भी इस फेरबदल के दौरान कैबिनेट से हटा दिया गया था। जहां गंगवार को श्रम एवं रोजगार मंत्री के पद से हटाया गया, वहीं सुप्रियो से राज्य मंत्री का पद लिया गया था।
6. हरसिमरत कौर बादल: कृषि कानूनों के विरोध में सितंबर 2020 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री के पद से अकाली दल की नेता ने इस्तीफा दे दिया। उनकी पार्टी ने भी एनडीए से दूरी बनाने का एलान कर दिया था।
7. अरविंद सावंत: महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूटने के बाद नवंबर 2019 में इन्होंने भारी उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
8. पशुपति कुमार पारस: एनडीए में भाजपा के सहयोगी दल- लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में हुई टूट और लोजपा (रामविलास) के नेता चिराग पासवान को प्राथमिकता दिए जाने के बाद पशुपति पारस ने अपना पद छोड़ दिया था।
7. अरविंद सावंत: महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूटने के बाद नवंबर 2019 में इन्होंने भारी उद्योग मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।
8. पशुपति कुमार पारस: एनडीए में भाजपा के सहयोगी दल- लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) में हुई टूट और लोजपा (रामविलास) के नेता चिराग पासवान को प्राथमिकता दिए जाने के बाद पशुपति पारस ने अपना पद छोड़ दिया था।
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में किन प्रमुख चेहरों के इस्तीफे हुए?
9 जून 2024 को शुरू हुए मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अब तक तीन मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दिया है।1. रवनीत सिंह बिट्टू: इन्होंने रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के पद से 24 जुलाई 2026 को इस्तीफा दिया। इनका राज्यसभा का कार्यकाल हाल ही में खत्म हुआ था और रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा इन्हें पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राज्य में अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहती है।
2. जॉर्ज कुरियन: इन्होंने मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री के पद को 23 जून 2026 को छोड़ा। हालांकि, इनके इस्तीफे का कोई कारण नहीं बताया गया।
3. धर्मेंद्र प्रधान: इन्होंने शिक्षा मंत्री का पद आज (25 जुलाई) छोड़ा। जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर जारी युवाओं के आंदोलन में प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी गई थी। इसके चलते प्रदर्शन शुरू होने के करीब 49 दिन बाद प्रधान का पद से इस्तीफा हुआ। एमजे अकबर के बाद ये ऐसा दूसरा मामला है जब बाहरी दबाव के चलते किसी मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा हो।