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President Murmu: पैतृक गांव पहुंचकर क्यों भावुक हुईं राष्ट्रपति मुर्मू? सिमिलिपाल जंगल में बिताएंगी रात

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायरंगपुर Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Fri, 06 Feb 2026 12:08 AM IST
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सार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के गुरुगुडिया फॉरेस्ट बंगले में रात्रि विश्राम करेंगी। शुक्रवार को वह सिमिलिपाल में स्थानीय आदिवासी महिलाओं और युवाओं के समूहों से संवाद करेंगी।

President Droupadi Murmu turned emotional late husband at her native village in Odisha s Mayurbhanj
अपने पैतृक गांव पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : ANI
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विस्तार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचीं। यहां राष्ट्रपति मुर्मू अपने दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते समय वह भावुक हो गईं।

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छह दिवसीय ओडिशा दौरे पर आईं राष्ट्रपति ने अपने गांव पहाड़पुर का दौरा किया। उन्होंने अपने दिवंगत पति, पुत्रों लक्ष्मण और सिपुन की स्मृति में बने एसएलएस मेमोरियल में श्रद्धांजलि अर्पित की। इस स्मारक में एक आवासीय विद्यालय संचालित होता है, जहां आदिवासी, वंचित और अनाथ बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने दिवंगत पति और पुत्रों के लिए निभाई रस्में
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बीते वर्षों में कई व्यक्तिगत दुखों का सामना किया है। उन्होंने वर्ष 2009 में अपने पुत्र लक्ष्मण, 2012 में पुत्र सिपुन और 2014 में अपने पति को खो दिया था। इसी अवधि में उन्होंने अपनी मां और एक भाई को भी खोया।

बीते कुछ दिनों में राष्ट्रपति ने अपने परिवार के दिवंगत सदस्यों की आत्मा की शांति के लिए जाजपुर और पुरी में पिंडदान की रस्में भी निभाईं। गुरुवार को उन्होंने रायरंगपुर स्थित एक जगन्नाथ मंदिर में हिंदू परंपराओं के अनुसार ब्राह्मणों के लिए भोज का आयोजन किया।

राष्ट्रपति ने जंगल क्षेत्र में स्थित संथाल समुदाय के पवित्र पूजा स्थल 'जाहिरा' का भी दौरा किया और संथाली देवता मारंग बुरु की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके साथ मौजूद कमांडो 'जाहिरा' में प्रवेश से पहले पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आए।

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आदिवासी महिलाओं से संवाद करेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर करीब साढ़े तीन बजे जशीपुर के पास अनुकुलपुर खेल मैदान में बनाए गए अस्थायी हेलीपैड पर उतरा। वहां उनका स्वागत वन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया, सांसद नबा चरण माझी और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने किया।

राष्ट्रपति के स्वागत के लिए सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं खड़ी थीं। इस अवसर पर चंगू और दंथा जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति भी दी गई। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों ने तिरंगा लहराकर ‘माटी की बेटी’ का स्वागत किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के गुरुगुडिया फॉरेस्ट बंगले में रात्रि विश्राम करेंगी। शुक्रवार को वह सिमिलिपाल में स्थानीय आदिवासी महिलाओं और युवाओं के समूहों से संवाद करेंगी। इसके साथ ही वह गरीब और वंचित वनवासियों को कंबल भी वितरित करेंगी, जिसके बाद वह भुवनेश्वर लौटेंगी।

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