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Bandh Against Labour Codes: श्रम सुधारों और आर्थिक नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी बंद, बंगाल-गुजरात में बेअसर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 12 Feb 2026 01:21 PM IST
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सार

चार नई श्रम संहिताओं के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को देशव्यापी बंद का एलान किया है। ट्रेड यूनियनों का दावा है कि इस बंद को 30 करोड़ के करीब कर्मचारियों का समर्थन मिल रहा है। हालांकि बंगाल में यह बंद बेअसर दिख रहा है। 

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बंगाल में बंद बेअसर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

चार नई श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग को लेकर ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को देशव्यापी बंद का एलान किया है। हालांकि यह बंद पश्चिम बंगाल में असर डालने में नाकाम रहा है और बंगाल में हालात पूरी तरह से सामान्य बने हुए हैं। सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य तौर पर संचालित हो रहे हैं। 
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बंगाल में बंद का असर नहीं
  • 14 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त तौर पर बंद का आह्वान किया है। इन ट्रेड यूनियनों की मांग है कि चार नई श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए और कामगारों और किसानों को प्रभावित करने वाली नीतियों को भी वापस लिया जाए। कर्मचारी और अध्यापक संगठनों ने भी ट्रेड यूनियन के इस बंद का समर्थन किया है। हालांकि एक समय वाम दलों का गढ़ रहा बंगाल इस बंद के असर से अछूता दिख रहा है।
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  • राजधानी कोलकाता और अन्य जिलों में हालात पूरी तरह से सामान्य दिख रहे हैं। स्कूल-कॉलेज खुले हुए हैं। 
  • हालांकि सीपीआईएम की छात्र शाखा एसएफआई ने जादवपुर यूनिवर्सिटी और प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी के गेट पर बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
  • ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर का कहना है कि करीब 30 करोड़ कर्मचारी इस बंद का समर्थन कर रहे हैं। 


 

इन राज्यों में बंद का व्यापक असर होने का दावा

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बंद का कई राज्यों में असर होने का दावा - फोटो : अमर उजाला
ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियां कामगार विरोधी, किसान विरोधी और राष्ट्रविरोधी होने के साथ-साथ कॉरपोरेट समर्थक हैं। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस की महासचिव अमरजीत कौर का दावा है कि असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, ओडिशा और बिहार में बंद का व्यापक असर है। केरल में बंद का व्यापक असर है और वहां आम जनजीवन बंद के असर से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 

गुजरात में भी बंद का असर नहीं
श्रम सुधार और आर्थिक नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियन की देशव्यापी बंद जारी है, लेकिन गुजरात में बंद का असर नहीं दिख रहा है। गुजरात में अधिकतर सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं। ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधियों ने कुछ जगहों पर प्रदर्शन किए और कुछ बैंकों में कामकाज प्रभावित हुआ है, लेकिन इनके अलावा अन्य चीजें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में बंद का असर नहीं दिखा है। 

 
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