उद्धव ठाकरे का भाजपा पर निशाना: निकाय चुनाव में हार के बाद बोले- वफादारी की दीवार को नहीं तोड़ सकता पैसा
महाराष्ट्र स्थानीय चुनावों में महायुति का दबदबा रहा, शिवसेना (यूबीटी) और महा विकास अघाड़ी को हार मिली। उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए भाजपा पर निशाना साधा और भविष्य में मजबूती से वापसी का भरोसा जताया।
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महाराष्ट्र में हाल ही में हुए सभी चुनावों में शिवसेना (यूबीटी) को हार का सामना करना पड़ा। इसी बीच उद्धव ठाकरे ने अपने उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। उद्धव ठाकरे ने भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति पर निशाना साधते हुए कहा कि नगर निगम के चुनावों में खुब पैसा बहाया गया इसके बाद भी ये वफादारी की दीवार नहीं तोड़ पाए।
12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावों में अधिकतर पर महायुति का दबदबा रहा। इसमें से कुछ सीटों पर चुने गए शिवसेना के सदस्यों और कार्यकर्ताओं से से हिम्मत न हारने और आगे की लड़ाइयों के लिए तैयार रहने को कहा।
नगर परिषद, नगर पंचायत और नगर निगम में लगातार जीत के बाद, भाजपा ने जीत की "हैट्रिक" हासिल की है, जिससे वह राज्य में नंबर वन पार्टी बन गई है। इसके उलट, महा विकास अघाड़ी को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। हार मानते हुए, ठाकरे ने पार्टी सदस्यों और जीतने वाले उम्मीदवारों को हौसला बढ़ाने वाला मैसेज दिया। उन्होंने कहा आपने सच में चमत्कार किया है। आपने बहुत मुश्किल हालात में भी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने आगे कहा भले ही आज हालात ठीक न हों, भविष्य हमारा है। जिस हिम्मत से आपने ये चुनाव लड़े, वही हमारी असली ताकत है।
महायुति ने ग्रामीण महाराष्ट्र में काफी बढ़त हासिल की है। जो राज्य की रीढ़ है। ठाकरे का बयान इस बात की और इशारा है कि वह नई ऊर्जा के साथ वापस मैदान में लौट रहे हैं। ठाकरे 2026 के ग्रामीण चुनावों की भी तैयारी में नजर आ रहे हैं। इन चुनावों को अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। लातूर, सांगली और छत्रपति संभाजीनगर जैसे जिलों में भाजपा के प्रदर्शन ने उसकी जमीनी पकड़ को मजबूत किया है। दूसरी तरफ, शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने कोस्टल बेल्ट में अच्छा प्रदर्शन किया, और एनसीपी (अजीत पवार) ने पश्चिमी महाराष्ट्र में अपनी पकड़ बनाए रखी।