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भड़काऊ भाषण मामला: हुमायूं कबीर को पुलिस ने भेजा समन, CM शुभेंदु की चेतावनी के बाद बैठक के तीन आयोजक गिरफ्तार

Tue, 30 Jun 2026 05:39 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 30 Jun 2026 05:39 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल पुलिस ने हुमायूं कबीर को कथित भड़काऊ भाषणों के मामले में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उन्हें दो अलग-अलग मामलों में जुलाई की शुरुआत में संबंधित थानों में उपस्थित होने को कहा गया है। इसी मामले में सभाओं के आयोजन से जुड़े तीन स्थानीय नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कबीर की सार्वजनिक टिप्पणियों की कड़ी आलोचना करते हुए कार्रवाई का संकेत दिया था।

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Provocative speech case Police issue summons to Humayun Kabir 3 meeting organizers arrested CM Suvendu warning
एजेयूपी प्रमुख हुमायूं कबीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और नौदा विधायक हुमायूं कबीर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। पुलिस ने मंगलवार को हुमायूं कबीर को हाल के दिनों में कथित रूप से भड़काऊ और उकसाऊ सार्वजनिक बयान देने के मामले में नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है।
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यह नोटिस मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा विधानसभा में हुमायूं कबीर को आड़े हाथों लेने और यह कहने के 24 घंटे के भीतर जारी किया गया कि अब उन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है। पुलिस ने हुमायूं कबीर को दो अलग-अलग मामलों में पूछताछ के लिए तीन जुलाई को मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर थाने और चार जुलाई को रेजीनगर थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया है।
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विवादित बैठक के तीन आयोजक गिरफ्तार
पुलिसकर्मियों ने मंगलवार की सुबह मुर्शिदाबाद स्थित हुमायूं कबीर के घर पहुंचे और समन सौंपा। पुलिस के अनुसार, कबीर घर पर मौजूद नहीं थे, इसलिए नोटिस उनके परिवार के एक सदस्य को दिया गया। इससे पहले दिन में मुर्शिदाबाद पुलिस ने एजेयूपी के तीन स्थानीय नेताओं अमीनुल हक, अनीसुर रहमान और गोलाम मुस्तफा को गिरफ्तार किया। पुलिस का आरोप है कि इन्हीं नेताओं ने उन जनसभाओं का आयोजन किया था, जहां हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर ऐसे बयान दिए, जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका थी।
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सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था, "जो लोग सोच रहे हैं कि पुलिस दर्ज मामलों में आगे कार्रवाई नहीं करेगी, उन्हें मैं भरोसा दिलाता हूं कि पहले उन लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा जिन्होंने हुमायूं कबीर को इन सभाओं में बुलाया था और उसके बाद हम उनके पास भी पहुंचेंगे।"

सीएम शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी देते हुए क्या कहा था?
मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर को कड़ी चेतावनी देते हुए सार्वजनिक भाषणों और भाषा पर संयम बरतने को कहा। उन्होंने दावा किया कि नौदा विधायक अपने बेटे के संभावित उपचुनाव के लिए मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने के उद्देश्य से ऐसे भड़काऊ बयान दे रहे हैं। उनका बेटा रेजीनगर सीट से चुनाव लड़ सकता है, जिसे हुमायूं कबीर ने खाली किया है।

हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर आठ जून को शक्तिपुर और 26 जून को रेजीनगर में आयोजित जनसभाओं में ये बयान दिए थे। पुलिस के अनुसार, इससे पहले भी वह इस तरह के विवादित सार्वजनिक बयान देते रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि पीटीआई नहीं कर सका, में हुमायूं कबीर शक्तिपुर की सभा में स्थानीय भाजपा नेताओं पर निशाना साधते दिखाई दे रहे हैं।

हुमायूं कबीर ने दिया था क्या विवादित बयान?
वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं, "जिस दिन मैं हजारों मुसलमानों को लेकर सड़क पर उतरूंगा, ऐसा वार करूंगा कि भाजपा का झंडा उठाने वाला भी कोई नहीं बचेगा।" उन्होंने यह भी कहा, "भाजपा ने चुनाव जीत लिया, यह अच्छी बात है। लेकिन मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि मुर्शिदाबाद में डींगें हांकना बंद करें। हमारे खिलाफ ऐसे कई मामले दर्ज हुए हैं, लेकिन जिस दिन वे मेरी सहनशक्ति की सीमा पार करेंगे, उस दिन मैं यह नहीं देखूंगा कि मुख्यमंत्री कौन हैं, एसपी कौन हैं और कौन किस पद पर है।"

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जवाब में संदेशखाली के शेख शाहजहां, कैनिंग के शौकत मोल्ला और फलता के पूर्व विधायक जहांगीर खान का उदाहरण देते हुए चेतावनी दी कि अगर हुमायूं कबीर ने अपने सार्वजनिक व्यवहार में सुधार नहीं किया तो उनका भी वही हश्र हो सकता है।

उन्होंने विधानसभा में कहा था, "बहुत हो चुका। अब उन्हें सबक सिखाने का समय आ गया है। कान खोलकर सुन लें, मैं उन्हें इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना और बेलगाम बयान फिर कभी नहीं देने दूंगा। मैं उनसे न सिर्फ ये बयान वापस करवाऊंगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करूंगा कि भविष्य में ऐसा बोलने से पहले वे कई बार सोचें। मैं इस सदन को भरोसा दिलाता हूं कि यह आखिरी बार होगा जब वे सार्वजनिक रूप से ऐसे बयान देंगे।"

सीएम शुभेंदु के बयान पर कबीर ने दी थी क्या प्रतिक्रिया? 
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने अपेक्षाकृत नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके बयान सरकार के खिलाफ नहीं थे, बल्कि उन लोगों के खिलाफ थे जो विधानसभा चुनाव के बाद मुर्शिदाबाद में भाजपा नेता बने और उन्हें तथा उनके समर्थकों को धमका रहे थे।

उन्होंने सोमवार को विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से कहा, "मैंने राजनीतिक रूप से उनका जवाब दिया जिन्होंने मुझ पर और मेरी पार्टी के समर्थकों पर हमला किया। अगर कोई मुझ पर पत्थर फेंकेगा तो वह यह उम्मीद नहीं कर सकता कि मैं उसे रसगुल्ले खिलाऊंगा।"


उन्होंने कहा, "अगर रेजीनगर, नौदा, बेलाडांगा और मुर्शिदाबाद के अन्य इलाकों के लोगों के साथ मौजूदा सरकार पक्षपात करेगी, तो मेरा संघर्ष जारी रहेगा और मैं जेल जाने के लिए भी तैयार हूं।" हुमायूं कबीर को जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, "हुमायूं को यह समझ लेना चाहिए कि बंगाल में बाबर का शासन नहीं है।"
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