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Politics: 'सलाहकारों के नियंत्रण में राहुल गांधी का दिमाग', केंद्रीय मंत्री रिजिजू का कांग्रेस नेता पर निशाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Nirmal Kant
Updated Thu, 26 Mar 2026 07:21 PM IST
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सार
Politics: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी का दिमाग उनके सलाहकारों के नियंत्रण में है और वह संसद में वही बोलते हैं जो उन्हें बताया जाता है। उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर गांधी के टी-शर्ट पहनकर आने पर भी सवाल उठाया और कहा कि शालीन पहनावा संसदीय परंपरा का हिस्सा है। पढ़िए रिपोर्ट-
किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिमाग पर उनके सलाहकारों का नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संसद में वही बोलते हैं, जो उनके सलाहकार उन्हें कहते हैं। रिजिजू ने सदन में विपक्ष के नेता के टी-शर्ट पहनकर आने पर भी सवाल उठाया।
संसदीय कार्य मंत्री ने एक समाचार चैनल के सम्मेलन में यह बात कही। रिजिजू ने कहा कि संसद में हस्तक्षेप करते हुए उन्हें उन लोगों से बात करना अधिक सहज लगता है, जिन्होंने अहम योगदान दिया है।
राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, निजी तौर पर मुझे राहुल गांधी से कोई आपत्ति नहीं है। हम मिलते हैं। बैठक के दौरान और बैठक कक्ष में भी विचारों का आदान-प्रदान करते हैं, क्योंकि वह विपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है। कोई दिक्कत नहीं। लेकिन, जब आप सदन में औपचारिक रूप से बोल रहे होते हैं, तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार का पालन करना होता है। यह संसदीय लोकतंत्र का बहुत अहम पहलू है। लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके कार्यकर्ता सलाहकारों के नियंत्रण में है। वह वही कहते हैं, जो उनके सलाहकार उन्हें कहते हैं।
ये भी पढ़ें: 'परिसीमन से पहले महिला आरक्षण कानून में संशोधन की जल्दबाजी क्यों?' खरगे ने सरकार से पूछा सवाल
कांग्रेस नेता की पोशाक पर क्या बोले?
उन्होंने जोर देकर कहा, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष में थी, तब उसने कुछ मानकों का पालन किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किए। लेकिन कभी कोई सीमा पार नहीं की। राहुल गांधी के संसद में अक्सर अनौपचारिक पोशाक में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में व्यक्ति को उचित व्यवहार करना चाहिए और पहनावा इसका एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा, उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत है। जब आप विपक्ष के नेता होते हैं, तो आपको एक तय व्यवहार करना पड़ता है। शालीन पहनावा भी इसका एक हिस्सा है।
रिजिजू ने कहा, लोकसभा अध्यक्ष बनने से पहले दिग्गज कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी ढीली कमीज और चप्पलें पहना करते थे। लेकिन अध्यक्ष चुने जाने के बाद वह शालीनता से आने लगे, ताकि वह कुर्सी पर अच्छे दिखें। इसी तरह विपक्ष के नेता पूरे विपक्ष के नेता हैं। उन्हें ऐसे कपड़ने पहनने चाहिए, जो उनके पद की छवि को दर्शाते हों।
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संसदीय कार्य मंत्री ने एक समाचार चैनल के सम्मेलन में यह बात कही। रिजिजू ने कहा कि संसद में हस्तक्षेप करते हुए उन्हें उन लोगों से बात करना अधिक सहज लगता है, जिन्होंने अहम योगदान दिया है।
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राहुल गांधी को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा, निजी तौर पर मुझे राहुल गांधी से कोई आपत्ति नहीं है। हम मिलते हैं। बैठक के दौरान और बैठक कक्ष में भी विचारों का आदान-प्रदान करते हैं, क्योंकि वह विपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है। कोई दिक्कत नहीं। लेकिन, जब आप सदन में औपचारिक रूप से बोल रहे होते हैं, तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार का पालन करना होता है। यह संसदीय लोकतंत्र का बहुत अहम पहलू है। लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके कार्यकर्ता सलाहकारों के नियंत्रण में है। वह वही कहते हैं, जो उनके सलाहकार उन्हें कहते हैं।
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कांग्रेस नेता की पोशाक पर क्या बोले?
उन्होंने जोर देकर कहा, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विपक्ष में थी, तब उसने कुछ मानकों का पालन किया और जोरदार विरोध प्रदर्शन किए। लेकिन कभी कोई सीमा पार नहीं की। राहुल गांधी के संसद में अक्सर अनौपचारिक पोशाक में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा, विपक्ष के नेता (एलओपी) के रूप में व्यक्ति को उचित व्यवहार करना चाहिए और पहनावा इसका एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा, उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत है। जब आप विपक्ष के नेता होते हैं, तो आपको एक तय व्यवहार करना पड़ता है। शालीन पहनावा भी इसका एक हिस्सा है।
रिजिजू ने कहा, लोकसभा अध्यक्ष बनने से पहले दिग्गज कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी ढीली कमीज और चप्पलें पहना करते थे। लेकिन अध्यक्ष चुने जाने के बाद वह शालीनता से आने लगे, ताकि वह कुर्सी पर अच्छे दिखें। इसी तरह विपक्ष के नेता पूरे विपक्ष के नेता हैं। उन्हें ऐसे कपड़ने पहनने चाहिए, जो उनके पद की छवि को दर्शाते हों।