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बाढ़ से डूबा असम: चार जिलों में एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, नदियां खतरे के निशान से ऊपर, बारिश का अलर्ट

Wed, 12 Aug 2026 01:38 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 12 Aug 2026 01:38 PM IST
सार

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे नए इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आईएमडी ने चराइदेव, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर और तिनसुकिया में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।

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Rain havoc continues across country Assam submerged floods rivers above danger marks rainfall alert issued
असम में बाढ़ का कहर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई

विस्तार

असम में बुधवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। चार जिलों में 1.12 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं और पहले से ही बाढ़ की चपेट में आए कई क्षेत्रों में और अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान है।

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एएसडीएमए ने क्या बताया? 
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के एक अधिकारी ने बताया कि कई नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे नए क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने बताया कि आईएमडी के गुवाहाटी केंद्र ने चराइदेव, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने के साथ-साथ गरज और बारिश और मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

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बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई है? 

उन्होंने कहा कि गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी में भयंकर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।  एएसडीएमए के दैनिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली है और इस वर्ष की बाढ़ में मरने वालों की संख्या 101 पर बनी हुई है।

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सबसे ज्यादा कौन सा जिला प्रभावित हुआ?
बुलेटिन में कहा गया है कि गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में बाढ़ से वर्तमान में 1,12,700 से अधिक लोग प्रभावित हैं। गोलाघाट सबसे बुरी तरह प्रभावित जिला है, जहां 65,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, इसके बाद शिवसागर में लगभग 20,000 और नागांव में 16,000 से अधिक लोग बाढ़ के पानी की चपेट में हैं।

कितनी फसले नुकसान हुई है? 

प्रशासन पांच जिलों में 92 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जो 30,205 प्रभावित लोगों को सहायता कर रहे हैं।  प्राधिकरण ने बताया कि राज्य भर में कम से कम 441 गांव अभी भी जलमग्न हैं और 10,879.03 हेक्टेयर फसल भूमि क्षतिग्रस्त हो गई है।

बाढ़ के पानी ने कई जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया है। एएसडीएमए के अनुसार, बाढ़ से राज्य भर में 31,650 घरेलू पशु और मुर्गी पालन प्रभावित हुए हैं।

पुनर्वास के लिए कितने रुपये की जरूरत है? 
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को कहा कि बाढ़ की ताजा लहर से तबाह हुए जिलों में संपत्तियों की मरम्मत और बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्वास प्रक्रिया में पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया है।



मुख्यमंत्री सरमा ने क्या कहा? 
सरमा ने कहा कि स्थायी राहत प्रदान करने के लिए, 9 अगस्त को राहत आकलन अभियान शुरू किया गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, 8,000 से अधिक परिवारों का आकलन किया जा चुका है और 150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि यह सर्वेक्षण 30 अगस्त तक जारी रहेगा और इसमें हाल ही में आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित ऊपरी जिलों के 50,000-60,000 परिवारों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।

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