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यूक्रेनी बैंक से रूस का अरबों डॉलर का विवाद: पूर्व CJI चंद्रचूड़ को मिली बड़ी जिम्मेदारी; क्या है पूरा मामला?
Wed, 12 Aug 2026 01:17 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 12 Aug 2026 01:17 PM IST
सार
रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक के साथ विवाद में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ बनाया है। बैंक रूस की सैन्य कार्रवाई से हुए नुकसान की भरपाई मांग रहा है। विवाद में तीन मध्यस्थ हैं और दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है। रिपोर्ट में जानिए पूरा मामला-
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डीवाई चंद्रचूड़, पूर्व सीजेआई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
रूस ने भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ को यूक्रेन के एक सरकारी बैंक के साथ चल रहे विवाद में अपना मध्यस्थ बनाया है।
मामला क्या है?
यूक्रेन का सरकारी बैंक ओशचादबैंक रूस से पैसे के नुकसान की भरपाई मांग रहा है। बैंक का कहना है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण यूक्रेन के कुछ इलाकों में उसकी संपत्ति और कारोबार को नुकसान हुआ। इन इलाकों में डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया शामिल हैं।
बैंक ने इस मामले को लेकर रूस के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। इसमें दोनों पक्षों के बीच विवाद का फैसला कराने के लिए तीन लोगों की एक टीम बनाई गई है।
चंद्रचूड़ की भूमिका क्या होगी?
रूस ने इस तीन सदस्यीय टीम में अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है। यानी वह इस मामले में रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ होंगे। तीन सदस्यों वाली इस टीम की अध्यक्षता कोस्टा रिका की ड्याला जिमेनेज करेंगी। उन्हें रूस और यूक्रेन के बैंक, दोनों ने मिलकर चुना है। तीसरे सदस्य ग्रीस के स्तावरोस ब्रेकौलाकिस हैं। उन्हें यूक्रेन के ओशचादबैंक ने चुना है।
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ये भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े फर्जी वकीलों की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस
विवाद कितना बड़ा है?
ओशचादबैंक ने रूस से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है।बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को इस विवाद की जानकारी दी थी। आरोप है कि रूस की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद बैंक ने यह कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
क्या चंद्रचूड़ पहले रूस का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं?
जस्टिस चंद्रचूड़ को इससे पहले भी रूस ने दो मामलों में अपना मध्यस्थ बनाने की कोशिश की थी। ये मामले विंटरशॉल डीआ और यूक्रेनर्गो से जुड़े थे। चंद्रचूड़ ने दोनों प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी एक दूसरी जिम्मेदारी से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने रूस से हुई बातचीत की जानकारी साझा करने के बाद यह फैसला लिया था। इस मामले में ओशचादबैंक की ओर से कई वकील उसका पक्ष रख रहे हैं। वहीं, रूस की ओर से भी वकीलों की एक टीम मामले को देख रही है।
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मामला क्या है?
यूक्रेन का सरकारी बैंक ओशचादबैंक रूस से पैसे के नुकसान की भरपाई मांग रहा है। बैंक का कहना है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण यूक्रेन के कुछ इलाकों में उसकी संपत्ति और कारोबार को नुकसान हुआ। इन इलाकों में डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसन और जापोरिज्जिया शामिल हैं।
बैंक ने इस मामले को लेकर रूस के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। इसमें दोनों पक्षों के बीच विवाद का फैसला कराने के लिए तीन लोगों की एक टीम बनाई गई है।
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चंद्रचूड़ की भूमिका क्या होगी?
रूस ने इस तीन सदस्यीय टीम में अपने पक्ष से जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना है। यानी वह इस मामले में रूस की ओर से नियुक्त मध्यस्थ होंगे। तीन सदस्यों वाली इस टीम की अध्यक्षता कोस्टा रिका की ड्याला जिमेनेज करेंगी। उन्हें रूस और यूक्रेन के बैंक, दोनों ने मिलकर चुना है। तीसरे सदस्य ग्रीस के स्तावरोस ब्रेकौलाकिस हैं। उन्हें यूक्रेन के ओशचादबैंक ने चुना है।
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विवाद कितना बड़ा है?
ओशचादबैंक ने रूस से हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है। इस दावे की रकम सैकड़ों करोड़ डॉलर बताई जा रही है।बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को इस विवाद की जानकारी दी थी। आरोप है कि रूस की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद बैंक ने यह कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
क्या चंद्रचूड़ पहले रूस का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं?
जस्टिस चंद्रचूड़ को इससे पहले भी रूस ने दो मामलों में अपना मध्यस्थ बनाने की कोशिश की थी। ये मामले विंटरशॉल डीआ और यूक्रेनर्गो से जुड़े थे। चंद्रचूड़ ने दोनों प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए थे। इसके बाद उन्होंने अपनी एक दूसरी जिम्मेदारी से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने रूस से हुई बातचीत की जानकारी साझा करने के बाद यह फैसला लिया था। इस मामले में ओशचादबैंक की ओर से कई वकील उसका पक्ष रख रहे हैं। वहीं, रूस की ओर से भी वकीलों की एक टीम मामले को देख रही है।