फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ram Mandir Donation Row Trust Champat Rai Anil Mishra SIT Investigation Ayodhya Tinnu Yadav explained news

Explainer: अनिल मिश्रा-चंपत राय के हटने से राम मंदिर ट्रस्ट में क्या बदलेगा, SIT जांच में किस पर-क्या खुलासा?

Tue, 07 Jul 2026 03:12 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 07 Jul 2026 03:12 PM IST
सार

राम मंदिर में हुईं चढ़ावा चोरी की घटनाओं के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैठक में मंदिर के प्रबंधन और संचालन प्रणाली को अधिक सशक्त, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़े सुधारों के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही एसआईटी की शुरुआती जांच रिपोर्ट में भी मंदिर प्रशासन में कमियों के खुलासे हुए हैं, जिन पर चर्चा के लिए न्यास ने 22 जुलाई को फिर बैठक बुलाई है। 

विज्ञापन
Ram Mandir Donation Row Trust Champat Rai Anil Mishra SIT Investigation Ayodhya Tinnu Yadav explained news
राम मंदिर में दान की राशि के गबन की जांच जारी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राम मंदिर में दान के गबन के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। सोमवार को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे को न्यास की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। इसके अलावा राम मंदिर निर्माण में शामिल रहे गोपाल राव को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। वहीं, चढ़ावा चोरी की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट भी सामने आ गई है। इसमें दान के गबन के घटनाक्रम और इससे जुड़े कुछ नामों का जिक्र भी किया गया है। 
विज्ञापन


आइये विस्तार से जानते हैं कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हालिया ताजा घटनाक्रम क्या हुआ है? दो सदस्यों के हटने से अब ट्रस्ट में क्या बदलाव हुआ है? इसकी आगे की कार्यशैली क्या रहने वाली है? विशेष जांच दल की जो रिपोर्ट सामने आई है, उसमें गबन के घटनाक्रम को लेकर क्या कहा गया है? इसके अलावा रिपोर्ट में किन नामों का जिक्र है और जांच के घेरे में आए कौन से चेहरों का जिक्र नहीं है? 
विज्ञापन

पहले जानें- राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद का हालिया घटनाक्रम क्या है?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद में हाल ही में कई बड़े प्रशासनिक बदलाव और जांच से जुड़े अहम खुलासे हुए हैं। 

1. नेतृत्व परिवर्तन और इस्तीफे
चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद भारी दबाव के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था, जिसे ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। इसके अलावा ट्रस्ट में विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। 

2. एसआईटी रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे
पहली बार सार्वजनिक हुई एसआईटी रिपोर्ट में कहा गया है कि राम मंदिर में दान गणना की निगरानी के लिए बनाए गए सख्त नियमों (एसओपी) को कमजोर कर दिया गया था। इसमें कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज में भी कर्मचारियों की तरफ से की जा रही चढ़ावा चोरी की घटनाएं दर्ज की गईं। 

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी: नोटों की गड्डियां और खुले नोट, 70 बार चोरी कैमरे में कैद; पहली बार सामने आई SIT रिपोर्ट

अब जानें- दो सदस्यों के हटने से ट्रस्ट में क्या बदलाव हुआ है?

नेतृत्व और नई टीम का गठन: चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें मंदिर की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी नई टीम गठित करने और दो सहायक नियुक्त करने की इजाजत दी गई है। फिलहाल ट्रस्ट के जो दो पद खाली हुए हैं, उन्हें भरने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है।

बैंक खातों के संचालन में बदलाव: पहले बैंक खातों के संचालन का जिम्मा डॉ. अनिल मिश्रा के पास था। हालांकि, चढ़ावे की गणना के लिए उनकी तरफ से बनाए गए नियमों का ठीक ढंग से पालन नहीं हुआ। इसके चलते ट्रस्ट से हटने के उनके फैसले को स्वीकारा गया। अब नई व्यवस्था के तहत कृष्ण मोहन, जगदीश आफले और चंदन राय संयुक्त रूप से बैंक खातों का संचालन करेंगे। 

विज्ञापन

राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आगे की कार्यशैली क्या रहेगी?

1. सीईओ की नियुक्ति का हुआ फैसला 
मंदिर प्रबंधन के लिए एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति करने का अहम फैसला लिया गया है। यह सीईओ मंदिर की दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों और संचालन से जुड़ी अहम जिम्मेदारियां संभालेगा। सीईओ की नियुक्ति के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें अवकाश प्राप्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, ले जनरल (रि.) विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावड़े को शामिल किया गया है। सुरेश साईबाबा संस्थान ट्रस्ट (शिरडी) के पूर्व अध्यक्ष हैं और परमाणु वैज्ञानिक रहे हैं। ये समिति सीईओ के लिए नाम सुझाएगी।

2. पारदर्शिता के लिए समिति और विशेषज्ञों की सलाह
मंदिर की व्यवस्थाओं को सुरक्षित और फूलप्रूफ बनाने के लिए एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, एसआईटी की सिफारिशों के साथ-साथ स्वतंत्र विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया जाएगा, ताकि प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें। दर्शनार्थियों के दान को सुरक्षित रखने के लिए एक अभेद्य व्यवस्था तैयार की जाएगी।

3. बैठकों की समय-सीमा में हुआ बदलाव
आम तौर पर ट्रस्ट की बैठक हर तीन महीने में रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए पहली बार 15 दिन के अंदर ही अगली बैठक बुलाई गई है। अगली बैठक 22 जुलाई को होगी, जिसमें नए न्यासियों (ट्रस्टियों) और सीईओ की नियुक्ति और एसआईटी जांच रिपोर्ट की प्रगति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें उन खामियों को दूर करने का रोडमैप तैयार होगा, जिन्हें एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट में उजागर करेगा। 


विशेष जांच दल की शुरुआती रिपोर्ट में गबन को लेकर क्या सामने आया?

विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य और प्रशासनिक स्तर पर भारी लापरवाहियां सामने आई हैं।

कैमरे में कैद हुई 70 बार चोरी
  • एसआईटी ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गणना कर्मियों द्वारा करीब 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाने की घटनाओं की पुष्टि की है। 
  • एसआईटी के मुताबिक, 27 अप्रैल से पहले भी चोरी होती रही, लेकिन उस समय का फुटेज मौजूद न होने से कुल वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं हो सका।

Ram Mandir Donation Row Trust Champat Rai Anil Mishra SIT Investigation Ayodhya Tinnu Yadav explained news
Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सुरक्षा नियमों में दी गई ढील
एसआईटी ने पाया कि 6 फरवरी 2025 को बनी एसओपी में बदलाव करके अनिवार्य तलाशी की व्यवस्था को रैंडम तलाशी में बदल दिया गया था। इसके अलावा निर्धारित वेशभूषा, प्रवेश/निकास पर सघन चेकिंग और निजी सामान ले जाने पर प्रतिबंध जैसी व्यवस्थाएं भी लागू नहीं की गईं।

मुख्य साजिशकर्ता टिन्नू यादव 
रिपोर्ट में कहा गया है कि रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के पास बिना किसी अधिकार के मंदिर की अलग-अलग हुंडियों की चाबियां थीं, जिसे भारी प्रशासनिक चूक माना गया है। टिन्नू ने ही गबन के अवसर तलाशने के लिए अपने रिश्तेदार मनीष कुमार यादव को गणना ड्यूटी पर रखवाया था।

चोरी का तरीका
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नौकरी मिलने के कुछ महीने बाद ही उन्होंने चोरी शुरू कर दी थी। शुरुआत में वे 500 रुपये के एक-दो नोट कपड़ों में छिपाकर ले जाते थे, लेकिन सीसीटीवी निगरानी में ढिलाई का फायदा उठाकर उन्होंने करोड़ों रुपये पार कर दिए।

सीसीटीवी बैकअप और निगरानी में कमी
ऑडिट में 180 दिन तक का सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की सिफारिश की गई थी, लेकिन सिर्फ 45 दिन का बैकअप ही रखा गया। कर्मचारियों ने भी पूछताछ में बताया कि कंट्रोल रूम में कई बार कोई निगरानी करने वाला मौजूद नहीं होता था, जिसका उन्होंने फायदा उठाया। 


एसआईटी रिपोर्ट में किन लोगों के नाम का जिक्र, गड़बड़ी की वजह कौन?

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सार्वजनिक हुई एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा से लेकर चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव और कुछ अन्य नामों का भी जिक्र है। इन्हें इस पूरे गबन और लापरवाही के लिए जिम्मेदार माना गया है।

डॉ. अनिल मिश्रा: रिपोर्ट में इन्हें दान व चढ़ावा प्रबंधन की जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने और गणना प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी न करने का दोषी पाया गया है।

Ram Mandir Donation Row Trust Champat Rai Anil Mishra SIT Investigation Ayodhya Tinnu Yadav explained news
ram mandir donation - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सुभाष श्रीवास्तव: ट्रस्ट की ओर से नियुक्त गणना कक्ष प्रभारी के तौर पर इन्हें सुरक्षा व्यवस्था लागू करने में विफल रहने और नियमित तलाशी न होने देने के कारण चोरी के लिए प्रमुख रूप से उत्तरदायी माना गया है। एसआईटी ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना की सिफारिश की है।

रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू: इन्हें गबन की मुख्य भूमिका में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इनके पास बिना किसी लिखित अधिकार के मंदिर की विभिन्न हुंडियों की चाबियां थीं। एसआईटी ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना है और इनके खिलाफ भी एफआईआर की संस्तुति की है।

मनीष कुमार यादव: यह टिन्नू यादव के रिश्तेदार हैं, जिन्हें टिन्नू ने गबन करने के अवसर तलाशने के उद्देश्य से ही सिफारिश लगाकर गणना ड्यूटी पर रखवाया था।

आठ अन्य आरोपी: एसआईटी ने अपनी जांच के आधार पर आठ लोगों पर प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिलने के बाद एफआईआर की संस्तुति की थी। पुलिस जांच के दौरान लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ला जैसे आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है।

बैंक अधिकारी: बैंक की ओर से भी गंभीर लापरवाही बरती गई; न तो कर्मियों को निर्धारित वेशभूषा दी गई और न ही अधिकारियों के मासिक रोटेशन का पालन हुआ।

चोरी के पैसों से आरोपियों ने कौन सी संपत्तियां खरीदीं?

गौरतलब है कि पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने सामूहिक रूप से करीब दो से तीन करोड़ रुपये तक की चोरी करने की बात स्वीकार की है, जिसका इस्तेमाल इन संपत्तियों की खरीद और अन्य जगहों पर किया गया। पुलिस पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि सात आरोपियों ने चोरी के पैसों से संपत्तियां खरीदी हैं, जिनमें से कुछ संपत्तियां अयोध्या के बाहर भी खरीदी गई हैं। एक आरोपी अविनाश शुक्ला की रिमांड के दौरान उसके कब्जे से एक कार और कई आभूषण बरामद हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अब तक आरोपियों के ठिकानों से करीब 79 लाख रुपये नकद और चोरी के आभूषण भी बरामद किए हैं। आरोपियों के घरों से कुछ अन्य जेवर भी मिले हैं, जिनका फिलहाल पुलिस की तरफ से सत्यापन किया जा रहा है।

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पहले 500 रुपये के एक-दो नोट, फिर बड़ी रकम, निगरानी में ढिलाई का फायदा; एक और अहम खुलासा

गबन की जांच के दायरे में आए कौन से नाम एसआईटी रिपोर्ट से गायब?

एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में मुख्य रूप से चंपत राय ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव और मंदिर व्यवस्थाओं से जुड़े गोपाल राव का कहीं भी जिक्र नहीं है। रिपोर्ट में इन दोनों महत्वपूर्ण व्यक्तियों का नाम न होने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या एसआईटी ने इन्हें क्लीन चिट दे दी है या फिर मामले की विस्तृत और अंतिम जांच रिपोर्ट तक इनकी भूमिका की आगे पड़ताल की जा रही है।

वहीं, विश्व हिंदू परिषद चंपत राय के बचाव में सामने आई है और कहा है कि केवल आरोप लगने से कोई व्यक्ति दोषी नहीं हो जाता और अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed