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RSS Centenary: 'भारत कई साल पहले आजाद हुआ, अब उपनिवेशवादी मानसिकता से पूरी मुक्ति अहम'; संघ शताब्दी पर आंबेकर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 22 Sep 2025 03:47 PM IST
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सार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 साल पूरे हो रहे हैं। इस साल दशहरे पर संघ अपना शताब्दी वर्ष मनाएगा। आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने आज संघ की भावी योजनाओं और देश में जरूरी बदलावों को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश को अब उपनिवेशवादी मानसिकता से मुक्त होना होगा। जानिए उन्होंने और क्या कहा?
आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
आरएसएस प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने आज भारत में होने वाले जरूरी बदलावों और देशवासियों की मानसिकता में बदलाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा, देश में हर कोई एक ऐसा भारत चाहता है जिस पर हमें गर्व हो, जहां सभी खुश हों और जो वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका निभाए। संघ इसे प्राप्त करने के लिए हर संभव तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन करेगा।
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आत्मनिर्भरता फैलाने का प्रयास करेगा संघ
उन्होंने कहा, 'परिवार अगली पीढ़ी की विचारधारा का मूल है... हम समाज में इस जागरूकता को आगे बढ़ाएंगे। भारत को आजादी कई साल पहले मिल गई थी, लेकिन इसे उपनिवेशवादी मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होना होगा। इसलिए, हम आत्मनिर्भरता फैलाने का प्रयास करेंगे और लोगों से नागरिक कर्तव्यों को लागू करने की अपील करेंगे... संघ भविष्य में इसी दिशा में काम करेगा।'
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शताब्दी वर्ष की शुरुआत इस साल दशहरे पर, अगले साल तक जश्न
भावी बदलावों में संघ की भूमिका और आरएसएस शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर प्रचार प्रमुख आंबेकर ने कहा, 'आरएसएस इस वर्ष विजयादशमी पर अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस वर्ष की विजयादशमी (2025) से अगली विजयादशमी (2026) तक आरएसएस शताब्दी वर्ष मनाएगा। इस वर्ष का विजयादशमी समारोह शताब्दी वर्ष की शुरुआत का प्रतीक होगा।
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ब्रिटेन और अमेरिका और अफ्रीका से भी आएंगे मेहमान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ने नागपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा, शताब्दी समारोह के उद्घाटन समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। बजाज फिनसर्व के चेयरमैन संजीव बजाज, डेक्कन इंडस्ट्रीज के केवी कार्तिक और सैन्य अधिकारी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल राणा प्रताप कलिता विशेष आमंत्रित मेहमान के रूप में शामिल होंगे। घाना, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और अमेरिका से अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
संघ ने देशभर में कार्यक्रम की बनाई है योजना
आंबेकर ने बताया कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम देशभर में बड़े पैमाने पर होंगे। मशहूर गायक और संगीतकार शंकर महादेवन ने 28 सितंबर को नागपुर में ‘संगीतमय संघ गीत’ प्रस्तुत करेंगे।सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सभी प्रांतों का दौरा करेंगे। अगस्त 2024 में दिल्ली में हुए तीन दिवसीय ‘संवाद’ कार्यक्रम की तर्ज पर बंगलूरू, कोलकाता और मुंबई में भी आयोजन होंगे। बंगलूरू में इसी साल 7-8 नवंबर, कोलकाता में 21 दिसंबर और मुंबई में अगले वर्ष 6-7 फरवरी को कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
100 वर्षों में भारत वैश्विक जिम्मेदारी निभाएगा
बता दें कि आरएसएस की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में ही की थी। 'व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण' के उद्देश्य से बनाए गए संघ की भविष्य की दृष्टि पर को लेकर आंबेकर ने कहा, आने वाले 100 वर्षों में भारत वैश्विक जिम्मेदारी निभा रहा होगा। 'हिंदू राष्ट्र' के विचार पर उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है। हेडगेवार ने संघ की स्थापना के समय भी ये बात कही थी। समाज को जागृत करने का कार्य निरंतर जारी है और लोग धीरे-धीरे इसे इसमें सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
संघ के मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी में मंथन
बता दें कि इस साल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संघ दशहरे से पहले भी कई अहम कार्यक्रमों का आयोजन कर चुका है। बीते अगस्त में आंबेकर ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, पूर्व राजनयिक कंवल सिब्बल समेत कई पूर्व राजदूत और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित कर देश के सामाजिक मुद्दों पर मंथन कर रहा है।