Russia Oil Tanker: रूसी टैंकर जब्त करने पर क्या ट्रंप-पुतिन की हुई बात? अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं दिया जवाब
बुधवार को अमेरिकी तटरक्षक बल ने एक रूसी तेल टैंकर को जब्त कर लिया। जिस पर रूस ने 'गंभीर चिंता' जताई। इस पर ट्रंप ने पुतिन से बात करने के लिए कुछ भी कहने से मना किया है।
विस्तार
अमेरिकी नौसेना ने उत्तरी अटलांटिक में वेनेजुएला से जुड़े प्रतिबंधित तेल टैंकर पर कब्जा कर लिया है। अमेरिका ने बताया उत्तरी अटलांटिक महासागर में कई हफ्तों तक पीछा करने के बाद रूस के झंडे वाले तेल टैंकर को सफलतापूर्वक जब्त कर लिया है। दावा किया जा रहा था कि इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से बात की है। लेकिन ट्रंप ने इस दावे के ऊपर कोई भी सफाई देने ने मान कर दिया।
फॉक्स न्यूज़ पर एक इंटरव्यू के दौरान एक सवाल के जवाब में, ट्रंप ने कहा मैं यह नहीं कहना चाहता। वहां एक रूसी जहाज, एक पनडुब्बी और एक डिस्ट्रॉयर था। जब हम वहां पहुंचे पनडुब्बी और डिस्ट्रॉयर वहीं से बहुत जल्दी चले गए। हमने जो जहाज वहां मौजूद था उसे कब्जे में ले लिया। इसके बाद तेल उतारा जाने लगा।
अमेरिकी सेना ने बुधवार (स्थानीय समय) को खुले समुद्र में हफ़्तों तक पीछा करने के बाद टैंकर पर चढ़कर उसे ज़ब्त कर लिया, इस ऑपरेशन से मॉस्को के साथ तनाव बढ़ गया है और रूस के सहयोगी वेनेज़ुएला पर दबाव बढ़ गया है।
हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि जहाज़ से तेल उतारा जा रहा था, लेकिन सीएनएन की रिपोरर्ट के अनुसार एनालिटिक्स फर्म केप्लर ने दावा किया कि ज़ब्ती के समय टैंकर में कोई तेल नहीं था।
अमेरिका ने जाहाज को क्यों पकड़ा
जिस टैंकर को पकड़ा गया है उसका पुराना नाम बेला 1 था। इस पर को 2024 में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। उस पर अवैध ईरानी तेल ले जाने वाले तथाकथित "शैडो फ्लीट" के हिस्से के रूप में काम करने का आरोप था। पिछले महीने जब जहाज तेल लेने वेनेजुएला जा रहा था तब अमेरिकी तट रक्षक ने इसे पकड़ने के कोशिश की थी। उस समय उस पर गुयाना का झंडा था। चालक दल ने जहाज़ पर चढ़ने से इनकार कर दिया और अचानक अटलांटिक की ओर मुड़ गया।
इसके बाद जहाज का नाम बदलकर मरीनरा कर दिया गया। इस पर रूसी झंडा पेंट कर दिया गया। यह जहाज एक रूसी शिपिंग रजिस्ट्री में दिखाई दिया। इस ऑपरेशन के बीच, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने रूस के साथ टकराव के जोखिम को कम बताया, और कहा कि ट्रंप के पुतिन के साथ अच्छे संबंध हैं। शिप-ट्रैकिंग वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार, टैंकर को उत्तरी अटलांटिक में आइसलैंड के दक्षिणी तट से लगभग 190 मील दूर ज़ब्त किया गया था।
रूसी मीडिया ने जब्ती का वीडियो जारी किया
अमेरिका ने ऑपरेशन का आधिकारिक फुटेज जारी नहीं किया, लेकिन रूसी सरकारी मीडिया ने एक धुंधला वीडियो जारी किया। जिसमें बताया गया कि कुछ दिन पहले बेला 1 का पीछा करते हुए एक जहाज दिखाई दिया। रूसी मीडिया ने दावा किया कि
टैंकर के ऊपर से फिल्माए गए फुटेज में, एक बिना निशान वाला जहाज दूर मंडराता हुआ दिखाई दे रहा है, जो आंशिक रूप से कोहरे से ढका हुआ है। RT ने दावा किया कि यह जहाज अटलांटिक में ऑपरेट करने वाला अमेरिकी तट रक्षक का जहाज थाजहाज अटलांटिक में ऑपरेट करने वाला अमेरिकी तट रक्षक का जहाज था, सीएनएन ने रिपोर्ट किया।
रूस ने ज़ब्ती की निंदा की, और परिवहन मंत्रालय ने तर्क दिया कि 1982 के यूएन कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ़ द सी के तहत "किसी भी देश को ऐसे जहाजों के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है जो दूसरे देशों के अधिकार क्षेत्र में रजिस्टर्ड हैं। यह एक ऐसी संधि है जिस पर यूएस ने हस्ताक्षर नहीं किए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार रूसी विदेश मंत्रालय ने मांग की कि अमेरिका जहाज पर सवार रूसी नागरिकों को "उनके वतन" वापस भेजे।
चीनी ने भी जब्ती का विरोध किया
चीन ने भी गुरुवार को इस जब्ती की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा चीन हमेशा से ऐसे अवैध एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता रहा है जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और जो यीएन सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत नहीं हैं, और ऐसे किसी भी कार्य का विरोध करता है जो यीएन चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं और दूसरे देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करते हैं।