Maharashtra: किसानों से जबरन वसूली का आरोप, शरद पवार बोले- राज्य सरकार गन्ना मिलों से उगाही पर करे पुनर्विचार
शरद पवार ने बारिश प्रभावित किसानों की मदद के नाम पर गन्ना किसानों से जबरन उगाही का आरोप लगाया। सरकार ने मिलों पर सीएम राहत कोष के लिए ₹15/टन की लेवी लगाई है। पवार ने इसे अनुचित बताते हुए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। हालांकि मामले में राज्य सरकार ने सफाई दी कि रकम किसानों से नहीं, मिलों के मुनाफे से ली जाएगी।
विस्तार
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार पर मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में योगदान के नाम पर बारिश से प्रभावित किसानों की मदद के बजाय गन्ना किसानों से जबरन वसूली का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से गन्ना मिलों से उगाही करने पर पुनर्विचार करने को कहा है। शरदचंद्र पवार का यह आरोप सीएमआरएफ के जरिये प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए मिलों में गन्ने पर लेवी लगाने के सरकार के कदम पर आया है।
पवार ने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि महाराष्ट्र सरकार ने बाढ़ से प्रभावित मराठवाड़ा के किसानों को वित्तीय मदद देने के लिए गन्ना किसानों से अतिरिक्त जबरन धन वसूलनी का फैसला किया है। मैं सरकार से उसके इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करता हूं। सरकार ने बीते हफ्ते सीएमआरएफ के लिए मिलों पर 10 रुपये प्रति टन गन्ने और बाढ़ प्रभावित किसानों की सहायता के लिए 5 रुपये प्रति टन लेवी लगाने का फैसला किया था। वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को साफ किया कि यह योगदान गन्ना मिलों के मुनाफे से आएगा, किसानों की कमाई से नहीं।
(खबर अपडेट की जा रही है)