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Karnataka: 'जल संकट से निपटने में नाकाम रही सिद्धारमैया सरकार', भाजपा का आरोप- 20 फीसदी गन्ने की फसल बर्बाद
आईएएनएस,बंगलूरू
Published by: Asmita Tripathi
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:17 AM IST
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सार
भाजपा ने सिद्धारमैया सरकार पर हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने में नाकाम रही है। इसके साथ ही आरोप लगाया कि राज्य में गर्मी के कारण 20 फीसदी की फसल बर्बाद हो गई है।
भाजपा नेता आर. अशोक
- फोटो : @RAshokaBJP
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विस्तार
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बुधवार को कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में भीषण लू और पानी की कमी के बीच किसानों की पूरी तरह अनदेखी करने का आरोप लगाया। आर अशोक ने कहा कि राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। वहीं, लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार की किसान समर्थक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हालात बेहद चिंताजनक हैं।
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गन्ने की फसल खराब होने का दावा
आर अशोक के मुताबिक, बेलगावी जिले के चिक्कोडी और निप्पाणी क्षेत्रों में गन्ने की करीब 20 प्रतिशत फसल तेज गर्मी के कारण खराब हो चुकी है। वहीं, गडग जिले के 76 से अधिक गांवों में लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब कांग्रेस सरकार सत्ता को लेकर आंतरिक राजनीति में व्यस्त है। आर अशोक ने सरकार की कथित विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि काबिनी, कृष्णा और मलप्रभा जैसे जलाशयों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद बिजली की कमी के कारण किसान अपने पंप सेट नहीं चला पा रहे हैं।
बिजली कटौती के कारण सूख रहे फसल
उन्होंने इसे एक विरोधाभासी स्थिति बताते हुए कहा कि कहीं पानी है लेकिन बिजली नहीं, तो कहीं बिजली है लेकिन पानी नहीं। आर अशोक के अनुसार, यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने आगे कहा कि गर्मी और बिजली कटौती के कारण खेतों में गन्ने की फसल सूख रही है। आर अशोक ने सरकार से सवाल किया कि किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।पेयजल संकट पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि गडग सहित कई जिलों में हालात बेहद खराब हैं, जहां इंसान और पशु दोनों पानी के लिए जूझ रहे हैं।
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राजनीतिक खींचतान छोड़कर किसानों पर ध्यान दे- आर अशोक
अशोका ने आरोप लगाया कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से टैंकर माफिया को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर निशाना साधते हुए अशोका ने कहा कि वे राजनीतिक खींचतान छोड़कर उत्तर कर्नाटक के किसानों की समस्याओं पर ध्यान दें। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए तुरंत मुआवजे की घोषणा और गांवों में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की। आर अशोक ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो किसानों की पीड़ा जनता के गुस्से में बदल सकती है।
हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए क्या इंतजाम
इस बीच, कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिला और तालुक अस्पतालों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2 बेड, तालुक अस्पतालों में कम से कम 5, और जिला अस्पतालों में कम से कम 10 बेड हीट-संबंधित बीमारियों (एचआरआई) के मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं।जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ये व्यवस्थाएं 31 जुलाई तक लागू रहेंगी और इन कमरों में थर्मामीटर, पंखे और बर्फ जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हीट से जुड़ी बीमारियों का बेहतर इलाज कर सकें।
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गन्ने की फसल खराब होने का दावा
आर अशोक के मुताबिक, बेलगावी जिले के चिक्कोडी और निप्पाणी क्षेत्रों में गन्ने की करीब 20 प्रतिशत फसल तेज गर्मी के कारण खराब हो चुकी है। वहीं, गडग जिले के 76 से अधिक गांवों में लोग गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब कांग्रेस सरकार सत्ता को लेकर आंतरिक राजनीति में व्यस्त है। आर अशोक ने सरकार की कथित विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि काबिनी, कृष्णा और मलप्रभा जैसे जलाशयों में पानी उपलब्ध होने के बावजूद बिजली की कमी के कारण किसान अपने पंप सेट नहीं चला पा रहे हैं।
बिजली कटौती के कारण सूख रहे फसल
उन्होंने इसे एक विरोधाभासी स्थिति बताते हुए कहा कि कहीं पानी है लेकिन बिजली नहीं, तो कहीं बिजली है लेकिन पानी नहीं। आर अशोक के अनुसार, यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने आगे कहा कि गर्मी और बिजली कटौती के कारण खेतों में गन्ने की फसल सूख रही है। आर अशोक ने सरकार से सवाल किया कि किसानों की इस परेशानी को दूर करने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।पेयजल संकट पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि गडग सहित कई जिलों में हालात बेहद खराब हैं, जहां इंसान और पशु दोनों पानी के लिए जूझ रहे हैं।
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राजनीतिक खींचतान छोड़कर किसानों पर ध्यान दे- आर अशोक
अशोका ने आरोप लगाया कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से टैंकर माफिया को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर निशाना साधते हुए अशोका ने कहा कि वे राजनीतिक खींचतान छोड़कर उत्तर कर्नाटक के किसानों की समस्याओं पर ध्यान दें। उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए तुरंत मुआवजे की घोषणा और गांवों में पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग की। आर अशोक ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो किसानों की पीड़ा जनता के गुस्से में बदल सकती है।
हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए क्या इंतजाम
इस बीच, कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी जिला और तालुक अस्पतालों को हीट स्ट्रोक से निपटने के लिए विशेष इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2 बेड, तालुक अस्पतालों में कम से कम 5, और जिला अस्पतालों में कम से कम 10 बेड हीट-संबंधित बीमारियों (एचआरआई) के मरीजों के लिए आरक्षित किए जाएं।जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ये व्यवस्थाएं 31 जुलाई तक लागू रहेंगी और इन कमरों में थर्मामीटर, पंखे और बर्फ जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ को भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे हीट से जुड़ी बीमारियों का बेहतर इलाज कर सकें।

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