सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   West Bengal ›   Kolkata News ›   SIR disruptive, may trigger mass disenfranchisement, vote theft, alleges Dipankar Bhattacharya

Politics: 'एसआईआर से लाखों लोगों के मताधिकार से वंचित होने और वोट चोरी का खतरा', दीपंकर भट्टाचार्य का बयान

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 24 Sep 2025 11:19 AM IST
विज्ञापन
सार

Politics: भाकपा (माले) लिबरेशन ने बिहार में चल रही मतदाता सूची की समीक्षा (एसआईआर) को असांविधानिक और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया से करोड़ों लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। पार्टी महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इसे नोटबंदी जैसी विघटनकारी प्रक्रिया बताया।

SIR disruptive, may trigger mass disenfranchisement, vote theft, alleges Dipankar Bhattacharya
दीपंकर भट्टाचार्य - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) लिबरेशन ने बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कहा कि यह देश की चुनावी परंपराओं से पूरी तरह हटकर है। पार्टी ने कहा कि यह प्रक्रिया बड़े पैमाने पर लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर सकती है और चुनाव में धोखाधड़ी को बढ़ावा दे सकती है। भाकपा (माले) लिबरेशन विपक्षी गठबंधन इंडिया का हिस्सा रही है। 
Trending Videos


पार्टी के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने इसे नोटबंदी जैसी विघटनकारी प्रक्रिया बताया और आरोप लगाया कि इसका मकसद सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की मूल भावना से छेड़छाड़ करना है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग नागरिकता तय करने के वाली संस्था नहीं है। लेकिन 75 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि लोगों से उनकी नागरिकता साबित करने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह फैसला चुनावी प्रक्रिया से पूरी तरह अलग है और भारत के लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भाकपा (माले) लिबरेशन और महागठबंधन की ओर से इस प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया गया है। लेकिन इसके बावजूद बिहार में यह प्रक्रिया जारी है। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी को आशंका थी कि प्रक्रिया शुरू होते ही बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाएंगे। करीब दो करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। 

ये भी पढ़ें: कांग्रेस कार्यसमिति बैठक के बाहर हंगामे की आशंका; किस बात का विरोध होने वाला है?

अब तक के घटनाक्रम में उनकी आशंका सही साबित हुई है। 65 लाख नाम अब तक हटाए जा चुके हैं और तीन लाख लोगों को नोटिस भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह कोई कल्पना नहीं, सच में हो रहा है। भट्टाचार्य ने दावा किया कि हटाए गए नामों में एक भी विदेशी घुसपैठिया नहीं था। 18 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट केआदेश के बाद जब चुनाव आयोग को हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करनी पड़ी, तब यह साफ हुआ कि उनमें एक भी बांग्लादेश, नेपाल या म्यांमार का नागरिक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से फैलाया गया घुसपैठिया का डर पूरी तरह झूठ निकला। 
 
भट्टाचार्य ने दावा किया कि बिहार में जुलाई से चलाए गए तीन जन अभियानों के चलते चुनाव आयोग को तीन बड़े फैसलों में बदलाव करना पड़ा। पहले चुनाव आयोग ने कहा था कि सभी आठ करोड़ मतदाताओं को 25 जुलाई तक फोटो और दस्तावेजों सहित फॉर्म जमा करना होगा। लेकिन जनता के विरोध के बाद यह आदेश बदल दिया गया। अब केवल  फॉर्म देना था, दस्तावेज नहीं। पहली बार चुनाव पीछे हटना पड़ा। दूसरी बात 65 लाख नाम हटाने के बाद आयोग को सुप्रीम के दखल के बाद ही हटाए गए नामों की सूची सार्वजनिक करनी पड़ी। तीसरी बड़ी बात यह रही कि सितंबर में कोर्ट ने आधार कार्ड को वैध दस्तावेज मानने का निर्देश दिया, जिसे पहले आयोग मानने से इनकार कर रहा था।

ये भी पढ़ें:  'कांग्रेस और द्रमुक के बीच आ गई दरार, जल्द खाली हो जाएगा स्टालिन का खेमा', AIADMK का दावा

उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि आज भी मतदाता सूची से नाम हटाना और चुनावी गड़बड़ी का खतरा बना हुआ है। पहले हर दिन चुनाव आयोग की तरफ से अपडेट मिलते थे, लेकिन अब चु्प्पी है। अचानक महीने के अंत में हमें एक अंतिम सूची मिल जाएगी, जो बंद दरवाजों के पीछे से तैयार हुई होगी। यही सबसे बड़ा खतरा है। भट्टाचार्य ने कहा कि उनकी पार्टी के मुताबिक यह पूरी प्रक्रिया असांविधानिक है। उन्होंने चेतावनी दी कि हो सकता है कोर्ट इसे बाद में गलत ठहराए, लेकिन तब तक बहुत देर हो जाएगी और करोड़ों लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे नोटबंदी ने देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, वैसे ही एसआईआर ने चुनावी प्रक्रिया को हिला दिया है। दोनों ही फैसले अचानक लिए गए, मनमाने थे और समाज पर भारी असर डालने वाले साबित हुए। फिर भी जैसे लोग नोटबंदी के असर से उबरे, वैसे ही बिहार भी इस संकट से उबर जाएगा और बदलाव का एक मजबूत संदेश देगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed