पीएम के साथ रहने वाले रिश्तेदारों को ही मिलेगी एसपीजी सुरक्षा, लोकसभा में ये तीन बिल पेश
- पूर्व प्रधानमंत्रियों को पद छोड़ने के पांच साल तक ही मिलेगी यह सुरक्षा
- कुछ हफ्ते पहले हटाई गई थी पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा
- गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, जरूरी था बिल में संशोधन करना
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लोकसभा में महाराष्ट्र मामले पर हंगामे के बीच सोमवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) संशोधन बिल 2019 पेश कर दिया गया। बिल के मुताबिक, अब प्रधानमंत्री के साथ केवल उन्हीं करीबी रिश्तेदारों को यह सुरक्षा मिलेगी, जो पीएम के सरकारी आवास में साथ रहेंगे। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्रियों को पद छोड़ने के पांच साल तक ही एसपीजी सुरक्षा मिलेगी। उनके रिश्तेदारों को भी सरकार द्वारा आवंटित निवास में रहने के दौरान पांच साल तक यह सुरक्षा मिलेगी।
सदन में बिल पेश करते हुए गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि मौजूदा एसपीजी बिल में पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार को एसपीजी सुरक्षा दिए जाने की मियाद तय नहीं है। ऐसे में एसपीजी सुरक्षा का दायरा काफी बड़ा हो जाता है। इससे मौजूदा पीएम की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है। मंत्री ने कहा कि इस बिल में संशोधन जरूरी था ताकि एसपीजी गठन के मूल में निहित पीएम की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके। प्रधानमंत्री बेहद महत्वपूर्ण पद है और उनकी सुरक्षा सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सर्वोपरि है।
गौरतलब है कि कुछ हफ्ते पहले सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा समाप्त कर उन्हें सीआरपीएफ का सुरक्षा घेरा दिया गया था। इसी तरह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा की एसपीजी सुरक्षा भी हटा ली गई थी। इससे नाराज कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
ये तीन बिल भी पेश
लोकसभा में सोमवार को एसपीजी अधिनियम संशोधन विधेयक के अलावा तीन और बिल पेश किये गए। इनमें कराधान विधि संशोधन बिल, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण बिल और पोत पुनर्चक्रण बिल शामिल हैं।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने काराधान विधि संशोधन बिल पेश करते हुए कहा, यह बिल कॉरपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से 22 फीसदी करने के लिए सरकार द्वारा 20 सितंबर को लाए गए अध्यादेश को कानून में बदलेगा। इसके अलावा उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण विधेयक 2019 पेश किया। वहीं केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीय ने अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत जहाजों के पुनर्चक्रण नियामक हेतु पोत पुनर्चक्रण बिल पेश किया।
सीबीआई को 894 मुखौटा कंपनियां मिलीं
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि पिछले चार सालों में 108 मामलों की जांच के दौरान सीबीआई को देश भर में 894 मुखौटा कंपनियां मिली हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक सवाल के लिखित जवाब में सदन को यह भी बताया कि जांच एजेंसी ने 104 मुखौटा कंपनियों के खिलाफ 30 मामले दर्ज किये हैं। ये कंपनियां झूठे वित्तीय बिल, बैंक धोखाधड़ी, धनशोधन, पद के गलत इस्तेमाल, आपराधिक साजिश जैसी अनियमितताओं में लिप्त पाईं गई हैं। मंत्री ने बताया कि 108 मामलों में से 72 में आरोप पत्र दाखिल हो गया है और सुनवाई चल रही है।