युवाओं के आंदोलन से झुकी सोरेन सरकार: बातचीत के लिए मुख्यमंत्री ने भेजा बुलावा; कई राज्यों में भी दिखा विरोध
झारखंड में छात्रों के बढ़ते आंदोलन ने हेमंत सोरेन सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है, जिसके बाद सरकार ने पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजा है। विपक्ष भी आंदोलन के समर्थन में उतर आया है, जबकि आंदोलन के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। इसी बीच पंजाब में पेपर लीक के विरोध में छात्रों पर पानी की बौछारें की गईं और राजस्थान में मूक-बधिर छात्रों के प्रदर्शन के बाद स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया गया।
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झारखंड का छात्र आंदोलन हेमंत सोरेन सरकार के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गया है। आंदोलन में छात्रों की बढ़ती भीड़ और सोशल मीडिया पर देशभर से मिल रहे समर्थन के चलते सरकार को पहली बार बातचीत का प्रस्ताव भेजना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर विपक्ष पूरी ताकत से छात्रों के साथ मैदान में उतर आया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्थल पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन देने का एलान कर दिया।
अब छात्रों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का एलान किया है। जिससे राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं। बुधवार को भी धरनास्थल पर छात्रों की संख्या अधिक थी। बाद में प्रशासन की टीम धरनास्थल पर पहुंची और और बातचीत का प्रस्ताव रखा। जिसपर छात्रों ने विचार-विमर्श के बाद फैसले की बात कही।
मतभेद बढ़े: छात्र आंदोलन अब अंदरूनी विवाद की वजह से दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। आंदोलन के संयोजकों में शामिल रामअवतार महतो ने आरोप लगाया कि आंदोलन को हाईजैक कर राजनीतिकरण किया गया है। उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल और उनके सहयोगियों पर आंदोलन पर कब्जा करने, राजनीतिक फंडिंग लेने और क्राउड फंडिंग के जरिए करोड़ों रुपये जुटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, कुणाल ने उल्टा रामअवतार पर ही आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कई राज्यों तक पहुंची छात्रों की नाराजगी की आंच
पंजाब : पेपर लीक का विरोध कर रहे युवाओं पर पानी की बौछारें
पंजाब में पेपर लीक के विरोध में विधानसभा मार्च कर रहे युवाओं पर पुलिस ने पानी की बौछारें की। युवा कांग्रेस और एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने बुधवार को अलग-अलग विरोध प्रदर्शन किया और राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान पुलिस ने उन्हें पंजाब विधानसभा की ओर मार्च करने से रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया। वहीं, एक अलग विरोध प्रदर्शन में, एबीवीपी के कार्यकर्ता विधानसभा मार्च करने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें भी रोका।
राजस्थान : मूक-बधिर छात्रों के विरोध के बाद प्रिंसिपल को हटाया
राजस्थान की राजधानी में बधिर बच्चों के लिए चलाए जा रहे सरकारी आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मूक-बधिर छात्रों ने बुधवार को खराब बुनियादी सुविधाओं का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को हटा दिया। विद्यार्थी स्कूल की इमारत से बाहर आए और धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गंदे शौचालय, पीने के पानी की कमी और स्कूल की जर्जर इमारत की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन के बाद, शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की।