सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court cancels bail patna high court dowry death case bihar

दहेज हत्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में पति की जमानत रद्द, कहा- मामला गंभीर, हाईकोर्ट में निर्णय मशीनी ढंग से हुआ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राकेश कुमार Updated Fri, 27 Mar 2026 01:28 PM IST
विज्ञापन
सार

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में पटना हाईकोर्ट की ओर से आरोपी पति को दी गई जमानत को रद्द कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों में केवल जेल की अवधि देखकर जमानत देना न्याय के लिए ठीक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को एक हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। 

supreme court cancels bail patna high court dowry death case bihar
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

देश की सर्वोच्च अदालत ने दहेज हत्या के एक मामले में बड़ी बात कही है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि समाज को दीमक की तरह चाट रही दहेज हत्या जैसी कुरीतियों के खिलाफ न्यायपालिका का रुख बेहद सख्त रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया है, जिसमें एक दहेज हत्या के आरोपी पति को महज इस आधार पर जमानत दे दी गई थी कि वह कुछ समय से जेल में था।
Trending Videos


क्या है पूरा मामला?
यह मामला बिहार के गोपालपुर थाना क्षेत्र का है। 1 सितंबर 2024 को दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मृतका की शादी को मात्र डेढ़ साल हुए थे। मृतका की मां लाल मुनी देवी ने आरोप लगाया कि शादी के समय 20 लाख रुपये नकद और करीब 6 लाख के जेवर देने के बावजूद, ससुराल पक्ष की भूख कम नहीं हुई। आरोपी पति और उसके परिवार ने लगातार गाड़ी और अन्य सामान को लेकर उनकी बेटी को प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, शादी के छह महीने के भीतर ही पति के किसी अन्य महिला के साथ संबंधों की बात भी सामने आई थी। जब मृतका ने इसका विरोध किया तो उसकी मौत हो गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दहलाया
आरोपी पति की जमानत रद्द करते हुए जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का विशेष जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, महिला की मौत सामान्य नहीं थी। उसके सिर की हड्डी टूटी हुई थी, दिमाग की नसों में गंभीर चोट थी और यहां तक कि उसका सीना और दिल तक फट चुका था।

यह भी पढ़ें: Noida Airport: कल से नई उड़ान भरेगा नोएडा, आज आएंगे सीएम योगी, कल सुबह 11:30 से 12 बजे के बीच आएंगे पीएम मोदी

प्रताड़ना के कारण आत्महत्या भी हुई है, तो भी वह दहेज हत्या-सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट की फैसले पर सवाल उठाया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज कर एक 'मैकेनिकल अप्रोच' अपनाई। बेंच ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज के समाज में दहेज हत्याएं एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में अदालतों की जिम्मेदारी है कि वे सबूतों की गहराई से जांच करें। केवल जेल की अवधि और ट्रायल की धीमी गति को आधार बनाकर जमानत देना जनता का न्याय प्रणाली से भरोसा कम करता है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर प्रताड़ना के कारण आत्महत्या भी हुई है, तो भी वह कानूनन दहेज हत्या की श्रेणी में ही आता है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि आरोपी पति एक सप्ताह के भीतर सरेंडर करे। साथ ही, निचली अदालत को निर्देश दिया गया है कि इस मामले का ट्रायल अगले 6 महीने में प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed