फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court directs Atul Subhash's wife to produce minor son through VC, News in hindi

Supreme Court: 'दादा-दादी नाबालिग बच्चे के लिए अनजान', अतुल सुभाष के बेटे की कस्टडी पर आया 'सुप्रीम' फैसला

Mon, 20 Jan 2025 04:11 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 20 Jan 2025 04:11 PM IST
सार

देश की सर्वोच्च अदालत ने अतुल सुभाष के नाबालिग बच्चे के मामले में सुनवाई करते हुए उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया को निर्देश दिया है कि, बच्चे को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया जाए। वहीं मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि बच्चे के दादा-दादी उसके लिए अनजान है, इसलिए बच्चा अपनी मां के साथ रहेगा।

विज्ञापन
Supreme Court directs Atul Subhash's wife to produce minor son through VC, News in hindi
सुप्रीम कोर्ट / अतुल सुभाष की पत्नी (मध्य में) - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बंगलूरू में आत्महत्या करने वाले इंजीनियर अतुल सुभाष के बच्चे की कस्टडी को लेकर अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुनाया कि अतुल सुभाष का नाबालिग बच्चा पत्नी निकिता सिंघानिया के पास ही रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बच्चे के दादा-दादी उसके लिए अनजान है, इसलिए बच्चा अपनी मां के साथ रहेगा।

विज्ञापन


इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अतुल सुभाष की पत्नी निकिता सिंघानिया को निर्देश दिया था कि वह अपने नाबालिग बेटे को कोर्ट में पेश करें। मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना और साईश चंद्र शर्मा की पीठ ने अतुल सुभाष से अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया की ओर से पेश वकील से कहा कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बच्चे को कोर्ट में पेश करें।
विज्ञापन


मामले में पीठ ने कहा, 'यह बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका है। हम बच्चे को देखना चाहते हैं। बच्चे को कोर्ट में पेश करें।' इस दौरान निकिता सिंघानिया की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह 30 मिनट के भीतर बच्चे को कोर्ट में पेश करेंगे। इसके बच्चे की पेशी कराई गई और कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अतुल सुभाष की मां की याचिका पर पीठ ने की सुनवाई
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि बच्चे ने हरियाणा में स्कूल छोड़ दिया है और वह फिलहाल अपनी मां के साथ रह रहा है। बता दें कि, पीठ अतुल सुभाष की मां अंजू देवी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने अपने चार साल के पोते की कस्टडी के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इससे पहले 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने उसे नाबालिग बच्चे की कस्टडी देने से इनकार करते हुए कहा था कि वह 'बच्चे के लिए अजनबी' है।


9 दिसंबर को बंगलूरू में अतुल सुभाष ने की थी आत्महत्या
अतुल सुभाष ने पिछले साल 9 दिसंबर को बंगलूरू के मुन्नेकोलालु में अपने घर में फांसी पर लगा ली थी। उन्होंने कथित तौर पर एक लंबा वीडियो संदेश और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर फांसी का कदम उठाने के लिए मजबूर करने का दोषी ठहराया था। इस दौरान अतुल सुभाष ने जौनपुर फैमिली कोर्ट की जज रीता कौशिक पर रिश्वत मांगने का भी आरोप लगाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed