सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court over rations can stopped if names are removed from voter list Petition

Supreme Court: वोटर लिस्ट से नाम हटा तो बंद होगा राशन? याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट जाने की मिली अनुमति

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 24 Jun 2026 04:39 PM IST
विज्ञापन
सार

West Bengal Ration Card Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटने के आधार पर राशन सूची से नाम काटे जाने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट जाने की अनुमति दे दी। याचिकाकर्ता का दावा है कि एसआईआर प्रक्रिया में बाहर हुए लोगों के राशन कार्ड भी रद्द किए जा सकते हैं। राज्य सरकार पहले ही राशन लाभार्थियों के सत्यापन का आदेश जारी कर चुकी है। आइए, विस्तार से मामले को समझते हैं...

Supreme Court over rations can stopped if names are removed from voter list Petition
बंगाल में राशन और मतदाता सूची विवाद अब पहुंचेगा कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और उसके आधार पर राशन कार्ड लाभार्थियों के नाम काटे जाने के आरोपों का मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचेगा। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिकाकर्ता को अपनी याचिका वापस लेने और इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट जाने की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले पर पहले हाईकोर्ट का रुख किया जा सकता है।



सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बाहर कर दिए गए हैं, उनके नाम राशन सूची से भी हटाए जाने की आशंका है। याचिका में कहा गया कि इससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से बाहर होने का खतरा पैदा हो सकता है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करने की छूट दे दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ता का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके राशन कार्ड भी रद्द किए जा सकते हैं। वकील ने अदालत को बताया कि कई लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटने का खतरा है, जिससे वे सरकारी खाद्यान्न योजना से वंचित हो सकते हैं।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Supreme Court: तमिलनाडु की 152 मेडिकल सीटों पर अदालत सख्त, राज्य सरकार को जारी किया नोटिस; क्यों छिड़ा विवाद?

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

मंगलवार को मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की गई थी। उस समय भी सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। बुधवार को याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने और हाईकोर्ट जाने की अनुमति मांगी, जिसे शीर्ष अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।

राशन कार्ड सत्यापन को लेकर राज्य सरकार का क्या आदेश?

4 जून को पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राज्यभर में राशन कार्ड लाभार्थियों के सत्यापन और अयोग्य लाभार्थियों के नाम हटाने का आदेश जारी किया था। यह प्रक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के परिणामों से जुड़ी बताई गई थी। विभाग ने 15 जून तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा था।

किन लोगों के नाम जांच के दायरे में?

सरकारी आदेश के मुताबिक, ऐसे लोग जो अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट मतदाता (एएसडीडी) के रूप में चिह्नित किए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जिनके आवेदन खारिज हुए या जिनके नाम बाद में हटाए गए, वे भी जांच के दायरे में हैं। हालांकि, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने एसआईआर ट्रिब्यूनल में अपील की है या नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत आवेदन किया है, उनके नाम अपील या आवेदन के निपटारे तक राशन डेटाबेस में बने रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed