ऑनलाइन होगी नीट परीक्षा?: सुप्रीम कोर्ट को हाई पॉवर्ड टास्क फोर्स की सिफारिश का इंतजार, 3 अगस्त को अगली सुनवाई
नीट-यूजी परीक्षा को ऑनलाइन कराने की संभावना पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि वह नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई पावर टास्क फोर्स के सुझावों का इंतजार करेगी। साथ ही साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह नीट परीक्षा को ऑनलाइन कराने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गठित नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई पावर टास्क फोर्स के सुझावों को देखेगा। कोर्ट ने कहा कि फिजिकल परीक्षा से ऑनलाइन मोड में बदलाव के दौरान कुछ अलग और नए सुझावों की जरूरत होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन NEET परीक्षा को लेकर क्या कहा?
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को लागू करने के लिए साइबर सुरक्षा और डेटाबेस सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त इंतजाम जरूरी हैं। पीठ ने कहा कि परीक्षा के ऑनलाइन संचालन को लेकर कुछ नए और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है, ताकि व्यवस्था को सुरक्षित बनाया जा सके।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा?
सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई RJD सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर याचिका पर हुई। यह याचिका 3 मई को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द किए जाने और दोबारा परीक्षा कराने के फैसले से जुड़ी है। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इसकी घोषणा की गई थी और इस समिति की अध्यक्षता तकनीक विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि कर रहे हैं।
नंदन नीलेकणि की टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल हैं?
तुषार मेहता ने बताया कि टास्क फोर्स में नंदन नीलेकणि के अलावा ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT चेन्नई के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
NEET मामले में आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने RJD सांसद सुधाकर सिंह की याचिका पर अगली सुनवाई के लिए सोमवार, 3 अगस्त की तारीख तय की है। इससे पहले 1 जून को सुप्रीम कोर्ट ने नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में कराने की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा को रद्द कर दिया था। मामले की जांच फिलहाल CBI कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई थी।