महाराष्ट्र में एक और पेपर लीक?: कांग्रेस नेता के दावे से मचा हड़कंप; व्हाट्सएप पर भेजे गए 78 सवाल, फोटो वायरल
महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दावा है कि परीक्षा से दो दिन पहले ही व्हाट्सएप पर 78 सवाल भेजे गए थे। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
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महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर एक बार फिर पेपर लीक के दावे सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल कथित व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों के आधार पर कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
पेपर लीक को लेकर क्या दावा किया गया है?
दावा किया जा रहा है कि MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 22 मार्च को आयोजित हुई थी, जबकि उसका प्रश्नपत्र 20 मार्च को ही व्हाट्सएप पर प्रसारित हो रहा था। आरोप है कि कथित तौर पर यह पेपर ₹5 लाख में बेचा गया। साथ ही व्हाट्सएप चैट और मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं का भी जिक्र किया गया है। दावों के अनुसार, MPSC ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा से पहले व्हाट्सएप पर 78 सवाल भेजे गए थे। सोशल मीडिया पर वायरल कथित व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल प्रसारित हो रहे थे।
पुन्हा एकदा महाराष्ट्रात पेपरफुटी!
MPSC च्या Drug Inspector भरती परीक्षेची प्रश्नपत्रिका परीक्षा होण्यापूर्वीच WhatsApp वर फिरल्याचे दावे, गुणांतील कथित गैरव्यवहार आणि अधिकृत तक्रारींसह पुरावे समोर आले... तरीही सरकार आणि यंत्रणा शांत?विज्ञापन विज्ञापन
लाखो विद्यार्थ्यांच्या भविष्याशी खेळ… pic.twitter.com/GAVrdIgPP2 — Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) July 27, 2026
हर्षवर्धन सपकाल ने क्या आरोप लगाए?
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर प्रसारित होने, अंकों के आवंटन में कथित गड़बड़ियों और साक्ष्यों के साथ शिकायतें सामने आने के बावजूद सरकार और संबंधित तंत्र चुप हैं। सपकाल ने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कथित पेपर लीक रैकेट किसके संरक्षण में चल रहा है और सरकार के किस मंत्री के आशीर्वाद से ऐसी गतिविधियां हो रही हैं।