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अब मैदान में E20 जनता पार्टी: सोशल मीडिया पर जुड़े हजारों लोग, क्या हैं मांगे और किस मंत्री का मांगा इस्तीफा?

Mon, 27 Jul 2026 12:14 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Mon, 27 Jul 2026 12:14 PM IST
सार

ईंधनों की बढ़ी हुई कीमत और पेट्रोल में इथेनॉल की मिलावट को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच ई-20 जनता पार्टी ने सोशल मीडिया कैंपेन शुरू किया है। जिसकी तरफ से संसद मार्च के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का इस्तीफा मांगा गया है। पढ़ें क्या है ये कैंपेन और सोशल मीडिया पर इसका कितना प्रभाव है...

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E20 Janata Party: many join via social media; what are demand, which minister's resignation have they sought?
ई-20 जनता पार्टी - फोटो : X @E20JantaParty_

विस्तार

नीट परीक्षा पेपर लीक और सीजेआई सूर्यकांत के बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का गठन हुआ। फिर जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों की तरफ से प्रदर्शन शुरू किया गया, जो एक महीने से ज्यादा वक्त तक चला। फिर 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंपा। इसके बाद केंद्र सरकार के सीजेपी की बाकी मांगों को माना, जिसके बाद इस प्रदर्शन को खत्म करने की घोषणा की गई। अब एक नए सोशल मीडिया कैंपेन ने सुर्खियां बटोरी है।
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कैंपेन से सोशल मीडिया पर हजारों लोग जुड़े
ई-20 जनता पार्टी के नाम से बने इस कैंपेन के सोशल मीडिया एक्स पर 30 हजार से ज्यादा फॉलोवर्स हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर ये आंकड़ा अभी एक हजार के करीब पहुंच रहा है। एक्स पर पार्टी के एक पोस्ट में लिखा गया- क्या हम सिर्फ ईंधन इस्तेमाल करने वाले लोग हैं, या हम जागरूक नागरिक हैं जिन्हें सवाल पूछने का अधिकार है? इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर पूरे देश में बड़े पैमाने पर चर्चा हो रही है और अलग-अलग दावे और नजरिए सामने आ रहे हैं। ऐसे में, हर नागरिक और हर गाड़ी मालिक को साफ, पारदर्शी और सबूतों पर आधारित जानकारी मिलनी चाहिए।
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पोस्ट में आगे लिखा गया- किसी सरकारी नीति के बारे में सवाल पूछने का मतलब उसका विरोध करना नहीं है। लोकतंत्र में सवाल पूछना एक बुनियादी अधिकार है और यह एक जागरूक समाज की निशानी है। अगर कोई नीति सच में जनहित में है, तो उसे जनता की पड़ताल पर खरा उतरना चाहिए, और हर जायज सवाल का जवाब तथ्यों, पारदर्शिता और वैज्ञानिक सबूतों के साथ दिया जाना चाहिए। आइए, हम अपनी राय जानकारी और सबूतों के आधार पर बनाएं - न कि अंदाजों या भावनाओं के आधार पर। जानकारी रखें। सवाल पूछें। जवाब मांगें। यही हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी है।

 
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का मांगा गया इस्तीफा
वहीं, कई अन्य पोस्ट में केंद्रीय सड़क-परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग की गई है और जनता से इस आंदोलन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने की अपील की गई है। एक दूसरे पोस्ट में लिखा गया - यह किसी पार्टी की नहीं, जनहित की बात है। आओ मिलकर आवाज उठाये, एथनॉल नीति पर सरकार से सवाल करे। इसके साथ इस कैंपेन ने 4 अगस्त को संसद मार्च का एलान किया है, जिसमें टैक्सी यूनियन की तरफ से संसद घेरने की बात कही गई है।




कब बना ई-20 जनता पार्टी का अकाउंट?
सोशल मीडिया एक्स पर मौजूद जानकारी के अनुसार, इस कैंपेन के अकाउंट का गठन दिसबंर 2021 में किया गया था, जो कि भारत से ही संचालित है। इसे जुलाई महीने में ही वेरिफाई यानी ब्लू टिक मिला है, जबकि शुरू से लेकर अब तक 51 बार इस अकाउंट का यूजरनेम बदला गया है।
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