Video: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP सदस्यों की कथित होटल पार्टी का वीडियो वायरल, क्या उठे सवाल?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP सदस्यों का कथित होटल पार्टी वीडियो वायरल हो गया। वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व और आंदोलन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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विस्तार
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक कथित होटल पार्टी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद संगठन की कार्यशैली, नेतृत्व और आंदोलन की फंडिंग को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं। वीडियो को वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया है, जिसके बाद आंदोलन और संगठन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
वीडियो में क्या दिखाई दे रहा है?
NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ कई सप्ताह तक चले आंदोलन के बाद 25 जुलाई 2026 को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की बड़ी जीत बताया गया। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ, जिसमें CJP के कुछ लोग एक होटल में पार्टी करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में जश्न का माहौल दिखाई दे रहा है, जहां नाच-गाना भी चल रहा है। वीडियो शेयर करते हुए महेश जेठमलानी ने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में ऐसा हो रहा है और क्या CJP नेतृत्व दिल्ली के एक होटल में पार्टी कर रहा है। महेश जेठमलानी ने कहा कि दिल्ली में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन चले। उन्होंने सवाल किया कि इस दौरान यात्रा, खाने और रहने का खर्च किसने उठाया और इस आंदोलन की फंडिंग किसके द्वारा की गई। उन्होंने इससे पहले भी CJP के आंदोलन और नेतृत्व को लेकर कई बार बयान दिए हैं।अमित मालवीय ने वीडियो को लेकर क्या कहा?
भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि हर किसी को कड़ी मेहनत के बाद आराम करने और जश्न मनाने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए समय और जगह का भी महत्व होता है।Everyone deserves to unwind and celebrate after a hard day’s work. But there is a time and a place for it.
— Amit Malviya (@amitmalviya) July 27, 2026
When a movement is presented as a fight for justice for students, including those whose deaths by suicide are invoked as its moral foundation, scenes of dancing and what… pic.twitter.com/vIz35PtYcn
उन्होंने कहा कि जब किसी आंदोलन को छात्रों के लिए न्याय की लड़ाई के रूप में पेश किया जाता है और जिन छात्रों की आत्महत्या का जिक्र उसकी नैतिक आधारशिला के रूप में किया जाता है, तब उसके तुरंत बाद जश्न मनाने जैसे दृश्य कई लोगों को असंवेदनशील लग सकते हैं।
सोशल मीडिया पर किस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं?
अमित मालवीय ने कहा कि इससे पहले विजयेता ढैया का मंच पर नृत्य करते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। अब सौरभ, रांका और अन्य लोगों के कथित जश्न के वीडियो ने यह सवाल खड़े कर दिए हैं कि जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार की मांग को लेकर जुटे हजारों युवाओं को इससे क्या संदेश जाएगा।
आलोचकों ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर कई लोगों का कहना है कि आंदोलन में शामिल हुए कुछ छात्रों को अब यह महसूस हो सकता है कि उनकी भावनाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक अभियान के लिए किया गया। आलोचकों का कहना है कि देश के युवा दिखावे नहीं, बल्कि ईमानदारी की उम्मीद करते हैं।
CJP आंदोलन क्यों चर्चा में आया?
कॉकरोच जनता पार्टी इस समय चर्चा के केंद्र में है। धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद इस आंदोलन को और मजबूती मिलने का दावा किया गया। यह प्रदर्शन पेपर लीक और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर शुरू हुआ था। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में शामिल हुए। कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल देखा गया और CJP ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया।