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सुरेखा यादव: पहली एशियाई महिला लोको पायलट 36 साल की बेमिसाल सेवा के बाद रिटायर, वंदे भारत का भी संचालन किया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 01 Oct 2025 12:01 AM IST
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सार
भारतीय रेलवे में 36 साल की गौरवशाली सेवा के बाद आज एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव सेवानिवृत्त हो गईं। साल 1989 में रेलवे में नौकरी की शुरुआत करने वाली सुरेखा ने अलग-अलग श्रेणियों की ट्रेनों का संचालन किया। 36 साल तक ट्रेनों का संचालन करने वाली सुरेखा को राजधानी एक्सप्रेस से लेकर अत्याधुनिक रेल- वंदे भारत जैसी प्रीमियम गाड़ियों को भी चलाने का अवसर मिला।एक नजर उनके करियर पर
सुरेखा यादव (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
एशिया की पहली महिला लोको पायलट सुरेखा यादव मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गईं। 36 साल कई प्रतिष्ठित ट्रेनों का संचालन करने के बाद वे साहस और प्रेरणा की विरासत छोड़ गईं। मध्य रेलवे ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस अग्रणी की अग्रणी यात्रा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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उपनगरीय लोकल ट्रेनों के अलावा वंदे भारत से लेकर राजधानी एक्सप्रेस तक
सुरेखा ने 1989 में पुरुष प्रधान क्षेत्र की बाधाओं को तोड़ते हुए भारतीय रेलवे में प्रवेश किया था। 1990 में वे सहायक चालक बनीं और महाद्वीप की पहली महिला ट्रेन चालक होने का गौरव पाया। उन्होंने मुंबई की उपनगरीय लोकल ट्रेनों के अलावा भारत के सबसे खड़ी घाट (पहाड़ी दर्रे) खंडों से होकर मालगाड़ियों का संचालन किया। कुछ सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों- वंदे भारत से लेकर राजधानी एक्सप्रेस तक को भी चलाया।
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किसान परिवार में जन्मी सुरेखा ने रेलवे में नौकरी का फैसला लिया
2 सितंबर 1965 को महाराष्ट्र के सतारा में किसान परिवार में जन्मी सुरेखा ने रेलवे में नौकरी करने से पहले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। वह धीरे-धीरे आगे बढ़ती गईं और 1996 में अपनी पहली मालगाड़ी का संचालन किया। 2000 में मोटरवुमन पद पर पदोन्नत हुईं।
आखिरी बार इगतपुरी और सीएसएमटी के बीच राजधानी एक्सप्रेस चलाईं
2010 में उन्होंने घाट चालक के रूप में योग्यता प्राप्त की और बाद में विभिन्न मार्गों पर लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की कमान संभाली। सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पहले अंतिम असाइनमेंट के रूप में इगतपुरी और सीएसएमटी के बीच हजरत निजामुद्दीन-सीएसएमटी मार्ग पर प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस को चलाया।