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Bangladesh: 'ममता और यूनुस में कोई फर्क नहीं', शुभेंदु अधिकारी ने क्यों बंगाल-बांग्लादेश सरकार की तुलना की?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शुभम कुमार Updated Tue, 23 Dec 2025 06:33 PM IST
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सार

बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति की हत्या और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भारत में गहरी नाराजगी है। इसी बीच एक बार फिर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दुनिया भर और बांग्लादेश के आम लोगों के विरोध का जिक्र किया। साथ ही ममता बनर्जी और बांग्लादेश सरकार को एक जैसा बताया, आइए जानते है क्यों?

Suvendu Adhikari compares Bengal and Bangladesh governments There is no difference between Mamata and Yunus
शुभेंदु अधिकारी, नेता प्रतिपक्ष, पश्चिम बंगाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

बांग्लादेश में जारी अशांति के बीच अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत में बड़े पैमाने पर नाराजगी देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अब भाजपा नेता और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश सरकार की तुलना बंगाल सरकार से की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन में  पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

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अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि कोलकाता पुलिस की इस कार्रवाई से साबित होता है कि ममता बनर्जी और बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस में कोई फर्क नहीं है। उन्होंने कहा कि इस घटना के खिलाफ दुनिया भर के लोग और हिंदू समुदाय विरोध कर रहे हैं, और बांग्लादेश के आम लोग भी इस घटना के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
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शुभेंदु अधिकारी बोले- संतों और युवाओं पर सरकार का दमन
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हालिया घटनाएं पूर्व नियोजित थीं और हिंदुओं को परेशान करने के लिए की गईं। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण भीड़ को पानी की बौछारों (वाटर कैनन) से हटाया गया।अधिकारी ने आरोप लगाया कि ममता सरकार ने संतों और युवाओं पर लाठियों का प्रयोग किया, खासकर उन लोगों पर जो केसरिया झंडा लेकर रैली कर रहे थे। उनका कहना था कि सरकार यह संदेश दे रही है कि यहां कोई भी केसरिया झंडा लिए आंदोलन नहीं कर सकता। शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ यूनुस सरकार कर रही है, वही ममता बनर्जी की सरकार यहाँ कर रही है।

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बांग्लादेश पुलिस की कार्रवाई भी चिंताजनक
बांग्लादेश में हिंदू युवा की हत्या को लेकर एक बार फिर अपनी सख्त प्रतिक्रिया देते हुए अधिकारी ने कहा कि यह सिर्फ हिंदू की हत्या नहीं है, बल्कि इस घटना का तरीका और पुलिस की कार्रवाई भी बहुत चिंताजनक है। उन्होंने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए अधिकारी ने कहा कि वायरल वीडियो में देखा गया कि बांग्लादेश की पुलिस ने सीधे एक हिंदू व्यक्ति को विरोध प्रदर्शन करने वालों के हाथ सौंप दिया, जो बहुत ही असामान्य और गंभीर बात है। उन्होंने इसे यूनुस सरकार की शर्मनाक कार्रवाई बताया।

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बांग्लादेश में अब-तक क्यों जारी है हिंसा?
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसके ठीक बाद चटगांव में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।

अब बांग्लादेश के नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के एक नेता पर भी हमला हुआ है। सोमवार को एनसीपी के मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई। इस हमले में सिकदर के सिर पर चोट आई है। बताया गया है कि उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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