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Telangana: गांव और किसानों पर मेहरबान हुई रेवंत सरकार, पेश किया 3.24 लाख करोड़ का भारी-भरकम बजट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:21 PM IST
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सार
बजट के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो राज्य सरकार ने कुल 3.24 लाख करोड़ रुपये के व्यय में से 2,34,406 करोड़ रुपये 'राजस्व व्यय' के लिए रखे हैं। यह राशि वेतन, पेंशन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में खर्च होगी।
तेलंगाना के वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क
- फोटो : @ANI
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विस्तार
Telangana Budget: तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया है। इस बार बजट राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने पेश किया है। उन्होंने विधानसभा में 3.24 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए ग्रामीण विकास, कृषि और बुनियादी ढांचे पर सबसे बड़ा दांव लगाया है। इस बजट के आंकड़ों को देखें तो साफ है कि सरकार जमीनी स्तर पर बदलाव लाना चाहती है।
राजस्व व्यय के लिए 2 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान
बजट के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो राज्य सरकार ने कुल 3.24 लाख करोड़ रुपये के व्यय में से 2,34,406 करोड़ रुपये 'राजस्व व्यय' के लिए रखे हैं। यह राशि वेतन, पेंशन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में खर्च होगी। वहीं, राज्य के भविष्य के निर्माण के लिए 47,267 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह निवेश नए पुल, सड़कें और स्थाई संपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
यह भी पढ़ें: शीर्ष पुलिस अफसर बोले- भारतीय एजेंटों से खतरा नहीं, क्या और मजबूत हो रहे भारत-कनाडा संबंध?
खेती-किसानी और गांव बने बजट का केंद्र
सरकार ने इस बार 'अन्नदाता' की झोली भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार बजट में किसानों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। रेवंत सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 23,179 करोड़ रुपये का विशाल फंड आवंटित किया है। उम्मीद है यह राज्य में कृषि संकट को दूर करने और नई तकनीक को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
बजट में हर वर्ग का रखा गया है ध्यान
इतना ही नहीं, विकास की गाड़ी को दौड़ाने के लिए सरकार ने सिंचाई क्षेत्र को 22,615 करोड़ रुपये और ऊर्जा विभाग को 21,285 करोड़ रुपये सौंपे हैं। सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। बताते चलें कि समाज के पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए बजट में भारी प्रावधान किए गए हैं। अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 11,784 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 7,937 करोड़ रुपये का अलग से बजट रखा गया है।
बजट को लेकर KTR का कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला
हालांकि, बजट को लेकर भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को विश्वासघात बताया है. उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए ₹2,500 की मासिक सहायता और बुजुर्गों की पेंशन जैसे चुनावी वादे गायब हैं, जिससे जनता निराश है।
केटीआर ने दो-टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता से किए गए अपने 'छह गारंटियों' के वादे को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता को छह बड़ी गारंटियों का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक तीन बजट पेश हो चुके हैं और जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला। इस कार्यकाल में अब केवल एक और पूर्ण बजट बचा है, क्योंकि अंतिम वर्ष का बजट तो चुनावी घोषणाओं तक सीमित रहता है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि कांग्रेस का इरादा अपने वादों को पूरा करने का कभी था ही नहीं।"
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बजट के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो राज्य सरकार ने कुल 3.24 लाख करोड़ रुपये के व्यय में से 2,34,406 करोड़ रुपये 'राजस्व व्यय' के लिए रखे हैं। यह राशि वेतन, पेंशन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में खर्च होगी। वहीं, राज्य के भविष्य के निर्माण के लिए 47,267 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह निवेश नए पुल, सड़कें और स्थाई संपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
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खेती-किसानी और गांव बने बजट का केंद्र
सरकार ने इस बार 'अन्नदाता' की झोली भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार बजट में किसानों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। रेवंत सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 23,179 करोड़ रुपये का विशाल फंड आवंटित किया है। उम्मीद है यह राज्य में कृषि संकट को दूर करने और नई तकनीक को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
बजट में हर वर्ग का रखा गया है ध्यान
इतना ही नहीं, विकास की गाड़ी को दौड़ाने के लिए सरकार ने सिंचाई क्षेत्र को 22,615 करोड़ रुपये और ऊर्जा विभाग को 21,285 करोड़ रुपये सौंपे हैं। सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। बताते चलें कि समाज के पिछड़े वर्गों के सशक्तिकरण के लिए बजट में भारी प्रावधान किए गए हैं। अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 11,784 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति कल्याण के लिए 7,937 करोड़ रुपये का अलग से बजट रखा गया है।
बजट को लेकर KTR का कांग्रेस सरकार पर बड़ा हमला
हालांकि, बजट को लेकर भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामा राव ने रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बजट को विश्वासघात बताया है. उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए ₹2,500 की मासिक सहायता और बुजुर्गों की पेंशन जैसे चुनावी वादे गायब हैं, जिससे जनता निराश है।
केटीआर ने दो-टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस सरकार ने जनता से किए गए अपने 'छह गारंटियों' के वादे को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जनता को छह बड़ी गारंटियों का सपना दिखाया था, लेकिन हकीकत यह है कि अब तक तीन बजट पेश हो चुके हैं और जमीनी स्तर पर कुछ नहीं बदला। इस कार्यकाल में अब केवल एक और पूर्ण बजट बचा है, क्योंकि अंतिम वर्ष का बजट तो चुनावी घोषणाओं तक सीमित रहता है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि कांग्रेस का इरादा अपने वादों को पूरा करने का कभी था ही नहीं।"
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