Thane Zombie Drug: महाराष्ट्र पुलिस ने ठाणे के वायरल वीडियो पर कहा- दर्द की दवा के ओवरडोज का शिकार था युवक
महाराष्ट्र के ठाणे में वायरल वीडियो को लेकर फैली जॉम्बी ड्रग की अफवाह को पुलिस ने खारिज किया। जांच में पता चला कि युवक ने दर्द निवारक दवा प्रेगाबालिन की अधिक मात्रा ली थी। नेपाल के 22 वर्षीय युवक ने नशे के लिए दवा का सेवन किया, जिससे वह सड़क पर लड़खड़ा गया और भ्रम फैल गया।
विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में वायरल हुए एक वीडियो को लेकर फैली जॉम्बी ड्रग की अफवाह को पुलिस ने साफ तौर पर खारिज कर दिया है। पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिख रहा युवक किसी खतरनाक जॉम्बी ड्रग के प्रभाव में नहीं था, बल्कि उसने दर्द निवारक दवा प्रेगाबालिन की अधिक मात्रा ले ली थी, जिसकी वजह से उसकी हालत बिगड़ गई थी।
बता दें कि यह वीडियो 15 अप्रैल को सामने आया था, जिसमें एक युवक भायंदर इलाके की सड़क पर लड़खड़ाते हुए खड़ा नजर आ रहा था। सोशल मीडिया पर इसे जॉम्बी ड्रग का असर बताकर तेजी से फैलाया गया, जिससे लोगों में डर और भ्रम फैल गया।
जांच में कौन-कौन सी बातें आई सामने
मामले की जांच में पता चला कि यह वीडियो 13 अप्रैल की रात करीब 10 बजे का है और इसमें दिख रहा युवक नेपाल के अछाम जिले का रहने वाला 22 वर्षीय समीर राजेंद्र रावल है। वह मुंबई में काम की तलाश में आया था और फिलहाल भायंदर इलाके में रह रहा था।
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दो साल से कर रहा था इस दवे का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में युवक ने बताया कि वह पिछले दो साल से प्रेगाबालिन दवा का नशे के लिए इस्तेमाल कर रहा था। वह बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल दुकान से दवा खरीदकर खाता था। 13 अप्रैल को उसने एक साथ 5 गोलियां खा लीं, जिसके बाद उसे चक्कर आने लगे और वह सड़क पर खड़ा रह गया।
नसों के दर्द के इलाज में इस्तेमाल होती है यह दवा
गौरतलब है कि यह दवा नसों के दर्द के इलाज में इस्तेमाल होती है और इसे अनुसूची-एच श्रेणी की दवा माना जाता है, जो बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलनी चाहिए। पुलिस ने साफ किया कि इस घटना में किसी जॉम्बी ड्रग का कोई इस्तेमाल नहीं हुआ था, बल्कि यह दवा के अधिक सेवन का मामला है।
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मेडिकल दुकान की भी हुई जांच
पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम ने उस मेडिकल दुकान की जांच भी की, जहां से दवा खरीदी गई थी। जांच में सामने आया कि वीडियो वायरल होने के बाद दुकान का मालिक वहां से फरार हो गया। इस मामले में एफडीए को रिपोर्ट भेज दी गई है और अब अवैध तरीके से दवा बेचने वाले मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

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