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Corruption and Raids: पहले बंगाल और अब महाराष्ट्र...छापेमारी में लगा नोटों का ढेर, जिसने देखा वो हैरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 11 Aug 2022 11:25 PM IST
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सार
जालना में हुई छापेमारी के दौरान कमरे में नोटों का ढेर बंगाल में अर्पिता के फ्लैट जैसे नजारे की याद दिला रहा था। बताया जा रहा है कि यहां टीम ने कुल 390 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया है।
महाराष्ट्र के जालना में 56 करोड़ की नकदी जब्त
- फोटो : ANI
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विस्तार
ज्यादा दिन नहीं बीते हैं जब पश्चिम बंगाल में पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से ईडी छापेमारी में करीब 56 करोड़ रुपये बरामद हुए थे। फ्लैट में 2000 के नोटों का ढेर लग गया था। जिसने भी ये मंजर देखा वो हैरान रह गया। हर तरफ इसकी ही चर्चा थी। लेकिन इस घटना के कुछ दिनों बाद ही महाराष्ट्र में भी वैसा ही नजारा आज दिखा। आयकर विभाग की छापेमारी में 58 करोड़ रुपये मिले। इन रुपयों गिनने में टीम को पूरा दिन लग गया। कमरे में नोटों का ढेर बंगाल में अर्पिता के फ्लैट जैसे नजारे की याद दिला रहा था। यहां टीम ने कुल 390 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता लगाया।
आयकर टीम ने जालना में छापेमारी की
आयकर टीम ने महाराष्ट्र के जालना में शंभाजी महाराज नगर में इस छापेमारी को अंजाम दिया। छापेमारी का तरीका पूरी तरह फिल्मी थी। आरोपियों ने सपने में भी इसकी कल्पना नहीं की होगी। जिले में आयकर विभाग के अधिकारी बराती बनकर पहुंचे थे। एक सप्ताह तक छापे की कार्रवाई की गई। शुरू के तीन दिन तक स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। अब तक करीब आधा दर्जन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 390 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
स्टील कारोबारियों पर छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, विभाग को स्टील कारोबार और फैक्ट्रियों के एक बड़े केंद्र जालना की चार कंपनियों छत्रपति शंभाजी महाराज नगर के व्यवसायी व प्रापर्टी डीलर द्वारा आयकर चोरी की भनक लगी थी। ठोस सूचनाओं के आधार पर आयकर विभाग के 260 अधिकारियों की बड़ी टीम 120 कारों में छापा मारने इन कंपनियों में जा धमकी। इन 120 कारों के काफिले में हर कार पर ‘दुल्हन हम ले जाएंगे’ का स्टीकर लगा था, ताकि देखने वालों के लगे कि कोई बारात जा रही है। तीन अगस्त को एक टीम जालना के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्म हाउस पर पहुंची और छापे की कार्रवाई शुरू की।
करीब आधा दर्जन प्रतिष्ठानों, उनके मालिकों व कर्मचारियों के विभिन्न ठिकानों व उनके बैंक लाकरों से आयकर विभाग को 58 करोड़ रुपए नकद, 32 किलो सोना तथा कई बेनामी संपत्तियों के कागजात बरामद हुए हैं। इनकी कुल कीमत अब तक 390 करोड़ बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मिली नकद राशि को गिनने के लिए सारा रुपया स्थानीय स्टेट बैंक की शाखा में ले जाया गया, जहां इसे गिनने में कुल 13 घंटे लगे। तीन अगस्त से शुरू हुई छापे की यह कार्रवाई आठ अगस्त तक चलती रही।
बताया जा रहा है कि फार्महाउस में छिपाकर रखी गई नकदी में 500-500 रुपये के नोट थे। इन्हें बेड और अलमारी में भरकर रखा गया था। अधिकारियों ने 30 से अधिक पालीथिन बरामद कीं। हर पालीथिन में एक करोड़ की नकदी थी। आइटी टीम ने एक बैंक लाकर से भी 28 करोड़ रुपये बरामद किए। दस्तावेजों की जांच अभी भी जारी है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि नकदी का एक बड़ा हिस्सा कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया है।
अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से मिले 53 करोड़
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में हुए बहुचर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले (WB SSC scam) में भारी भ्रष्टाचार के सबूत मिले और करोड़ों रुपये जब्त किए गए। ईडी ने मामले में गिरफ्तार पूर्व शिक्षा व मौजूदा संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक अन्य फ्लैट पर छापा मारकर 30 करोड़ से ज्यादा बरामद किए। यहां मिली नकद राशि को ईडी की टीम को 20 संदूकों में भरकर ट्रक में ले जाना पड़ा। इससे पहले एक अन्य फ्लैट से 23 करोड़ रुपये मिले थे। इस तरह अर्पिता के ठिकानों से अब तक कुल 53.22 करोड़ रुपये नकद मिले।
ईडी को आशंका है कि शिक्षक भर्ती घोटाला 100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। ईडी की टीम ने अर्पिता के चार ठिकानों पर छापामारी शुरू की थी। अधिकारी जब अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर घुसे तो वहां नोटों के बंडल मिले। इनकी गिनती करने के लिए पांच मशीनें मंगाई गईं। ईडी के उच्चाधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे थे। इससे पहले अर्पिता के टॉलीगंज स्थित फ्लैट से 21 करोड़ रुपए मिले थे। अर्पिता के ठिकानों से अब तक कुल 53.22 करोड़ रुपये नकद मिले।
भ्रष्टाचार का खेल और एजेंसियों का शिकंजा
इन दो घटनाओं ने बताया है कि देश में भ्रष्टाचार का खेल किस स्तर पर खेला जा रहा है। एक के बाद सामने आए इन दो मामलों को उजागर कर ईडी और आईटी विभाग ने बड़े लोगों को बेनकाब किया है। दो बड़े मामले लगातार सामने आए हैं। नोटों और सोने-चांदी का ढेर देख हर कोई हैरान है। ये दो मामले बता रहे हैं कि आने वाले वक्त में जांच एजेंसियां इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दे सकती हैं। कई और बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं और देश को चौंकने की नई वजहें मिल सकती हैं।
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आयकर टीम ने जालना में छापेमारी की
आयकर टीम ने महाराष्ट्र के जालना में शंभाजी महाराज नगर में इस छापेमारी को अंजाम दिया। छापेमारी का तरीका पूरी तरह फिल्मी थी। आरोपियों ने सपने में भी इसकी कल्पना नहीं की होगी। जिले में आयकर विभाग के अधिकारी बराती बनकर पहुंचे थे। एक सप्ताह तक छापे की कार्रवाई की गई। शुरू के तीन दिन तक स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। अब तक करीब आधा दर्जन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 390 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
स्टील कारोबारियों पर छापेमारी
सूत्रों के अनुसार, विभाग को स्टील कारोबार और फैक्ट्रियों के एक बड़े केंद्र जालना की चार कंपनियों छत्रपति शंभाजी महाराज नगर के व्यवसायी व प्रापर्टी डीलर द्वारा आयकर चोरी की भनक लगी थी। ठोस सूचनाओं के आधार पर आयकर विभाग के 260 अधिकारियों की बड़ी टीम 120 कारों में छापा मारने इन कंपनियों में जा धमकी। इन 120 कारों के काफिले में हर कार पर ‘दुल्हन हम ले जाएंगे’ का स्टीकर लगा था, ताकि देखने वालों के लगे कि कोई बारात जा रही है। तीन अगस्त को एक टीम जालना के बाहरी इलाके में स्थित एक फार्म हाउस पर पहुंची और छापे की कार्रवाई शुरू की।
करीब आधा दर्जन प्रतिष्ठानों, उनके मालिकों व कर्मचारियों के विभिन्न ठिकानों व उनके बैंक लाकरों से आयकर विभाग को 58 करोड़ रुपए नकद, 32 किलो सोना तथा कई बेनामी संपत्तियों के कागजात बरामद हुए हैं। इनकी कुल कीमत अब तक 390 करोड़ बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में मिली नकद राशि को गिनने के लिए सारा रुपया स्थानीय स्टेट बैंक की शाखा में ले जाया गया, जहां इसे गिनने में कुल 13 घंटे लगे। तीन अगस्त से शुरू हुई छापे की यह कार्रवाई आठ अगस्त तक चलती रही।
बताया जा रहा है कि फार्महाउस में छिपाकर रखी गई नकदी में 500-500 रुपये के नोट थे। इन्हें बेड और अलमारी में भरकर रखा गया था। अधिकारियों ने 30 से अधिक पालीथिन बरामद कीं। हर पालीथिन में एक करोड़ की नकदी थी। आइटी टीम ने एक बैंक लाकर से भी 28 करोड़ रुपये बरामद किए। दस्तावेजों की जांच अभी भी जारी है, क्योंकि अधिकारियों का मानना है कि नकदी का एक बड़ा हिस्सा कहीं और स्थानांतरित कर दिया गया है।
अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट से मिले 53 करोड़
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में हुए बहुचर्चित एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले (WB SSC scam) में भारी भ्रष्टाचार के सबूत मिले और करोड़ों रुपये जब्त किए गए। ईडी ने मामले में गिरफ्तार पूर्व शिक्षा व मौजूदा संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक अन्य फ्लैट पर छापा मारकर 30 करोड़ से ज्यादा बरामद किए। यहां मिली नकद राशि को ईडी की टीम को 20 संदूकों में भरकर ट्रक में ले जाना पड़ा। इससे पहले एक अन्य फ्लैट से 23 करोड़ रुपये मिले थे। इस तरह अर्पिता के ठिकानों से अब तक कुल 53.22 करोड़ रुपये नकद मिले।
ईडी को आशंका है कि शिक्षक भर्ती घोटाला 100 करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। ईडी की टीम ने अर्पिता के चार ठिकानों पर छापामारी शुरू की थी। अधिकारी जब अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट का ताला तोड़कर अंदर घुसे तो वहां नोटों के बंडल मिले। इनकी गिनती करने के लिए पांच मशीनें मंगाई गईं। ईडी के उच्चाधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे थे। इससे पहले अर्पिता के टॉलीगंज स्थित फ्लैट से 21 करोड़ रुपए मिले थे। अर्पिता के ठिकानों से अब तक कुल 53.22 करोड़ रुपये नकद मिले।
भ्रष्टाचार का खेल और एजेंसियों का शिकंजा
इन दो घटनाओं ने बताया है कि देश में भ्रष्टाचार का खेल किस स्तर पर खेला जा रहा है। एक के बाद सामने आए इन दो मामलों को उजागर कर ईडी और आईटी विभाग ने बड़े लोगों को बेनकाब किया है। दो बड़े मामले लगातार सामने आए हैं। नोटों और सोने-चांदी का ढेर देख हर कोई हैरान है। ये दो मामले बता रहे हैं कि आने वाले वक्त में जांच एजेंसियां इसी तरह की कार्रवाई को अंजाम दे सकती हैं। कई और बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं और देश को चौंकने की नई वजहें मिल सकती हैं।