Budget: पीएम की सुरक्षा में नहीं होगी चूक, SPG के बजट में इजाफा; CAPF व गुप्तचर महकमे का दायरा बढ़ेगा
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पीएम मोदी की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए केंद्रीय बजट में 'एसपीजी' की हिस्सेदारी बढ़ा दी गई है। 2023-24 के बजट में एसपीजी को 446.82 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार 506.32 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप 'एसपीजी' को अब ज्यादा मजबूती प्रदान की जाएगी। पीएम की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए केंद्रीय बजट में 'एसपीजी' की हिस्सेदारी बढ़ा दी गई है। 2023-24 के बजट में एसपीजी को 446.82 करोड़ रुपये मिले थे। इस बार 506.32 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के बजट में भी वृद्धि की गई है। देश के दो बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ और बीएसएफ में नई बटालियन खड़ी होने की प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। खुफिया तंत्र यानी आईबी के बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। जहां 2023-24 के दौरान आईबी के लिए 3,268.94 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे, वहीं इस बजट में गुप्तचर ब्यूरो का बजट 3,823.83 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री सुरक्षा में कई बार छोटी-मोटी चूक हुई है। पंजाब में 5 फरवरी 2022 को पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर बड़ी चूक सामने आई थी। पीएम मोदी बठिंडा से सड़क मार्ग के जरिए फिरोजपुर आ रहे थे। रास्ते में किसानों ने जाम लगा दिया। नतीजा, पीएम मोदी के काफिले को फिरोजपुर के प्यारेआणा फ्लाईओवर पर करीब 20 मिनट तक रूकना पड़ा। सुरक्षा कारणों की वजह से पीएम मोदी के काफिले ने फिरोजपुर जाने की बजाए यू-टर्न ले लिया। एयरपोर्ट पर पहुंचे पीएम मोदी ने कहा था, वो जिंदा वापस लौट आए हैं, इसके लिए सीएम का धन्यवाद। प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक मामले में कई अफसरों पर गाज गिरी थी। बठिंडा के एसपी गुरबिंदर सिंह, डीएसपी परसन सिंह, डीएसपी जगदीश कुमार, इंस्पेक्टर तेजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह, इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह और एएसआई राकेश कुमार को सस्पेंड किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, एसपीजी में कई तरह के सुरक्षा बदलाव संभावित हैं। इनमें तकनीकी बदलावों पर खास फोकस रहेगा। एसपीजी दस्ते में सर्विलांस के नई उपकरण शामिल किए जा सकते हैं। इसी तरह से खुफिया ब्यूरो का दायरा बढ़ाया जाएगा। बजट में अलॉट हुई 3,823.83 करोड़ रुपये की राशि से सर्विलांस के नए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा ब्यूरो में मौजूद तकनीकी स्टाफ की संख्या में इजाफा किया जाएगा। केंद्रीय बजट 2024-25 में गृह मंत्रालय के लिए कुल 2,19,643.31 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से 1,43,275.90 करोड़ रुपये सीआरपीएफ, बीएसएफ और सीआईएसएफ जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों पर खर्च होंगे। बता दें कि अंतरिम बजट में गृह मंत्रालय के लिए 2,02,868.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में, सीआरपीएफ को 31,543.20 करोड़ रुपये मिले हैं। यह बजट 2023-24 के लिए स्वीकृत 31,389.04 रुपये के संशोधित अनुमान से अधिक है। सीमा सुरक्षा बल के लिए 25,472.44 करोड़ रुपये (2023-24 में 25,038.68 करोड़ रुपये) का बजट तय किया गया है।
पिछले दिनों संसद भवन की सुरक्षा संभालने वाले सीआईएसएफ को 14,331.89 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2023-24 में इस बल को 12,929.85 करोड़ रुपये मिले थे। भारत चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी को 8,634.21 करोड़ रुपये (2023-24 में 8,203.68 करोड़ रुपये) मिले हैं। एसएसबी को 8,881.81 करोड़ रुपये (2023-24 में 8,435.68 करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं। असम राइफल्स को 7,428.33 करोड़ रुपये का बजट प्रदान किया गया है। 2023-24 में यह बजट 7,276.29 करोड़ रुपये था।