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TMC: मूंछ मुंडवाकर 2300 KM दूर छिपा था टीएमसी नेता, करोड़ों के सोलर घोटाले का आरोप; अब केरल से हुआ गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 15 Jun 2026 09:48 AM IST
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सार

पश्चिम बंगाल के कथित 'ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट' सोलर घोटाले में फरार चल रहे टीएमसी नेता और आरामबाग नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन स्वपन नंदी को केरल से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, नंदी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी मूंछ मुंडवा ली थी और पहचान बदल ली थी। मामले में पहले ही तीन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। आइए, विस्तार से पूरे मामले को समझते हैं...

TMC leader Swapan Nandi shaved off moustache to evade police caught 2,300 km away In kerala
पहचान बदलकर छिपा था टीएमसी नेता, पुलिस ने केरल से किया गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के सोलर ऊर्जा परियोजना घोटाले की जांच के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आरामबाग नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता स्वपन नंदी को केरल से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए नंदी ने अपनी पहचान बदल ली थी और मूंछ तक मुंडवा दी थी। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें लगभग 2300 किलोमीटर दूर केरल में खोज निकाला। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कथित 'ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट' में हुए वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की परतें खुल सकती हैं।

स्वपन नंदी पर क्या आरोप हैं और पुलिस ने कैसे पकड़ा?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्वपन नंदी उस समय से फरार चल रहे थे जब 'ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट' घोटाले की जांच तेज हुई थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपना हुलिया बदल लिया था और मूंछ भी साफ कर दी थी। हालांकि जांच एजेंसियों ने लगातार निगरानी और तकनीकी सूचनाओं के आधार पर उन्हें केरल में ट्रैक कर लिया। पुलिस का कहना है कि अब उन्हें ट्रांजिट प्रक्रिया पूरी कर पश्चिम बंगाल लाया जाएगा और अदालत से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांचकर्ताओं का मानना है कि पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
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ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट क्या था और विवाद कैसे शुरू हुआ?

यह मामला ग्रीन सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसके तहत आरामबाग नगर पालिका ने क्षेत्र के स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए ई-टेंडर जारी किया था। योजना के तहत तीन प्राथमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों के अलावा 11 उच्च प्राथमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जानी थी। परियोजना का लक्ष्य 764.46 किलोवाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करना था। इस बिजली का उपयोग स्कूलों की जरूरतों और सड़क प्रकाश व्यवस्था के लिए किया जाना था। बाद में इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और प्रक्रियागत गड़बड़ियों के आरोप सामने आए।
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अब तक जांच में क्या-क्या सामने आया है?

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में स्वपन नंदी से पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक अस्थायी नगर अभियंता, एक अस्थायी विद्युत पर्यवेक्षक और एक ठेकेदार शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परियोजना से जुड़े फैसले कैसे लिए गए और धन का उपयोग किस तरह किया गया। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिसके बाद स्वपन नंदी की तलाश तेज की गई थी। अब पुलिस सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

इस कथित घोटाले की शिकायत टीएमसी नेता समीर भंडारी ने की थी, जिन्होंने स्वपन नंदी को पद से हटाए जाने के बाद नगर पालिका चेयरमैन का कार्यभार संभाला था। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और पिछले कुछ महीनों में जांच ने गति पकड़ी। पुलिस का कहना है कि अभी जांच जारी है और पूछताछ के दौरान नए तथ्य सामने आ सकते हैं। अधिकारी परियोजना से जुड़े वित्तीय लेनदेन, प्रशासनिक मंजूरियों और टेंडर प्रक्रिया की भी विस्तार से जांच कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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