फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Today In Parliament FCRA Bill Amit Shah Lok Sabha Rajya Sabha Question Hour what will govt opposition do next

Parliament: आज FCRA बिल पर बोल सकते हैं शाह; लोकसभा में 15 दिन से प्रश्नकाल पूरा नहीं, आगे क्या करेगी सरकार?

Thu, 06 Aug 2026 05:54 AM IST
ज्योति भास्कर अमर उजाला ब्यूरो / एजेंसी, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो / एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 06 Aug 2026 05:54 AM IST
सार

Parliament Today: सरकार आज संसद में विदेशी चंदे से जुड़ा विधेयक (FCRA बिल) पेश कर सकती है। हालांकि, हंगामे और शोर-शराबे के बीच चिंता की बात ये है कि बीते 20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र में लोकसभा का एक भी प्रश्नकाल गत 15 दिन से पूरा नहीं हुआ है। नजरें इस बात पर है कि गतिरोध दूर करने के लिए सरकार क्या करेगी?

विज्ञापन
Today In Parliament FCRA Bill Amit Shah Lok Sabha Rajya Sabha Question Hour what will govt opposition do next
संसद में अमित शाह बोल सकते हैं - फोटो : ANI-अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एनजीओ के विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता लाने, कानूनी खामियों को दूर करने के लिए लोकसभा में बृहस्पतिवार को विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (एफसीआरए), 2026 पेश कर सकती है। इस बिल को मार्च में बजट सत्र के दौरान पेश किया गया था लेकिन लोकसभा से पास नहीं हो सका था। सूत्रों का कहना है कि जब यह बिल पेश किया जाएगा तब शाह संसद में बोलेंगे।

विज्ञापन


एफसीआरए खास क्यों है?
दरअसल, ये विधेयक इस साल 25 मार्च को भी लोकसभा में पेश किया गया था। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विदेशी चंदे के उपयोग में पारदर्शिता लाना, कानूनी कमियों को दूर करना और विदेशी फंड से बनाई गई संपत्तियों का प्रबंधन करना है।
विज्ञापन


राहुल गांधी ने किरेन रिजिजू के सामने क्या शर्तें रखीं?
इससे पहले संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की कोशिशों के तहत संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने मानसून सत्र के बाकी अवधि के दौरान सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए उनका सहयोग मांगा। लेकिन राहुल ने गतिरोध दूर करने के लिए सदन में गृह मंत्री अमित शाह के बयान और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर चर्चा की शर्त रखी। उन्होंने साफ कहा कि माने बिना वह सरकार से कोई सहयोग नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस के बलप्रयोग पर अमित शाह के बयान की मांग
सूत्रों ने बताया कि संसद परिसर में राहुल के कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष और रिजिजू के बीच करीब 50 मिनट चली बैठक में गतिरोध खत्म करने पर बात हुई। इस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। राहुल ने रिजिजू से कहा कि नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हिंसा पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान और अयोध्या में राम मंदिर में दान की गई राशि की कथित चोरी पर चर्चा सदन चलाने के लिए बेहद जरूरी शर्तें हैं। विपक्ष सदन की कार्यवाही से शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठा रहा है। पिछले 10 दिनों में रिजिजू की गांधी के साथ यह दूसरी मुलाकात है।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर क्या हैं विचार
मुलाकात के दौरान रिजिजू ने महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा की सीटों के परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन बिल पर नेता प्रतिपक्ष के विचार जानने का प्रयास किया। राहुल ने सहयोगी दलों से बातचीत के बाद कोई जानकारी देने की बात कही। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान रिजिजू ने मानसून सत्र के विस्तार या कोई विशेष सत्र बुलाने का कोई प्रस्ताव नहीं रखा।

संसद सत्र के विस्तार और विशेष सत्र पर क्या बोली सरकार?
राहुल संग मुलाकात के बाद रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह मंत्री शाह से अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें राहुल के साथ हुई चर्चा की जानकारी दी। इसके बाद दिनभर चली सत्र विस्तार या विशेष सत्र की अटकलों को खारिज करते हुए देर शाम रिजिजू ने कहा कि संसद सत्र की तारीखें बढ़ाने या विशेष सत्र का कोई प्रस्ताव नहीं है।

सरकार की योजना पर सूत्रों के हवाले से क्या दावे?
इससे पहले सूत्रों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक सरकार की योजना मौजूदा मानसून सत्र को 13 अगस्त को स्थगित न कर 17 से तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर संविधान संशोधन बिल पेश करने और पारित कराने की है।हालांकि सरकार ने इस संदर्भ में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार का मकसद विधेयक को 17 अगस्त को लोकसभा में पेश करने का है। इसके बाद इसे 18 को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार पहले व्यापक आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल, अर्जुन राम मेघवाल, एल मुरुगन इसी सप्ताह सपा समेत अन्य विपक्षी दलों से संपर्क साधेंगे।


परिसीमन विधेयक पर चर्चा की अफवाह कैसे उड़ी?
1973 में संविधान संशोधन के जरिये लोकसभा व विधानसभाओं की सीटों की संख्या फ्रीज कर दी गई। 2002 में 84वां संशोधन विधेयक लाया गया तो उसमें सीट बढ़ाने पर चर्चा तो हुई लेकिन सहमति नहीं बन पाई और इसे 2026 तक के लिए टाल दिया गया। परिसीमन में सीटों की संख्या बढ़ाने पर लगे प्रतिबंध की सीमा इसी साल खत्म हो रही है। ऐसे में सरकार को इसी साल या तो सीटों की संख्या बढ़ाने पर प्रतिबंध जारी रखने के लिए नया कानून लागू करना होगा या प्रतिबंध को खत्म करने के लिए नया कानून लाना होगा। अगर सरकार प्रतिबंध जारी रखती है तो महिला आरक्षण लागू नहीं होगा। इसके कारण सरकार को सियासी घाटे का डर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed