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केरल में रफ्तार का कहर: अनियंत्रित ट्रक बस स्टॉप में घुसा, तीन की मौत; कई अन्य घायल
आईएएनएस, कोच्चि
Published by: Rahul Kumar
Updated Tue, 23 Jun 2026 03:36 PM IST
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केरल हादसा।
- फोटो : आईएएनएस
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केरल के कोट्टारक्करा के निकट नीलेश्वरम में मंगलवार सुबह एक तेज रफ्तार टिपर ट्रक भीड़भाड़ वाले बस स्टॉप पर चढ़ गया, जिससे एक स्कूली छात्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वाहन चला रहा चालक भारी वाहन चलाने के लिए वैध लाइसेंस नहीं रखता था। मृतकों की पहचान कुडावत्तूर निवासी हरिलाल (54), कार्मेल स्कूल के कक्षा 10 के छात्र पार्थिप (15) और नीलेश्वरम मुक्कोनिमुक्कु निवासी अजय कुमार (45) के रूप में हुई है।
यह हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब मिट्टी से लदा टिपर ट्रक ढलान से तेज गति से नीचे आते समय चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक ने पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर बस स्टॉप में घुस गया, जहां छात्र और अन्य यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। बस स्टॉप को तोड़ते हुए ट्रक पलट गया, जिससे वहां मौजूद लोग उसके नीचे दब गए। ट्रक में लदी मिट्टी, बस स्टॉप का मलबा और आसपास की संरचनाओं के टूटे हिस्से भी पीड़ितों पर गिर पड़े।
हादसे के बाद आठ लोग ट्रक और मलबे के नीचे फंस गए। स्थानीय लोगों, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने अर्थमूवर मशीनों की मदद से बचाव अभियान चलाया। हालांकि, तीन लोगों की अस्पताल ले जाने से पहले या इलाज के दौरान मौत हो गई। घायलों में छात्र कुशल (15), ऋषभ बोबन (15), नवनीत (13), जिबी मोल (15) और टिपर चालक निजाम शामिल हैं। सभी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
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कोल्लम मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती दो छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें से एक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अन्य घायलों का इलाज कोट्टारक्करा तालुक अस्पताल और वेंजारामूडू स्थित गोकुलम मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
जांच के दौरान यह सामने आने के बाद कि चालक के पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं था, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे लापरवाही, तेज रफ्तार या अन्य कोई कारण जिम्मेदार था या नहीं।
घटना के बाद राज्य सरकार ने राहत और समन्वय कार्यों के लिए मंत्रियों को मौके पर भेजा। यह मामला मंगलवार को केरल विधानसभा में भी उठा, जहां स्थानीय विधायक ने इस त्रासदी का मुद्दा सदन में उठाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह की बस के विलंब से आने के कारण बस स्टॉप पर सामान्य से अधिक लोग मौजूद थे। हादसे के समय वहां करीब 15 लोग बस का इंतजार कर रहे थे। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
यह हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ, जब मिट्टी से लदा टिपर ट्रक ढलान से तेज गति से नीचे आते समय चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक ने पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर बस स्टॉप में घुस गया, जहां छात्र और अन्य यात्री बस का इंतजार कर रहे थे। बस स्टॉप को तोड़ते हुए ट्रक पलट गया, जिससे वहां मौजूद लोग उसके नीचे दब गए। ट्रक में लदी मिट्टी, बस स्टॉप का मलबा और आसपास की संरचनाओं के टूटे हिस्से भी पीड़ितों पर गिर पड़े।
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हादसे के बाद आठ लोग ट्रक और मलबे के नीचे फंस गए। स्थानीय लोगों, पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने अर्थमूवर मशीनों की मदद से बचाव अभियान चलाया। हालांकि, तीन लोगों की अस्पताल ले जाने से पहले या इलाज के दौरान मौत हो गई। घायलों में छात्र कुशल (15), ऋषभ बोबन (15), नवनीत (13), जिबी मोल (15) और टिपर चालक निजाम शामिल हैं। सभी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
कोल्लम मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती दो छात्रों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनमें से एक को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। अन्य घायलों का इलाज कोट्टारक्करा तालुक अस्पताल और वेंजारामूडू स्थित गोकुलम मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है।
जांच के दौरान यह सामने आने के बाद कि चालक के पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस नहीं था, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे लापरवाही, तेज रफ्तार या अन्य कोई कारण जिम्मेदार था या नहीं।
घटना के बाद राज्य सरकार ने राहत और समन्वय कार्यों के लिए मंत्रियों को मौके पर भेजा। यह मामला मंगलवार को केरल विधानसभा में भी उठा, जहां स्थानीय विधायक ने इस त्रासदी का मुद्दा सदन में उठाया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह की बस के विलंब से आने के कारण बस स्टॉप पर सामान्य से अधिक लोग मौजूद थे। हादसे के समय वहां करीब 15 लोग बस का इंतजार कर रहे थे। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।