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घुसपैठ में UIDAI का इस्तेमाल: गुजरात में पकड़े गए बांग्लादेशियों के पास मिले आधार कार्ड, पुलिस कर रही जांच

आईएएनएस, अहमदाबाद Published by: Asmita Tripathi Updated Wed, 03 Jun 2026 04:19 PM IST
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सार

गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने बुधवार को कई संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिए है। इन सभी प्रवासियों के पास से आधार कार्ड मिले। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। 

UIDAI used in infiltration: Aadhaar cards found with Bangladeshis caught in Gujarat, police investigating
अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत लिया गया। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने शहरव्यापी अभियान में कई संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिए है। इसके साथ ही इन प्रवासियों के बारे में सबूत जुटाए हैं। उन्होंने धोखाधड़ी के माध्यम से आधार कार्ड लिए थे। इसके चलते दस्तावेज जालसाजी नेटवर्क और भारत में उनके रहने को सुविधाजनक बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए तरीकों की व्यापक जांच शुरू की गई है।



'दस्तावेज किसके माध्यम से बनवाए गए थे'
बुधवार को चल रही कार्रवाई पर जानकारी देते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), शरद सिंघल ने कहा कि गुजरात भर में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान 'ऑपरेशन डेल्टा हंट' के दौरान गिरफ्तार किए गए 300 से अधिक व्यक्तियों में से अब तक 166 लोगों की बांग्लादेशी नागरिक के रूप में पुष्टि की गई है। सिंघल ने कहा, 'इन 166 लोगों में से काफी लोगों ने अवैध रूप से भारतीय आधार कार्ड बनवाए थे। हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि ये दस्तावेज किसके माध्यम से बनवाए गए थे।' उन्होंने आगे बताया कि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये लोग भारत में कैसे दाखिल हुए। वह क्या काम करते थे और वह किन माध्यमों से पैसे भेजते थे।
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अभियान में 30 से अधिक टीमें शामिल 
अहमदाबाद में यह अभियान शहर के पुलिस आयुक्त जीएस मलिक की देखरेख में चलाया गया। इसमें क्राइम ब्रांच, साइबर क्राइम ब्रांच, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और स्थानीय पुलिस स्टेशनों से ली गई 30 से अधिक टीमें शामिल थीं। नारोदा, दानिलिमदा, वटवा, वटवा जीआईडीसी, जुहापुरा और अन्य क्षेत्रों में छापेमारी और सत्यापन अभियान चलाए गए। सिंघल ने कहा कि मानवीय स्रोतों और तकनीकी निगरानी दोनों के माध्यम से जुटाई गई खुफिया जानकारी से पता चलता है कि हिरासत में लिए गए कुछ लोग चंदोला झील के आसपास पहले की गई प्रवर्तन कार्रवाइयों से जुड़े हो सकते हैं।


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उन्होंने कहा, 'पिछले साल जब हमने चंदोला ऑपरेशन चलाया था, तब कई लोग भाग गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, उनमें से कुछ लोग बाद में अहमदाबाद और उसके आसपास के इलाकों में रहने लगे थे।' पुलिस ने इस अभियान के दौरान 300 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को हिरासत में लिया। यह ताजा अभियान पिछले साल अहमदाबाद में चलाए गए एक बड़े अभियान के बाद शुरू किया गया है, जिसके बाद अधिकारियों ने 465 बांग्लादेशी नागरिकों को निर्वासित कर दिया था।


सिंघल ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि कथित तौर पर जाली भारतीय पहचान दस्तावेज कैसे प्राप्त किए गए, और यह जांच अवैध आप्रवासन से आगे बढ़कर राज्य के भीतर संचालित दस्तावेज धोखाधड़ी नेटवर्क को सक्षम बनाने के संदिग्धों तक भी पहुंचने की उम्मीद है।

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