गोवा में नीट प्रदर्शन में दिखे 'उमर खालिद' के पोस्टर: सीएम सावंत हुए सख्त; बोले- यहां नहीं चलेगा यह एजेंडा
नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान उमर खालिद की रिहाई की मांग वाले पोस्टर दिखाए जाने पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सख्त हो गए हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के नाम पर राज्य में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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गोवा में नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली की अनियमितताओं के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कथित रूप से उमर खालिद की रिहाई की मांग वाले पोस्टर दिखाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आयोजकों से पूछताछ की और दो युवकों को हिरासत में लिया। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि गोवा में राष्ट्रविरोधी एजेंडे को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ नहीं है।
क्या था विरोध प्रदर्शन और किसने किया आयोजन?
उजवाद एनजीओ ने शुक्रवार को मापुसा और शनिवार को पणजी में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे। इन प्रदर्शनों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शन का कारण परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताएं और नीट पेपर लीक का मामला बताया गया।
पुलिस ने कार्रवाई क्यों की?
पुलिस ने इस मामले में उजवाद एनजीओ की प्रमुख अमरीन शेख को मापुसा पुलिस थाने में तलब किया गया। शनिवार को नागरिकों के एक समूह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने उमर खालिद की रिहाई की मांग वाले पोस्टर दिखाए। शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया।
सीएम सावंत ने पुलिस की कार्रवाई पर क्या कहा?
वास्को में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ सही कार्रवाई की, जो कथित तौर पर उमर खालिद के समर्थन वाले पोस्टर लेकर खड़े थे। उन्होंने दावा किया कि उमर खालिद राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े पाए गए हैं, इसलिए ऐसे समर्थन को स्वीकार नहीं किया जा सकता। गोवा एक शांतिपूर्ण राज्य है और यहां की शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
नीट प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री ने क्या आपत्ति जताई?
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन का इस्तेमाल कथित तौर पर "राष्ट्रविरोधी एजेंडा" चलाने और उमर खालिद के प्रति सहानुभूति जताने के लिए किया गया।
क्या सरकार विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ है?
प्रमोद सावंत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए, इसे समझा जा सकता है। लेकिन यह देखना होगा कि गोवा में उमर खालिद की रिहाई का एजेंडा चलाने के लिए इन लोगों को कौन लेकर आया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर क्या बोले सावंत?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगना उचित नहीं था, क्योंकि उन्होंने ही नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई शुरू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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उमर खालिद किस मामले में जेल में हैं?
उमर खालिद को वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह उसी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।