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Hindi News ›   India News ›   Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju press conference after conclusion of Parliament Monsoon Sess

संसद का मानसून सत्र समाप्त: 'लोकसभा में 11 बिल पारित हुए, 39 फीसदी हुआ कामकाज', रिजिजू ने क्या-क्या बताया?

Thu, 13 Aug 2026 12:44 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 13 Aug 2026 12:44 PM IST
सार

संसद के मानसून सत्र का समापन गुरुवार को हो गया है। 19 दिन चले मानसून सत्र के दौरान हंगामे और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। मानसून सत्र के समापन के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-

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Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju press conference after conclusion of Parliament Monsoon Sess
केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

संसद का मानसून सत्र खत्म होने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र आज खत्म हो गया। रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कुल उत्पादकता 39 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में विपक्षी दलों के सांसद हंगामा करते थे। कई बार वे सदन से बाहर भी चले जाते थे।
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उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के दूसरे ज्यादातर दलों के सांसद और कुछ विपक्षी दलों के सांसद बहस और चर्चा में शामिल हुए। रिजिजू ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा की कुल उत्पादकता 39 फीसदी रही। वहीं, लोकसभा की उत्पादकता सिर्फ 19 फीसदी रही।
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रिजिजू ने बताया कि लोकसभा में 11 विधेयक पारित किए गए, सिर्फ एक विधेयक पर चर्चा की गई, जबकि राज्यसभा में सभी विधेयकों पर चर्चा की गई।  

लोकसभा में किस विधेयक पर हुई चर्चा?
रिजिजू ने कहा कि लोकसभा में इस सत्र के दौरान केवल एक विधेयक पर पूरी तरह चर्चा हो सकी। यह विधेयक सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और दूसरे अनुचित तरीकों को रोकने से जुड़ा लोक परीक्षा (अनुचित तरीकों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 था। इस संशोधन विधेयक का मकसद पेपर लीक, परीक्षा में संगठित नकल और अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को और सख्त करना है। यह 2024 के मौजूदा कानून में संशोधन करता है। संसद ने जुलाई के आखिर में इस विधेयक को मंजूरी दी थी।
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