कैरेबियाई सागर में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई: संदिग्ध ड्रग नाव पर हमला, तीन की मौत; ट्रंप अभियान पर फिर उठे सवाल
US Military Strike Drug Boat: कैरेबियाई सागर में अमेरिकी सेना ने कथित ड्रग तस्करी वाली नाव पर हमला कर तीन लोगों को मार गिराया। ट्रंप प्रशासन सितंबर से छोटे जहाजों को निशाना बना रहा है और अब तक 151 मौतें हो चुकी हैं। प्रशासन इसे ड्रग्स रोकने की जरूरी कार्रवाई बता रहा है, जबकि आलोचक इसकी वैधता और प्रभाव पर सवाल उठा रहे हैं।
विस्तार
कैरेबियाई सागर में अमेरिकी सेना ने सोमवार को एक कथित ड्रग तस्करी वाली नाव पर हमला किया। इस कार्रवाई में तीन लोगों की मौत हुई। अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कहा कि यह हमला मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। ट्रंप प्रशासन ने सितंबर की शुरुआत से छोटे जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था। तब से अब तक ऐसी कार्रवाइयों में कम से कम 151 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी सेना का कहना है कि खुफिया जानकारी से पुष्टि हुई थी कि नाव कैरेबियाई क्षेत्र में तस्करी के रास्ते पर चल रही थी। सेना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें एक छोटे इंजन वाली नाव को नष्ट होते दिखाया गया। हालांकि यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया कि नाव में वास्तव में ड्रग्स थे या नहीं।
ट्रंप का सख्त रुख
मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिकी कार्टेल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में है। उनके अनुसार यह कार्रवाई अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए जरूरी है। ट्रंप प्रशासन ऐसे समूहों को “नार्को-आतंकी” कहता है और सैन्य कार्रवाई को उचित ठहराता है।
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कानूनी वैधता पर सवाल
इन हमलों की कानूनी स्थिति पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस तरह की सैन्य कार्रवाई की वैधता स्पष्ट नहीं है। पहले भी खुलासा हुआ था कि शुरुआती हमले के बाद बचे लोगों को दोबारा निशाना बनाया गया। इस पर डेमोक्रेटिक नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
ड्रग तस्करी का बड़ा सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में फैली फेंटेनिल संकट की जड़ें मुख्य रूप से मैक्सिको से आने वाली तस्करी में हैं। यह ड्रग रसायनों के जरिए तैयार होती है, जिनमें कुछ सामग्री चीन और भारत से आती है। आलोचकों का तर्क है कि समुद्र में छोटी नावों पर हमले समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं।
बढ़ती मौतें और बहस
सितंबर से अब तक 40 से अधिक हमलों में 151 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन इसे सुरक्षा की जरूरत बता रहा है, जबकि विरोधी दल इसे मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय कानून का मुद्दा बना रहे हैं। कैरेबियाई क्षेत्र में यह अभियान अब अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
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