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US Iran Row: हमले के लिए तैयार अमेरिका? लेबनान से गैर-जरूरी राजनयिकों को लौटने का आदेश; मध्य-पूर्व में हलचल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 24 Feb 2026 12:44 AM IST
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सार

अमेरिका ने बढ़ते ईरान तनाव के बीच बेरूत स्थित दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को लेबनान छोड़ने का आदेश दिया। 
 

US Orders Nonessential Diplomats to Leave Lebanon Amid Rising Iran Tensions
ट्रंप और खामेनेई - फोटो : एएनआई
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विस्तार

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने सोमवार को आदेश जारी कर बेरूत स्थित अमेरिकी दूतावास से गैर-जरूरी राजनयिकों और उनके परिवारों को लेबनान छोड़ने के निर्देश दिए हैं।

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विभाग की ओर से जारी ट्रैवल अलर्ट में कहा गया है कि बेरूत की सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। दूतावास में अब केवल आवश्यक कर्मी ही तैनात रहेंगे और उनके देश के भीतर आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दूतावास पूरी तरह बंद नहीं होगा और यह कदम अस्थायी है।
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क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्रीय सुरक्षा पर लगातार समीक्षा के बाद यह कदम एहतियातन उठाया गया है। लेबनान लंबे समय से ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला की गतिविधियों का केंद्र रहा है। अमेरिका पहले भी बेरूत में अपने ठिकानों पर हमलों का सामना कर चुका है। ऐसे में दूतावास से कर्मचारियों की वापसी को अक्सर संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जाता है। पिछले वर्ष भी मध्य-पूर्व के कई देशों में इसी तरह का आदेश जारी किया गया था, ठीक उससे पहले जब तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई का निर्देश दिया था।

सैन्य जमावड़ा और कूटनीतिक कोशिशें साथ-साथ
अमेरिका ने हाल के हफ्तों में मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। एक और एयरक्राफ्ट कैरियर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान परमाणु कार्यक्रम पर संतोषजनक समझौता नहीं करता, तो सैन्य विकल्प पर विचार किया जा सकता है। इसी बीच ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच अगला परमाणु वार्ता दौर जिनेवा में होने की संभावना है। ईरान के वरिष्ठ राजनयिक अब्बास अराघची ने भी संकेत दिया है कि कूटनीतिक समाधान की संभावना अभी बनी हुई है।



क्या बढ़ेगा मध्य-पूर्व संकट?
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी का असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ सकता है। लेबनान में दूतावास कर्मचारियों की संख्या घटाने का फैसला यह संकेत देता है कि वॉशिंगटन किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है। हालांकि कूटनीतिक वार्ताएं जारी हैं, लेकिन सैन्य विकल्पों पर खुली चर्चा से क्षेत्र में अनिश्चितता और बढ़ गई है। फिलहाल दुनिया की नजर जिनेवा वार्ता और अमेरिका की आगे की रणनीति पर टिकी है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों से कहा- तुरंत ईरान से निकलें

गौरतलब है कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को किसी भी तरीके से तुरंत ईरान से निकलने की सलाह दी है। इससे पहले विदेश मंत्रालय ने 14 जनवरी को भी एडवाइजरी जारी कर सभी नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों से कहा कि वे सावधानी बरतें, प्रदर्शन वाली जगह जानें से बचें और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहे।  

  • दूतावास ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। जो हैं- +989128109115, 989128109109, 989128109102, 989932179359।
  • साथ ही विदेश मंत्रालय ने एडवाइजरी में एक ईमेल cons.tehran@mea.gov.in भी जारी किया है। 

 

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