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वंदे भारत स्लीपर का नया अवतार जल्द दिखेगा: ट्रेन में यात्रियों के लिए 24 कोच, जानें रेलवे ने क्यों लिया फैसला?

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 31 Jan 2026 07:33 PM IST
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Vande Bharat sleeper trains new avatar soon 24 coaches for passengers Find why railways took this decision
वंदे भारत एक्सप्रेस (फाइल) - फोटो : रेलवे मंत्रालय
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देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद बनती रही है। गुवाहाटी टू हावड़ा रूट पर चलने वाली ये ट्रेन को यात्रियों को जबरदस्त रिस्पांस देखने को मिल रहा है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस ट्रेनों की सभी सीटें फुल चल रही है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके। इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि वंदे भारत स्लीपर पारंपरिक स्लीपर ट्रेनों को कड़ी टक्कर देने वाली है।
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रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यात्रियों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए रेलवे लगातार अहम कदम उठा रहा है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए रेलवे ने स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के संचालन के कुछ दिनों के भीतर ही इसकी क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कदम का मकसद अधिक से अधिक यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कराना है।
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फिलहाल 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 823 बर्थ उपलब्ध हैं, लेकिन 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर में बर्थ की संख्या बढ़कर 1,224 हो जाएगी। यानी नई ट्रेन में करीब एक-तिहाई ज्यादा बर्थ मिलेंगी। इसका सीधा फायदा यात्रियों को होगा, क्योंकि अगली बार वंदे भारत स्लीपर से सफर करने पर वे लंबी ट्रेन में ज्यादा आराम और सुविधा के साथ यात्रा का अनुभव ले सकेंगे। रेलवे के मुताबिक 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में मेक इन इंडिया पहल के तहत किया जाएगा। हाल ही में शुरू की गई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों की भारी मांग देखने को मिल रही है और इनका ऑक्यूपेंसी रेट 100 प्रतिशत से भी ज्यादा बना हुआ है। इसी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए रेलवे ने ज्यादा क्षमता वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की योजना बनाई है।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक इस ट्रेन का पहला प्रोटोटाइप 2026 के अंत तक तैयार होने की संभावना है। प्रस्तावित रेक में कुल 24 कोच होंगे, जिनमें 17 एसी थ्री-टियर कोच, 5 एसी टू-टियर कोच, 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच और 1 एसी पैंट्री कार शामिल की जाएगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को ज्यादा विकल्प और बेहतर सुविधा मिलेगी। नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक फीचर्स जोड़े जाएंगे। इसमें आरामदायक बर्थ, पढ़ने के लिए अलग लाइट, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई आधारित यात्री सूचना और इंटरटेनमेंट सिस्टम की सुविधा होगी। इसके अलावा वैक्यूम टॉयलेट, ज्यादा सामान रखने की जगह, आधुनिक इंटीरियर और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष टॉयलेट व रैंप की व्यवस्था भी की जाएगी।

अब तक वंदे भारत ट्रेनों में 8, 16 और 20 कोच वाले रैक ही चलाए जा रहे हैं, लेकिन 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर इस श्रेणी की पहली ट्रेन होगी। इसी वजह से इसे अब तक की सबसे अलग और सबसे बड़ी वंदे भारत ट्रेन माना जा रहा है। इस ट्रेन में एडवांस्ड इंजन और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम लगाए जाएंगे। साथ ही रिजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक से बिजली की बचत होगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक होगी।

वंदे भारत स्लीपर में यात्रा करने वाले यात्रियों को थर्ड एसी के लिए 2.4 रुपये प्रति किलोमीटर, सेकंड एसी के लिए 3.1 रुपये प्रति किलोमीटर और फर्स्ट एसी के लिए 3.8 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से किराया देना पड़ता है। जबकि 400 किलोमीटर तक की दूरी के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का न्यूनतम किराया थर्ड एसी का 960 रुपये, सेकंड एसी का 1,240 रुपये और फर्स्ट एसी का 1,520 रुपये है। इनमें जीएसटी अलग से लगाया जाता है।
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