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Maharashtra Deputy CM: Defeated by Supriya Sule, she has now become the Deputy Chief Minister of Maharashtra –
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सुप्रिया सुले से मिली हार, अब बन गईं महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम, ये है सुनेत्रा पवार की कहानी
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Sat, 31 Jan 2026 08:41 PM IST
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महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद से राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल है। विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद न सिर्फ एनसीपी बल्कि महायुति सरकार के भीतर भी नए नेतृत्व को लेकर मंथन तेज हो गया। इसी कड़ी में अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। इसी के साथ आज ही सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम पद की शपथ भी ले ली।
महाराष्ट्र के इतिहास में यह पहला मौका है, जब कोई महिला उपमुख्यमंत्री पद बनी हो।
कौन हैं सुनेत्रा पवार?
सुनेत्रा पवार का जन्म 1963 में उस्मानाबाद जिले (अब धाराशिव) में एक मराठी परिवार में हुआ था। उन्होंने औरंगाबाद स्थित एसबी कॉलेज (अब छत्रपति संभाजीनगर) से बी.कॉम की पढ़ाई की। राजनीति से दूरी बनाए रखने वाली सुनेत्रा लंबे समय तक सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं।
पवार परिवार में आने के बाद भी उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से दूर रखा और सामाजिक विकास के कामों पर ध्यान केंद्रित किया। बारामती के पास पवार परिवार के पैतृक गांव काठेवाड़ी में उन्होंने साफ-सफाई, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अहम पहल की। उनके प्रयासों का नतीजा यह रहा कि वर्ष 2006 में काठेवाड़ी को ‘निर्मल ग्राम’ घोषित किया गया और गांव खुले में शौच से मुक्त बना।
रोजगार और महिला सशक्तिकरण पर फोकस
सुनेत्रा पवार का नाम बारामती के हाईटेक टेक्सटाइल पार्क से भी जुड़ा रहा है। वर्ष 2008 में उन्होंने 65 एकड़ में फैले इस टेक्सटाइल पार्क की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। केंद्र सरकार की टेक्सटाइल पार्क स्कीम के तहत बने इस प्रोजेक्ट से आज करीब 15 हजार लोगों को रोजगार मिला है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हैं। कपड़ा उद्योग, सिलाई, बुनाई और कढ़ाई जैसे क्षेत्रों में काम कर रहीं इन महिलाओं के लिए यह परियोजना आत्मनिर्भरता की मिसाल मानी जाती है। इस पूरे प्रोजेक्ट की अध्यक्षता खुद सुनेत्रा पवार ने की।
राजनीति से पुराना नाता
भले ही सुनेत्रा पवार ने सक्रिय राजनीति में देर से कदम रखा हो, लेकिन उनका पारिवारिक बैकग्राउंड पूरी तरह राजनीतिक रहा है। उनके पिता बाजीराव पाटिल महाराष्ट्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वहीं उनके भाई पदमसिंह बाजीराव पाटिल 1980 के दशक में राज्य की राजनीति के सबसे ताकतवर चेहरों में शामिल थे। वे कई बार विधायक और सांसद रहे और महाराष्ट्र के गृह मंत्री भी बने। उनकी पहचान एक दबंग और निर्णायक नेता के तौर पर रही।
अजित पवार से शादी की कहानी
सुनेत्रा की शादी 1985 में अजित पवार से हुई। इस रिश्ते की नींव भी राजनीति में ही पड़ी। उस दौर में पदमसिंह पाटिल और शरद पवार के बीच गहरी दोस्ती थी। यही दोस्ती बाद में रिश्तेदारी में बदली और शरद पवार के भतीजे अजित पवार के साथ सुनेत्रा का विवाह तय हुआ। अजित और सुनेत्रा के दो बेटे हैं—पार्थ पवार और जय पवार।
बेटे पार्थ और जय
पार्थ पवार 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार मिली थी। पार्थ उस वक्त चर्चा में आए जब उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच की मांग को लेकर तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखा था, जो उस समय महाविकास अघाड़ी सरकार की लाइन से अलग माना गया। छोटे बेटे जय पवार फिलहाल राजनीति से दूर हैं और उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
राजनीति में एंट्री और संसदीय सफर
सुनेत्रा पवार की सक्रिय राजनीति में एंट्री 2023 के अंत में एनसीपी के विभाजन के बाद हुई। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती से एनसीपी (अजित गुट) के टिकट पर चुनाव लड़ा, जहां उनका मुकाबला शरद पवार की बेटी और अपनी ननद सुप्रिया सुले से हुआ। यह चुनाव पवार परिवार के भीतर राजनीतिक विभाजन का प्रतीक बना, हालांकि सुनेत्रा को इसमें हार मिली।
इसके बाद जून 2024 में उन्हें राज्यसभा के लिए नामित किया गया। राज्यसभा में उनका प्रदर्शन सक्रिय रहा है। उन्होंने अब तक 126 सवाल पूछे हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। कृषि, पश्चिमी घाट संरक्षण, रेलवे परियोजनाएं और नासिक कुंभ मेला 2027 जैसे मुद्दे उनके प्रमुख विषय रहे हैं। फरवरी 2025 में उन्हें राज्यसभा के उप-सभापतियों के पैनल में भी शामिल किया गया।
28 जनवरी को अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत ने महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर दिया। इसके बाद एनसीपी (अजित गुट) के नेतृत्व और सरकार में खाली पद को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। शनिवार को सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता चुना गया। अब अगर वे डिप्टी सीएम बनती हैं, तो न सिर्फ यह एक राजनीतिक विरासत का विस्तार होगा, बल्कि महाराष्ट्र को उसकी पहली महिला उपमुख्यमंत्री भी मिलेगी।
महाराष्ट्र में अब ‘वहिनी’ के नाम से पहचानी जाने वाली सुनेत्रा पवार को समर्थक एक नई और निर्णायक राजनीतिक शक्ति के तौर पर देख रहे हैं।
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